Chambalkichugli.com

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स 1700 अंक लुढ़का, निवेशकों के 9 लाख करोड़ डूबे


नई दिल्ली। दो दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी सेगमेंट में भारी बिकवाली देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1690 अंक यानी 2.25% गिरकर 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 486 अंक या 2.09% टूटकर 22,819 पर आ गया। वहीं, निफ्टी बैंक 1433 अंक गिरकर 52,274 पर क्लोज हुआ।

इस गिरावट की बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल ठिकानों पर 10 दिनों तक हमला न करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की समयसीमा 6 अप्रैल तक बढ़ाने की घोषणा की है, फिर भी बाजार में नकारात्मक असर बना हुआ है।

टॉप शेयरों में बड़ी गिरावट

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में एयरटेल, टीसीएस और पावरग्रिड को छोड़कर बाकी 27 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा दबाव रिलायंस इंडस्ट्रीज पर रहा, जिसके शेयर 4.60% गिरकर 1347 रुपये पर आ गए। इसके अलावा इंडिगो, बजाज फाइनेंस और एसबीआई में करीब 4% की गिरावट देखने को मिली, जबकि अन्य कई शेयर 2% से अधिक टूटे।

निवेशकों को भारी नुकसान

बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 431 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 422 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

गिरावट के प्रमुख कारण

मुनाफावसूली का दबाव: पिछले दो सत्रों में करीब 3.5% की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट रही। स्मॉल और मिडकैप शेयरों में करीब 1.7% की गिरावट आई। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एसबीआई, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी लाइफ के शेयर 1-3% तक गिरे, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सबसे ज्यादा दबाव बनाया।

जियो-पॉलिटिकल तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। ट्रंप के बयान के बावजूद बाजार इस अनिश्चितता को नकारात्मक रूप में ले रहा है, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखा। कच्चे तेल की कीमतें: शुक्रवार को कच्चा तेल 109 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ गया।

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: भारतीय रुपया 94 प्रति डॉलर के पार चला गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। मिडिल ईस्ट में संभावित ऊर्जा संकट को लेकर चिंता ने आयात-आधारित अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया है।VIX में उछाल: बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX करीब 9% बढ़कर 28 पर पहुंच गया, जो निकट भविष्य में और गिरावट की आशंका को दर्शाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *