शिखर सम्मेलन ने घोड़ा गौरव:
बैस्ट ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंटिंग पर लिखा, “भारत कॉन्स्टेंसी ग्लोबल खेल आयोजनों में आगे बढ़ रहा है। बस्टर्ड इन 2028 वर्ल्ड इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी गौरव का पल है और यह हमारी ओलंपिक यात्रा में एक बड़ा कदम है।”
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने दी बधाई:
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “यह न केवल ओडिशा, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। विश्व एथलेटिक्स और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का अनुभव है कि वे विश्व एथलेटिक्स के सबसे प्रतिष्ठित चैंपियनशिप के आयोजन के लिए ओडिशा पर गर्व करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में ओडिशा ने खेल को विकास का अहम हिस्सा बनाया है और इस मैदान से खेल कल्चर और खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी।
भारत पहली बार वैश्विक ट्रैक और फील्ड चैंपियनशिप की मेजबानी:
पोलैंड के टोरून में हुई 240वीं विश्व एथलेटिक्स काउंसिल मीटिंग के दौरान भारत को 3 से 5 मार्च 2028 तक विश्व इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी दी गई। यह भारत में पहली बार है जब वह ग्लोबल ट्रैक्स एंड फील्ड चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए आए हैं।
कलिंगा स्टेडियम की नॉमिनल और ग्लोबल समीक्षा:
वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल के सदस्यों ने जनवरी में बेयर्स के कलिंगा इनडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने संतोष समजा और ओडिशा के ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में मौजूद प्रमुख स्थलों में से एक को शामिल किया।
ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारी रुतबा:
ओडिशा में पिछले दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों के आयोजन सक्रिय हो रहे हैं। 2017 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप और पिछले साल वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर ब्रॉन्ज चैंपियनशिप का आयोजन हुआ, जिसमें दुनिया भर से 200 से ज्यादा एथलीट शामिल हुए।
भारत और ओडिशा के लिए यह केवल गर्व का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रेरित करना और देश में ट्रैक एंड फील्ड गेम का विकास करना भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। 2028 वर्ल्ड इंदौर एथलेटिक्स चैंपियनशिप भारत को ग्लोबल गेम मंच पर स्थापित करने वाला इवेंट साबित होगा।