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पिच धीमी, इरादे खतरनाक: जिम्बाब्वे की जीत ने खोला रास्ता, भारत और पाकिस्तान के 'स्पिन हथियार' तैयार!


नई दिल्ली। /कोलंबो क्रिकेट की दुनिया में जब भी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। लेकिन इस बार रविवार को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाली भिड़ंत केवल बल्लेबाजों के पावर-प्ले या तेज गेंदबाजों की रफ्तार तक सीमित नहीं रहेगी। टी20 विश्व कप 2026 के हालिया मैचों, विशेषकर जिम्बाब्वे द्वारा ऑस्ट्रेलिया को दी गई करारी शिकस्त ने यह साफ कर दिया है कि यहाँ की पिच अब स्पिनरों के लिए स्वर्ग बन चुकी है। जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने जिस तरह धीमी गेंदों का जाल बुनकर कंगारू बल्लेबाजों को 23 रन से मात दी, उसने भारतीय और पाकिस्तानी खेमे के स्पिनरों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है।

इस महामुकाबले में सबकी नजरें भारत के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती पर टिकी होंगी। पिछले आईपीएल सीजन के दौरान चक्रवर्ती ने अपनी गेंदबाजी में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। उनकी साइडस्पिन अब ओवरस्पिन में तब्दील हो चुकी है, जिससे उन्हें हवा में और पिच पर अतिरिक्त उछाल मिलता है। पूर्व दिग्गज स्पिनर सुनील जोशी का मानना है कि वरुण की सबसे बड़ी ताकत उनकी रफ्तार और लेंथ का मिश्रण है। औसतन 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने वाले वरुण को इस धीमी पिच पर अपनी गति थोड़ी कम करनी पड़ सकती है, लेकिन उनकी लेंथ इतनी सटीक है कि बल्लेबाज न तो पीछे हटकर पुल मार सकता है और न ही आगे बढ़कर बड़े शॉट खेल सकता है। विशेष रूप से बाबर आजम, जो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए वरुण के खिलाफ पहले भी असहज दिखे हैं, उनके लिए यह चुनौती और भी कठिन होने वाली है।

दूसरी ओर, पाकिस्तान के पास भी वरुण चक्रवर्ती का एक तोड़ उस्मान तारिक के रूप में मौजूद है। तारिक का अनोखा पॉज एंड स्लिंग एक्शन क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। क्वेटा ग्लैडिएटर्स के जीएम नबील हाशमी के अनुसार, तारिक का एक्शन गेंद को बल्लेबाज की आई लाइन यानी आंखों के स्तर से नीचे रखने में मदद करता है, जिससे उन्हें हिट करना नामुमकिन जैसा हो जाता है। उनके खिलाफ खेलना किसी यॉर्कर को खेलने जैसा कठिन है। तारिक एक परिपक्व गेंदबाज हैं जो बल्लेबाज के दिमाग को पढ़ने में माहिर हैं और उनका मिस्ट्री एक्शन भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ने का दमखम रखता है।

पाकिस्तान के पास केवल तारिक ही नहीं, बल्कि अबरार अहमद जैसा घातक लेग-स्पिनर भी है। अबरार को भले ही थोड़ा कमतर आंका जाता हो, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके 49 विकेटों का आंकड़ा उनकी काबिलियत बयां करता है। इनमें से 34 विकेट उन्होंने अपनी जादुई गुगली और कैरम बॉल के दम पर झटके हैं। श्रीलंका के पूर्व स्पिनर उपुल चंदना का कहना है कि प्रेमदासा का ट्रैक स्पिनरों को भरपूर मदद देता है। यहाँ बस सही जगह पर गेंद को पिच करने की जरूरत है, बाकी का काम पिच की नमी और टर्न खुद-ब-खुद कर देती है।

कुल मिलाकर, रविवार का मैच केवल दो देशों की जंग नहीं, बल्कि मिस्ट्री स्पिन बनाम तकनीकी बल्लेबाजी का मुकाबला होगा। कोलंबो की इस पिच पर जो भी टीम स्पिन के इस शतरंज को बेहतर तरीके से खेलेगी, जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा

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