मार्च से मई तक सामान्य से ज्यादा तापमान
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को जारी अपने अपडेट में संकेत दिया है कि मार्च से मई के बीच प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी होगी और इसका असर मार्च से ही दिखाई देने लगेगा। हालांकि, लू का प्रभाव अप्रैल और मई में अधिक तीव्र रहने का अनुमान है, जब कई इलाकों में भीषण गर्मी पड़ सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मार्च के पहले सप्ताह में हल्की बारिश के आसार भी जताए गए हैं। दरअसल, 4 मार्च की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका प्रभाव दो दिन बाद मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके चलते प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इस सिस्टम के असर से दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना भी व्यक्त की है।
30 शहरों में 30 डिग्री के पार पहुंचा पारा
शनिवार को प्रदेश के 30 शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में 32.4 डिग्री, इंदौर में 31.1 डिग्री, ग्वालियर में 32.5 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। सबसे अधिक तापमान खरगोन में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा।
मार्च में दिखेगा तीनों मौसम का असर
पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश में मार्च के दौरान दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, साथ ही हल्की बारिश का ट्रेंड भी देखने को मिलता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही मौसम रहने के संकेत हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 10 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर में मार्च के दौरान मौसम में सबसे अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, जहां रात का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड का असर बना रहता है।
अप्रैल-मई में पड़ेगी सबसे ज्यादा गर्मी
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस वर्ष अप्रैल और मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। इन दो महीनों के दौरान ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।
फरवरी में चार बार बदला मौसम
इससे पहले फरवरी में मौसम ने चार बार करवट बदली। महीने की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर चला, जिससे फसलों को भारी नुकसान हुआ और सरकार को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराना पड़ा। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश हुई, जिसका असर 19, 20 और 21 फरवरी तक रहा। इसके बाद 23 और 24 फरवरी को चौथी बार ओले और बारिश का दौर देखने को मिला।