सिनेमा में आने का मुनमुन का कोई प्रारंभिक इरादा नहीं था। उनकी मां, सुचित्रा सेन, चाहती थीं कि उनकी बेटी फिल्मों से दूर रहे। लेकिन शादी और दो बच्चों की मां बनने के बाद मुनमुन ने खुद की पहचान बनाने के लिए फिल्मों का रुख किया। पति के सहयोग से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और पहला किरदार ही उन्हें सुर्खियों में ला गया।
उनकी पहली फिल्मअंदर बाहर में उनका छोटा सा किरदार भी दर्शकों को प्रभावित करने के लिए काफी था। मुनमुन सेन ने इस फिल्म में आधुनिक और निडर महिला की भूमिका निभाई, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने100 डेज जख्मी दिल तेलुगु फिल्म सिरिवे नेलाअमर कंटक औरशीशा जैसी फिल्मों में काम किया।
मुनमुन सेन की फिल्मों में बोल्ड और निडर भूमिकाओं के कारण उनका नाम हमेशा चर्चा में रहा। बंगाल में उनके बोल्ड किरदारों पर विरोध हुआ और उनके विवादित फोटोशूट ने इस बहस को और भी बढ़ा दिया। कई मैगजीन के लिए सेंसेशनल पोज देने के बावजूद मुनमुन ने अश्लीलता के आरोपों को बेखौफ झेला और 80-90 के दशक की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार रहीं।
सिर्फ फिल्मी करियर ही नहीं, उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा मीडिया और दर्शकों के बीच चर्चाओं का विषय रही। उनके नाम कई अफेयर्स जुड़े, जिनमें पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और प्रधानमंत्री इमरान खान, प्रोड्यूसर रोमू सिप्पी और विक्टर बनर्जी शामिल हैं। लेकिन मुनमुन सेन ने हमेशा बेबाकी से अफेयर्स की खबरों को नकारा और इमरान खान को अपना करीबी दोस्त बताया।
मुनमुन सेन की कहानी यह दिखाती है कि एक महिला चाहे शादीशुदा हो या मां, अगर हिम्मत और आत्मविश्वास हो तो सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है। उनके निडर किरदार और बोल्ड फिल्म च्वाइस ने हिंदी सिनेमा के उस समय के रूढ़िवादी नजरिए को चुनौती दी और उन्हें इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और यादगार अभिनेत्रियों में शामिल किया।