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Passport Index 2026: पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की तरक्की, लेकिन इन दो देशों में मिला तगड़ा झटका


नई दिल्ली। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत की रैंकिंग में सुधार देखा गया है. इसमें सुधार की स्थिति 2026 के जनवरी महीने में भी देखी गई है. वहीं भारतीयों के लिए बिना वीजा के घूमने वाली जगह की संख्या कम हो गई है. कौन से वो देश हैं जहां भारत बिना वीजा के नहीं जा सकता है?
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स का लेटेस्ट एडिशन सामने आया है. इस इंडेक्स में भारत के लिए एक अजीब ट्विस्ट है. अगर कागजो पर गौर करें तो देश की ग्लोबल मोबिलिटी स्थिति में सुधार हुआ है. इसके बाद भी जब आप रॉ नंबर्स पर नजर डालें तो हैं, तो भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को पिछले साल की तुलना में बिना पहले से पेपरवर्क के असल में थोड़ी कम जगहों पर जाने का मौका मिलता है. यानी हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में रैकिंग देखें तो भारत का सुधार हुआ है मगर बिना वीजा घूमने वाले देश थोड़े कम हो गए हैं. हेनले पासपोर्ट रैंकिंग पर गौर करें तो भारत 2026 में 75वें स्थान पर होगा. ये 2025 में 85वें स्थान पर था ऐसे में 10 अंकों की सुधार देखी गई है.
एक तरफ गौर करें इस साल जनवरी की तो इसी महीने भी ये 80वें स्थान पर था और सिर्फ़ एक महीने में रैंकिंग में इस सुधार की स्थिति को देखा गया है. वहीं दूसरी तरफ वीजा लिए बिना जाने वाले कुल डेस्टिनेशन की संख्या अभी 56 है. यह जनवरी 2026 के 55 से ज्यादा है, लेकिन 2025 में रिकॉर्ड किए गए 57 डेस्टिनेशन से अभी भी कम है.
हेनले पासपोर्ट इंडेक्स क्या है?
हेनले एंड पार्टनर्स का पब्लिश किया हुआ, हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 227 अलग-अलग ट्रैवल डेस्टिनेशन के 199 पासपोर्ट को इस आधार पर रैंक करता है कि उनके होल्डर डिपार्चर से पहले बिना वीजा लिए कितनी डेस्टिनेशन तक जा सकते हैं. यह रैंकिंग इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा पर आधारित है.
इसकी स्कोरिंग मेथडोलॉजी में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइज़ेशन शामिल हैं. आसान शब्दों में कहें तो, बिना एडवांस पेपरवर्क के जितनी ज्यादा जगहों पर जाया जा सकता है, पासपोर्ट का मोबिलिटी स्कोर उतना ही मजबूत होता है.
भारत ने ये दो देश खो दिए
2025 में भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के पास 57 वीजा-फ़्री (वीजा-ऑन-अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइज़ेशन शामिल) जगहों तक एक्सेस था. 2026 की शुरुआत तक यह संख्या घटकर 55 (26 जनवरी) हो गई, फिर 56 (फरवरी 2026) पर आ गई. इस कमी के लिए ईरान और बोलीविया जिम्मेदार दो देश थे.

ईरान ने नवंबर 2025 में आम भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए अपनी वीजा-फ़्री एंट्री सस्पेंड कर दी थी. यह फैसला भारतीय नागरिकों से जुड़े धोखाधड़ी और ट्रैफिकिंग के कई मामलों के बाद आया, जिन्हें झूठे जॉब ऑफ़र देकर इस्लामिक रिपब्लिक में फुसलाया गया और फिर फिरौती के लिए किडनैप कर लिया गया.

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