Indore MY Hospital: इंदौर। महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के मामले में जांच समिति ने बड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है। कमेटी की रिपोर्ट में अस्पताल के डीन और अधीक्षक को भी लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया है। यह रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी गई है।
लापरवाही पर भारी पड़ा पेस्ट कंट्रोल घोटाला (Indore MY Hospital)
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल के लिए ठेकेदार कंपनी को हर महीने 2 करोड़ 20 लाख 46 हजार 415 रुपये का भुगतान किया जा रहा था, इसके बावजूद अस्पताल परिसर में चूहों का आतंक बना रहा। कमेटी ने माना कि कंपनी ने अपने काम में लापरवाही बरती, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ।
कई अधिकारियों पर कार्रवाई (Indore MY Hospital)
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. घनघोरिया ने तुरंत एक्शन लेते हुए नर्सिंग ऑफिसर आकांक्षा बेंजामिन और श्वेता चौहान को निलंबित कर दिया।
साथ ही सहायक प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर कलावती बलावी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पीआईसीयू प्रभारी नर्सिंग ऑफिसर प्रवीणा सिंह और पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के प्राध्यापक डॉ. मनोज जोशी को भी नोटिस थमाया गया।
पेस्ट कंट्रोल एजेंसी पर जुर्माना (Indore MY Hospital)
जांच के बाद पेस्ट कंट्रोल एजेंसी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं नर्सिंग सुपरिटेंडेंट मारग्रेट जोसेफ को पद से हटाकर उनकी जगह सिस्टर दयावती दयाल को नया सुपरिटेंडेंट नियुक्त किया गया।
मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय (Indore MY Hospital)
घटना की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। आयोग ने अस्पताल अधीक्षक को एक महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।
इस मामले की जांच उच्चस्तरीय समिति ने की, जिसमें डॉ. एस.बी. बंसल, डॉ. शशि शंकर शर्मा, डॉ. अरविंद शुक्ला, डॉ. निर्भय मेहता, डॉ. बसंत निगवाल और सिस्टर दयावती दयाल शामिल थे।
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