मोहम्मद कैफ ने एक्स पर लिखा, “यह बिल्कुल सही नहीं था। विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है। वो भी कप्तान ने ऐसा किया। युवाओं ध्यान रखो, अगर वर्ल्ड कप फाइनल भी दांव पर लगा हो तब भी वो नहीं करना जो बांग्लादेशी कप्तान ने किया। खेल बिना खेल भावना के खेल नहीं है। कैफ ने कहा कि बांग्लादेशी कप्तान ने जो किया, वो यह नहीं करना चाहिए था।
घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद को मोहम्मद रिजवान ने गेंदबाज की दिशा में खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में मिराज नॉन स्ट्राइक वाली क्रीज से बाहर खड़े सलमान अली आगा से लड़ गए। गेंद रुक गई थी इसलिए आगा ने सिंगल लेने का इरादा छोड़ दिया और गेंद खुद उठाकर मिराज को देने लगे। इतने में मिराज ने गेंद लेकर विकेट पर दे मारा। आगा क्रीज के बाहर थे और अपील के बाद उन्हें तीसरे अंपायर ने रन आउट करार दिया। आगा गेंद गेंदबाज को देने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें रन आउट दे दिया गया।
मेहदी हसन का यह बर्ताव सलमान आगा को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वह उनसे मैदान पर ही भिड़ गए। थर्ड अंपायर द्वारा रन आउट करार दिए जाने के बाद सलमान नाखुश दिखे और पेवेलियन जाते हुए गुस्से में अपना ग्लव्स और हेलमेट फेंकते हुए दिखे।
मैच के बाद आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। वह मेहदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहे थे। ऐसी स्थिति में इसे डेड करार दिया जा सकता था।”
उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते, क्योंकि बॉल पहले ही मेरे पैड और मेरे बैट पर लग चुकी थी। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन नहीं ढूंढ रहा था, लेकिन उसने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। मैं इसे अलग तरह से करता। मैं खेल भावना के लिए जाता। हमने पहले ऐसा कुछ नहीं किया है, और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेंगे।”
मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64), और रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 का लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।