MP NEWS: नर्मदापुरम । नर्मदापुरम जिले के माखननगर स्थित चीलाचौंन के एकलव्य वेयरहाउस से सरकारी मूंग की बड़ी चोरी का मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और वेयरहाउस प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि वेयरहाउस में रखे सरकारी स्टॉक में से दो स्टॉक पूरी तरह गायब पाए गए जिनमें करीब 10 हजार 200 से अधिक बोरियां मूंग की थीं। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 4 करोड़ 25 लाख रुपए बताई जा रही है।
मामले की गंभीरता तब सामने आई जब 13 फरवरी 2026 को माखननगर ब्रांच मैनेजर हेमंत नाथ ने वेयरहाउस से दो स्टॉक मूंग गायब होने की सूचना विभागीय अधिकारियों को दी। इसके बाद तहसीलदार एमपी वेयरहाउसिंग के क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरटे और जिला वेयरहाउसिंग प्रबंधक वासुदेव दवंडे सहित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। तीन दिनों तक वेयर संचालक की अनुपस्थिति के बाद प्रशासन की मौजूदगी में वेयरहाउस का ताला तोड़ा गया। अंदर निरीक्षण करने पर दो स्टॉक मूंग पूरी तरह गायब मिले।
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जानकारी के अनुसार वेयरहाउस के अंदर कुल दस स्टॉक मूंग रखी गई थी। इनमें से दो स्टॉक के गायब होने से यह स्पष्ट है कि बड़ी मात्रा में अनाज की निकासी बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के की गई है। इतनी बड़ी संख्या में बोरियों की चोरी होना अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करता है क्या यह अंदरूनी मिलीभगत का मामला है? क्या निगरानी व्यवस्था पूरी तरह विफल रही? और सबसे बड़ा सवाल प्रशासन को इतनी बड़ी गड़बड़ी की जानकारी समय रहते क्यों नहीं हुई?
मामले में एक और दिलचस्प पहलू यह है कि सरकारी मूंग एक निजी एकलव्य वेयरहाउस में रखी गई थी। बताया जा रहा है कि वेयरहाउस मालिक आरती तोमर का एपी कॉर्पोरेशन वेयरहाउसिंग के साथ अनुबंध है जिसके तहत सरकारी अनाज की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी वेयरहाउस संचालक की होती है। हालांकि वेयर संचालक ने माखननगर थाने में आवेदन देकर विभागीय अधिकारियों और ब्रांच मैनेजर पर ही मूंग चोरी कराने का आरोप लगाया है।
वेयरहाउस की एक-एक चाबी मालिक और प्रबंधक के पास होने की बात सामने आई है जिससे संदेह और गहरा हो गया है। यदि दोनों पक्षों के पास चाबी थी तो इतनी बड़ी मात्रा में मूंग बाहर कैसे चली गई? क्या स्टॉक रजिस्टर और भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी थी? या फिर यह सुनियोजित ढंग से की गई बड़ी चोरी है?
वेयरहाउसिंग क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल सोरटे ने बताया कि एसडीएम तहसीलदार और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि वेयर संचालक को कई बार मौके पर उपस्थित होने के लिए कहा गया था लेकिन उनके नहीं आने पर यह कदम उठाया गया। फिलहाल प्रशासन मामले की विस्तृत जांच में जुटा है और जिम्मेदारों की पहचान की जा रही है।
करोड़ों रुपए के सरकारी अनाज की इस कथित चोरी ने न केवल वेयरहाउस प्रबंधन बल्कि प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है जिससे साफ होगा कि आखिर इस बड़े घोटाले के पीछे कौन जिम्मेदार है।