हालाँकि, इन तमाम आशंकाओं के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पीसीबी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र और पड़ोसी देशों के साथ चल रहे संघर्ष के बावजूद, पीएसएल के आगामी सीजन में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या में कोई कमी नहीं आएगी। बोर्ड ने दावा किया है कि इस बार ऑस्ट्रेलिया से रिकॉर्ड संख्या में खिलाड़ी पाकिस्तान पहुंच रहे हैं। पीसीबी के एक सूत्र ने पीटीआई (PTI) को बताया कि यात्रा के सभी इंतजाम और सुरक्षा प्लान तैयार हैं और खिलाड़ी अगले हफ्ते से पाकिस्तान आना शुरू कर देंगे।
विवाद की मुख्य जड़ पेशावर में होने वाला मैच है, जो अफगानिस्तान सीमा के बेहद करीब स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने सुरक्षा कारणों से अपने खिलाड़ियों को इस क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी है। लेकिन पीसीबी का कहना है कि बोर्ड स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और अतीत में भी ऐसी चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक किया गया है।
गौरतलब है कि 26 मार्च से शुरू होने वाले पीएसएल के इस सीजन में स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर, एडम जैम्पा, मार्नस लाबुशेन और जैक फ्रेजर मैकगर्क जैसे बड़े ऑस्ट्रेलियाई सितारे शामिल होने वाले हैं। अब देखना यह होगा कि क्या ये खिलाड़ी वर्तमान तनावपूर्ण माहौल में पाकिस्तान की धरती पर कदम रखते हैं या सुरक्षा चिंताओं के चलते अपना नाम वापस लेते हैं। फिलहाल, पीसीबी इस टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने के अपने दावे पर अडिग है।