India REIT market: नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी के बाद भारत का सूचीबद्ध रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) बाजार तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2020 में इसका आकार 27,100 करोड़ रुपए था, जो वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह जानकारी सीबीआरई इंडिया रिसर्च की हालिया रिपोर्ट में सामने आई है।
आरईआईटी की तेजी का कारण
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वृद्धि की शुरुआत उस समय हुई जब वित्त वर्ष 2020 में देश का पहला आरईआईटी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुआ। इसके बाद नए आरईआईटी की लिस्टिंग और पहले से मौजूद आरईआईटी के यूनिट प्राइस में लगातार बढ़ोतरी ने बाजार की रफ्तार को और तेज किया। रिपोर्ट के अनुसार, सूचीबद्ध आरईआईटी में से चार आरईआईटी ने वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही से लेकर वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के बीच 20 प्रतिशत से अधिक सालाना बढ़ोतरी दर्ज की।
नियामकीय बदलाव से बाजार को मिलेगी मजबूती
सीबीआरई इंडिया के चेयरमैन और सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिर आर्थिक माहौल के बावजूद भारत का आरईआईटी बाजार निवेशकों को लगातार बेहतर रिटर्न देता रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2026 और उसके बाद आरईआईटी के उपयोग को बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण नियामकीय बदलाव किए जा रहे हैं:
सेबी की नई वर्गीकरण नीति: जनवरी 2026 से आरईआईटी को हाइब्रिड इंस्ट्रूमेंट की जगह इक्विटी से जुड़े निवेश साधन के रूप में वर्गीकृत किया गया। इससे म्यूचुअल फंड और विशेष निवेश फंड की भागीदारी बढ़ेगी और बाजार में तरलता बेहतर होगी।
आरबीआई का प्रस्ताव: भारतीय रिजर्व बैंक ने कमर्शियल बैंकों को सीधे आरईआईटी को कर्ज देने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। इससे आरईआईटी का ढांचा इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनवीआईटी) के अनुरूप हो जाएगा।
सरकारी संपत्तियों का मॉनेटाइजेशन: केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने सीपीएसई की व्यावसायिक रियल एस्टेट संपत्तियों को आरईआईटी के जरिए मॉनेटाइज करने की योजना बनाई है। इससे निवेशकों को सरकारी समर्थन वाले एसेट में निवेश का अवसर मिलेगा और सरकारी संपत्तियों का वास्तविक मूल्य सामने आएगा।
भारत का एसएम आरईआईटी बाजार
सीबीआरई इंडिया रिसर्च के अनुसार, भारत का एसएम आरईआईटी बाजार 75 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है। इस वृद्धि में 500 मिलियन वर्ग फुट से ज्यादा ऑफिस, लॉजिस्टिक्स और रिटेल संपत्तियों का योगदान होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑफिस सेक्टर आरईआईटी निवेश के लिए सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला सेगमेंट है, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत निवेशक निवेश करने की इच्छा जता चुके हैं।
लिस्टेड आरईआईटी: निवेशकों के लिए नया विकल्प
फिलहाल भारत के शेयर बाजार बीएसई और एनएसई पर पांच आरईआईटी लिस्टेड हैं। ये निवेशकों को रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने का नया और सुरक्षित विकल्प प्रदान कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आरईआईटी में लंबी अवधि का निवेश करने से स्थिर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ती है और यह निवेशकों के पोर्टफोलियो को विविधता प्रदान करता है।
कोविड के बाद भारत का लिस्टेड आरईआईटी मार्केट न केवल तेजी से बढ़ा है, बल्कि नियामकीय बदलाव और सरकारी समर्थन के कारण यह भविष्य में और विस्तार की ओर बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए यह बाजार स्थिर रिटर्न और लंबी अवधि के अवसर दोनों प्रदान करता है।