Gwalior News: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल समूह के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां नेफ्रोलॉजी विभाग में पदस्थ एक महिला नर्सिंग ऑफिसर ने दो सीनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कंपू थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि डॉक्टरों ने उसका हाथ पकड़कर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और जातिगत अपमान किया।
दो डॉक्टरों पर केस दर्ज
शिकायत के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर शिवम यादव और सुपरिंटेंडेंट डॉ. गिरजा शंकर गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 354 (महिलाओं पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 506 (आपराधिक धमकी) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(r) व 3(1)(s) के तहत मामला दर्ज किया है।
जातिगत टिप्पणी और धमकी का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि डॉक्टर शिवम यादव ने अपने चैंबर में उसका हाथ पकड़ लिया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। जब उसने विरोध किया, तो डॉक्टर ने कहा कि अगर वह सुपरिंटेंडेंट डॉ. गिरजा शंकर गुप्ता को “खुश रखेगी” तो उसकी नौकरी सुरक्षित रहेगी।
विरोध करने पर आरोपी डॉक्टरों ने धमकी दी कि “अगर बात नहीं मानी तो तुम्हारा हाल कोलकाता रेप केस की पीड़िता जैसा होगा।”
महिला ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से हैं। आरोपी डॉक्टरों ने उसके साथ जातिगत शब्दों से अपमान किया। इससे वह मानसिक रूप से टूट गई और अंततः उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच
कंपू थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत FIR दर्ज की और दोनों डॉक्टरों की तलाश शुरू कर दी है। एसपी ने कहा कि “जांच निष्पक्ष होगी, और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पीड़िता को सुरक्षा भी दी गई है।
पीड़िता का बयान
पीड़िता ने कहा: “मैं नौकरी करने आई थी, लेकिन प्रताड़ना झेलनी पड़ी। जाति के कारण अपमान सहा और धमकी से डरती रही। अब न्याय की उम्मीद में शिकायत की है।”
पिछले दिनों भिंड में भी ऐसा ही मामला
इससे पहले भिंड जिले में भी एक सीनियर डॉक्टर पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। लगातार ऐसे मामलों ने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
READ MORE: थार कांड के पीड़ितों से मिले दिग्विजय सिंह, रास्ते में हंसी-मजाक का वीडियो वायरल..