MP Tiger Attack: बालाघाट। जिले के कटंगी वन परिक्षेत्र के अंबेझरी जंगल में आदमखोर बन चुके बाघ (MP Tiger Attack)ने ग्रामीणों में दहशत फैला रखी है। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पेंच और कान्हा से तीन हाथियों की टीम के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है, लेकिन दो दिन बीतने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई है।
जानकारी के अनुसार, बाघ पिछले एक महीने में चार ग्रामीणों की जान ले चुका है। हाल ही में ग्राम अंबेझरी के किसान सेवकराम गोपाले की बाघ के हमले में मौत हुई थी। वहीं, एक दिन पहले पिपरवानी निवासी 65 वर्षीय खेमराज नाने पर भी बाघ ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिन्हें नागपुर रेफर किया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बाघ झाड़ियों में छिपकर खेत जाने वाले रास्तों पर हमला कर रहा है। खेती और जंगल के रास्ते एक जैसे होने से किसान खतरे में हैं। डर के कारण ग्रामीण शाम होते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
वन विभाग ने बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए कैमरे, पिंजरे और शिकार का इंतजाम किया है। पेंच और कान्हा के तीन प्रशिक्षित हाथियों के साथ रेस्क्यू टीम लगातार जंगल में सर्चिंग कर रही है, लेकिन अब तक बाघ पकड़ से बाहर है।
स्थानीय लोगों ने बाघ की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांवों में फैली दहशत खत्म हो सके।
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