Haq film : मध्यप्रदेश में शाह बानो बेगम के परिवार ने आगामी फिल्म हक के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है। शाह बानो की बेटी सिद्दीका बेगम खान ने सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर कर फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की।
उनका कहना है कि फिल्म निर्माताओं ने उनकी माँ की पहचान और निजी जीवन से जुड़े पहलुओं का उपयोग बिना अनुमति किया है। अब मामले की सुनवाई मंगलवार को जारी रहेगी।
फिल्म हक सात नवंबर को रिलीज़ होनी है। यह अहमद खान बनाम शाह बानो बेगम केस और 1985 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से प्रेरित बताई जा रही है। इस फैसले में कहा गया था कि सीआरपीसी की धारा 125 मुस्लिम महिलाओं पर भी लागू होती है । तलाक के बाद भी गुजारा भत्ता मिल सकता है।
क्या है याचिकाकर्ता का आरोप
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील तौसीफ वारसी ने अदालत में दलील दी कि फिल्म का कंटेंट शाह बानो के निजी जीवन को आधार बनाकर तैयार किया गया है। उनकी दलील है कि शाह बानो के परिवार से लिखित अनुमति नहीं ली गई। फिल्मांकन से पहले कोई सहमति नहीं मांगी गई। वारसी ने कहा कि फिल्म में कुछ ऐसे निजी पल शामिल हैं जिनका सार्वजनिक खुलासा उचित नहीं है।
वारसी ने ट्रेलर और टीज़र को अपमानजनक बताया। साथ ही कहा कि दिखाई गई घटनाएं वास्तविक नहीं हैं बल्कि काल्पनिक प्रस्तुति है। उन्होंने कहा कि पहचान वास्तविक है लेकिन घटनाएं काल्पनिक दिखाई गई हैं।
फिल्म निर्माताओं का पक्ष
सीबीएफसी के वकील ने कहा कि फिल्म को काल्पनिक मानते हुए प्रमाणित किया गया है। सार्वजनिक रिकॉर्ड से प्रेरित कंटेंट के लिए अनुमति लेना अनिवार्य नहीं है। वकील ने कहा कि टीज़र में फिल्म को बायोपिक नहीं बताया गया है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रेरित कहा गया है।
निर्माता जंगली मूवीज के वकील ने बताया कि फिल्म में अस्वीकरण शामिल है। यह भारत की बेटी पुस्तक तथा सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आधारित है। अदालत ने अस्वीकरण को रिकॉर्ड पर रखने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि मंगलवार को फिल्म के अस्वीकरण की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही आगे का निर्णय होगा।