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मध्यप्रदेश: फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह पर ATS का शिकंजा, लाखों का सौदा हुआ उजागर


जबलपुर में फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में एटीएस ATS ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता से 5 अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के नाम जिया उल रहमान, सुल्तान, मो.रजा खान और सैयद मोह.जफर खान हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को जबलपुर लाया गया, जहां उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

जबलपुर के अफगानी नागरिक सोहबत खान के जरिए यह पूरा खेल सामने आया। जानकारी के अनुसार, यह अफगानी नागरिक साल 2024 में ढाई लाख रुपए में फर्जी पासपोर्ट बनवाने की सुविधा प्रदान करता था। इस घोटाले के माध्यम से कई अफगानी नागरिक भारत में फर्जी पहचान बनाकर रहते थे। गिरफ्तार आरोपी कई साल पहले भारत आए थे और फर्जी पासपोर्ट बनवाने के बाद कोलकाता में रहकर सूदखोरी और अन्य अवैध धंधों में लिप्त हो गए थे।

इससे पहले भी जबलपुर में 3 अफगानी और उनके 3 मददगारों को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2025 में छोटी ओमती क्षेत्र से अफगानी नागरिक सोहबत खान को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। इस गिरोह ने कई नागरिकों को फर्जी पासपोर्ट बनवाकर उनकी पहचान बदलने में मदद की थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला गंभीर चिंता का विषय बन गया।

गिरफ्तारी के बाद रविवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 25 फरवरी तक रिमांड पर भेज दिया। पुलिस और एटीएस इस मामले में आगे और गहन जांच कर रहे हैं ताकि पूरे गिरोह और उसके नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

जबलपुर में इस कार्रवाई ने आम जनता में भी चर्चा पैदा कर दी है। अफगानी नागरिकों के फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला सुरक्षा और पहचान प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करता है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में जांच और गिरफ्तारी समय पर करना बेहद जरूरी है ताकि फर्जी दस्तावेजों का कारोबार पूरी तरह से रुक सके।

एटीएस ने बताया कि इस गिरोह के माध्यम से लाखों रुपए का कारोबार होता था। फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले इस गिरोह के सदस्य लोगों को गलत तरीके से भारत में रहने, बैंकिंग लेनदेन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में लाभ पहुंचाते थे। जबलपुर पुलिस और एटीएस के संयुक्त प्रयास से इस गिरोह का नेटवर्क धीरे-धीरे उजागर हो रहा है।इस पूरे मामले में अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही अन्य हिस्सों और शहरों में भी इस गिरोह से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट जैसे मामलों में समय रहते कार्रवाई न होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक प्रणाली पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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