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खरमास 2026: 15 मार्च से शुरू, इन मंत्रों से पाएं विष्णु और सूर्य देव की विशेष कृपा


नई दिल्ली। 2026 का खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय आध्यात्मिक उन्नति, जप-तप और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

खरमास की शुरुआत

15 मार्च को सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे।

इस समय से धार्मिक अनुष्ठान और मंत्र जप करने का विशेष महत्व होता है।

खरमास के दौरान लाभ:

विष्णु और सूर्य देव के मंत्रों का नियमित जप आरोग्य, धन, यश और मानसिक शांति दिलाता है।

नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है।

दान-पुण्य और धार्मिक पाठ का प्रभाव कई गुना माना गया है।

भगवान विष्णु के प्रमुख मंत्र:

ॐ नमोः नारायणाय॥

ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

विष्णु गायत्री: ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

शान्ताकार मंत्र:

शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
सूर्य देव के मंत्र:

ॐ सूर्यनारायणायः नमः।

ऊँ घृणि सूर्याय नमः

सूर्य देव के 12 दिव्य मंत्र (Surya Dwadash Mantra):

ॐ मित्राय नमः
ॐ रवये नमः
ॐ सूर्याय नमः
ॐ भानवे नमः
ॐ खगाय नमः
ॐ पूष्णे नमः
ॐ हिरण्यगर्भाय नमः
ॐ मरीचये नमः
ॐ आदित्याय नमः
ॐ सवित्रे नमः
ॐ अर्काय नमः
ॐ भास्कराय नमः
खरमास में अवश्य करें ये कार्य:

विष्णु सहस्रनाम का पाठ – बाधाओं से मुक्ति और सुख-शांति।

श्रीमद्भागवत गीता का पाठ – मानसिक और आध्यात्मिक विकास।

सत्यनारायण कथा का पाठ – श्रीहरि की विशेष कृपा और पारिवारिक समृद्धि।

विशेष टिप: खरमास के दौरान नियमित जप, दान और धार्मिक अनुष्ठान से जीवन में न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।

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