नेपाल में पेट्रोल-डीजल महंगा
नेपाल में नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (NOC) ने पेट्रोल, डीजल और केरोसीन की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई दरें आधी रात से लागू हो गई हैं।
पेट्रोल: 184.50 से 187 रुपये/लीटर (कैटेगरी के अनुसार)
डीजल/केरोसीन: 164.50 से 167 रुपये/लीटर
एनओसी ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी के कारण घरेलू कीमतें बढ़ाना जरूरी हो गया था।
बांग्लादेश में जेट फ्यूल 80% महंगा
बांग्लादेश में हालात और ज्यादा गंभीर हैं। Bangladesh Energy Regulatory Commission ने जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 80% की भारी बढ़ोतरी की है।
घरेलू उड़ानों के लिए: 112.41 टका से बढ़कर 202.29 टका/लीटर
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए: 0.738 डॉलर से बढ़कर 1.3216 डॉलर/लीटर
इस बढ़ोतरी का सीधा असर हवाई यात्रा और कार्गो लागत पर पड़ेगा।
पाकिस्तान और यूरोप भी प्रभावित
पाकिस्तान में पहले से आर्थिक संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 20-25% तक उछाल दर्ज किया गया है। वहीं जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में गैस और पेट्रोल के दाम 10-15% तक बढ़ गए हैं।
थाईलैंड में शुरू हुई राशनिंग
थाईलैंड में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पेट्रोल पंपों पर राशनिंग लागू करनी पड़ी है। इसका मतलब है कि एक व्यक्ति को सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है, ताकि सप्लाई संतुलित बनी रहे।
क्या है राशनिंग का मतलब?
जब किसी देश में ईंधन की भारी कमी हो जाती है या कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं, तो सरकार या पेट्रोल पंप यह तय कर देते हैं कि एक व्यक्ति एक बार में कितना तेल खरीद सकता है। इससे सीमित संसाधनों का संतुलित वितरण किया जाता है।
आगे क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो:
तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं
महंगाई में तेजी आएगी
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स महंगे होंगे
आम लोगों पर सीधा आर्थिक बोझ पड़ेगा
ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के कारण तेल महंगा हो रहा है, जिससे नेपाल, बांग्लादेश समेत कई देशों में ईंधन कीमतें बढ़ीं और कुछ जगह राशनिंग तक शुरू हो गई।