भोपाल। भोपाल में गुरुवार को नेहरू नगर पुलिस परेड ग्राउंड में पुलिस विभाग का भव्य होली मिलन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जवानों ने जमकर उत्सव मनाया। इस मौके पर डीजीपी कैलाश मकवाना, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार, एसीपी, आरआई और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिसकर्मियों को होली की शुभकामनाएं देने और संगठन में आपसी सौहार्द बढ़ाने के संदेश के साथ हुई। समारोह में डीजे की धुन पर अधिकारी और कर्मचारी फिल्मी गानों और पारंपरिक होली गीतों पर थिरकते नजर आए।
“रंग बरसे”, “होरी खेले रघुवीरा” जैसे गीतों ने माहौल को और भी उत्सवपूर्ण बना दिया। पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों ने कीचड़ और मिट्टी में सराबोर होली खेलकर अपनी परंपरा का जीवंत अनुभव किया। पंडाल में वरिष्ठ अधिकारियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जबकि जवानों ने कार्यक्रम के अगले हिस्से में रंग-गुलाल और मनोरंजन का पूरा आनंद लिया। आयोजन स्थल पर खाने-पीने और स्नैक्स की भी व्यवस्था की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का मुख्य उद्देश्य टीमवर्क और आपसी समन्वय को मजबूत करना है, ताकि बड़े आयोजन और ड्यूटी के समय विभाग के भीतर एकता और सहयोग बना रहे।
वहीं, ग्वालियर में भी पुलिस लाइन में 72 घंटे की लगातार ड्यूटी पूरी करने के बाद अफसरों और जवानों ने होली का उत्सव मनाया। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को होली की शुभकामनाएं दीं और रंग-गुलाल के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पुलिसकर्मी पारंपरिक ढोलक और हारमोनियम के साथ होली गीत गाते हुए नाचते नजर आए। पूरे आयोजन में अधिकारी और जवान समान रूप से शामिल हुए, जिससे विभागीय सौहार्द और टीम भावना को मजबूती मिली।
इसके विपरीत इंदौर में इस बार होली मिलन का कोई आयोजन नहीं हुआ। पुलिस और शहर के नेताओं ने पिछले घटनाक्रम के बाद दूरी बनाए रखी और सुरक्षा कारणों से उत्सव को रद्द किया। भोपाल और ग्वालियर में आयोजित समारोह पुलिसकर्मियों के लिए एक परंपरा बन चुकी है, जहां होलिका दहन से लेकर होली तक 72 घंटे की कड़ी ड्यूटी के बाद अधिकारी और जवान सामूहिक रूप से त्योहार का आनंद लेते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन कानून-व्यवस्था और कर्तव्य का पालन करना प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। इस प्रकार समारोह ने न केवल पुलिस विभाग के भीतर सहयोग और उत्साह को बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक होली के उल्लास को भी जीवंत किया।