Chambalkichugli.com

ईरान में अलर्ट रहने का नया तरीका, हमलों और अपडेट के लिए ऐप बना सहारा


नई दिल्ली मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान में एक गंभीर डिजिटल संकट उत्पन्न हो रहा है। पिछले 30 दिनों से अधिक समय से देश में इंटरनेट समुद्र तट पर मौजूद हैं, जिसमें शेष आम नागरिकों के सामने की जानकारी हासिल करना बड़ी चुनौती बन गई है। हालांकि इस मुश्किल दौर में लोगों ने खुद ही रास्ता निकाल लिया है। अब वे हवाई हमले और जरूरी अपडेट पाने के लिए वैकल्पिक प्लेटफॉर्म और ऐप्स का सहारा ले रहे हैं।

इथियोपिया के अनुसार, हज़ारों ईरानी नागरिक टेलीग्राम जैसे इलेक्ट्रानिक मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके माध्यम से लोग एक-दूसरे को यह जानकारी दे रहे हैं कि किस स्थान पर हवाई हमला हुआ, किस स्थान पर बिजली गिरी और किस स्थान पर कितनी क्षति हुई। इंटरनेट की भारी पाबंदियों के बावजूद यह ऐप एक महत्वपूर्ण संचार माध्यम बना हुआ है, जहां लोग तेजी से अपडेट शेयर कर रहे हैं।

इसके अलावा, एक खास ऐप महसा संभावित (महसा अलर्ट) भी इस समय लोगों के लिए लाइफलाइन साबित हो रहा है। यह ऐप ईरान के डिजिटल अधिकार और स्वयंसेवकों द्वारा तैयार किया गया है। महसा अलर्ट के माध्यम से लोग हवाई हमले, सैन्य हमले और खतरनाक क्षेत्र की जानकारी ट्रैक कर पा रहे हैं। खास बात यह है कि यह पूरी तरह से क्राउडसोर्स सिस्टम है, यानी आम लोग ही सूचना प्रौद्योगिकीकर और साझा करके इसे शुरू करते हैं।

इस ऐप की सूची भी काफी दिलचस्प है। मिलने वाली जानकारी को सीधे प्रकाशित नहीं किया जाता है, बल्कि उसे कई स्तरों पर दर्ज किया जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, चित्र और अन्य तथ्यों के आधार पर भ्रूण की पुष्टि की जाती है, इसलिए फर्जी खबरों से बचा जा सके। हालाँकि यह कोई आधिकारिक वेबसाइट नहीं है और पूरी तरह से रीयल-टाइम भी नहीं है, लेकिन फिर भी यह लोगों के लिए स्वामित्व की जानकारी का ज़रिया बन गया है।

महसा की एक और प्रकृति यह है कि इसके डेटा अपडेट में बेहद बच्चे होते हैं—औसतन सिर्फ 100KB। इसका फ़ायदा यह है कि अवैध या सीमित इंटरनेट कनेक्शन में भी लोग आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ऐप में मेडिकल लॉट, एसआईटी सुईट और स्कींट चेक प्वाइंट जैसी अतिरिक्त जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोगों को सुरक्षा के दावे से मदद मिलती है।

वहीं नेटब्लॉक्स के अनुसार, ईरान में इंटरनेट सामान्य स्तर के केवल 1 प्रतिशत तक है। यह स्थिति 28 फरवरी 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त सैन्य हमले के बाद बनी। इसके बाद देश से करीब-करीब डिजिटल ब्लैक आउट हो गया, जिससे करीब 9 करोड़ लोग ग्लोबल वर्ल्ड से कट गए।

इन हालातों ने यह साबित कर दिया है कि संकट के समय में प्रौद्योगिकी और सामूहिक प्रयास कितने अहम हैं। जब सरकारी सिस्टम उपलब्ध नहीं होता है, तब आम नागरिक खुद आगे बढ़कर समाधान तैयार करते हैं—और ईरान में ‘महसा संभावना’ का सबसे बड़ा उदाहरण सामने आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *