Chambalkichugli.com

JABALPUR CONTAMINATED WATER: एनजीटी में याचिका हुई दायर, जबलपुर में सप्लाय हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने के योग्य नहीं,

JABALPUR CONTAMINATED WATER: जबलपुर । एनजीटी नें मंगलवार को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में एक याचिका लगाई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि जबलपुर के घरों में सप्लाई हो रहा 47 प्रतिशत पानी पीने लायक नहीं है।

द्वारका हादसा: साहिल की मां ने आरोपी परिवार की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की, कहा – ‘इमोशनल ड्रामा कर रहे हैं, बचने नहीं दूंगी’

याचिका में बताया गया है कि जल जीवन मिशन द्वारा केन्द्र सरकार को प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में पानी अत्यंत दूषित पाया गया है। ऐसी गंभीर स्थिति की जांच उच्च स्तरीय समिति गठित कर तत्काल कराया जाना चाहिए।

याचिकाकर्ता के एड. प्रभात यादव तथा एड. तरूण रावत ने बताया कि चिन्ता का विषय है कि पेयजल सप्लाय की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली-नालों से गुजरने बावजूद भी उन्हें हटाया या बदलने हेतु न तो ऐसी लाईनों को अभी तक चिन्हित किया गया न ही इस पूरे कार्य हेतु डी.पी.आर. बनाया गया है। अतः तत्काल इस संबंध में आदेश दिया जाये, जिससे पाईप लाईनों को लिकेजेस दुरूस्त होकर 100 प्रतिशत शुद्ध पानी नागरिकों को मिल सके।

यह याचिका डॉ. पीजी नाजपांडे तथा रजत भार्गव द्वारा मंगलवार को दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि जबलपुर में पीने के पानी की 80 प्रतिशत पाईप लाईनें नाली, नालों से गुजरती है। डिस्ट्रीब्यूशन लाईन की उम्र औसतन 20 वर्ष की होती है, लेकिन पिछले 50 वर्षों से यह पाईप लाईनें बदली नहीं गई है। जबकि इन्हीं पुरानी पाईप लाइनों में बारंबार लिकेज होने से पेयजल दूषित हो रहा है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *