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सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग, पीएम मोदी ने बताई मजबूत होती भूमिका

नई दिल्ली भारत ने वैश्विक टेक्नोलॉजी दुनिया में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। Sanand में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने केयन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) सुविधा का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत अब तेजी से एक भरोसेमंद सेमीकंडक्टर सप्लायर के रूप में उभर रहा है और वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।

‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ बना गेमचेंजर

प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को India Semiconductor Mission की सफलता से जोड़ते हुए कहा कि 2021 में शुरू किया गया यह मिशन केवल एक नीति नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इस मिशन के तहत देश के छह राज्यों में करीब 1.60 लाख करोड़ रुपये के 10 बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है, जो आने वाले समय में भारत को चिप निर्माण का बड़ा हब बना सकते हैं।

तेजी से विकसित हो रहा सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम

पीएम मोदी ने हाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि 28 फरवरी को Micron Technology के प्लांट में उत्पादन शुरू हुआ और अब 31 मार्च को Kaynes Technology के सेमीकंडक्टर प्लांट ने भी काम शुरू कर दिया है। उन्होंने इसे संयोग नहीं, बल्कि भारत के तेजी से विकसित होते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का प्रमाण बताया।

ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की बढ़ती भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत की अपनी कंपनियां भी सेमीकंडक्टर निर्माण में आगे आ रही हैं और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। Kaynes Technology का यह कदम भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ को मिल रही मजबूती

पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि आज का दौर केवल आर्थिक प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकों को दिशा देने का समय है। भारत अब सिर्फ बदलाव को देख नहीं रहा, बल्कि उसका नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़ रहा है। ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ का विजन अब जमीन पर उतरता दिखाई दे रहा है।

भविष्य की टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी भूमिका

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत की कई कंपनियां अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को और मजबूत करेंगी। इस दशक में उठाए गए कदम आने वाले दशकों में भारत को टेक्नोलॉजी लीडर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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