Chambalkichugli.com

RBI Customer Liability: RBI ने जारी किया ‘कस्टमर लायबिलिटी फ्रेमवर्क’, डिजिटल भुगतान सुरक्षित बनाने बड़ा कदम

 RBI Customer Liability:  नई दिल्ली में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ग्राहकों को सुरक्षा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक नया ड्राफ्ट फ्रेमवर्क पेश किया है। इस प्रस्तावित नियम के तहत यदि किसी ग्राहक के साथ डिजिटल ट्रांजैक्शन के दौरान धोखाधड़ी होती है और वह इसे समय पर बैंक या संबंधित संस्था को सूचित करता है, तो उसे अधिकतम 25,000 रुपये तक मुआवजा मिल सकता है।

आरबीआई ने इसे कस्टमर लायबिलिटी इन डिजिटल ट्रांजैक्शंस नाम से जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल भुगतान में होने वाली धोखाधड़ी से ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाना और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करना है। केंद्रीय बैंक ने इस मसौदे पर आम जनता, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से 6 अप्रैल 2026 तक सुझाव मांगे हैं।

केजरीवाल सिसोदिया की फिर बढ़ी मुश्किलें, तुषार मेहता की दलीलों से दिल्ली शराब नीति केस में आया नया मोड़

ड्राफ्ट के अनुसार यदि किसी ग्राहक के साथ 50,000 रुपये तक का डिजिटल फ्रॉड होता है और वह तुरंत इसकी सूचना देता है, तो उसे नुकसान की राशि का 85 प्रतिशत या अधिकतम 25,000 रुपये (जो भी कम हो) वापस मिल सकता है। उदाहरण के तौर पर 10,000 रुपये के फ्रॉड पर लगभग 8,500 रुपये और 40,000 रुपये के फ्रॉड पर अधिकतम सीमा के कारण 25,000 रुपये वापस मिलेंगे।

आरबीआई का मानना है कि इस व्यवस्था से ग्राहकों का भरोसा डिजिटल भुगतान प्रणाली पर बढ़ेगा। ड्राफ्ट का प्रस्ताव है कि मुआवजा व्यवस्था लागू होने के एक वर्ष तक प्रभावी रहे और इसके बाद अनुभव और प्रतिक्रिया के आधार पर समीक्षा की जाए।

केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा नियम 2017 में जारी किए गए थे। तब से डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल पेमेंट और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के तरीके काफी बदल चुके हैं। साथ ही साइबर अपराध और इलेक्ट्रॉनिक फ्रॉड के नए प्रकार तेजी से बढ़े हैं। पुराने नियमों को अपडेट करने की जरूरत इसलिए महसूस की गई।

मध्यप्रदेश ने जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 को दी अंतिम रूप, अमृत मित्र संभालेंगे जल संरक्षण की कमान

ड्राफ्ट फ्रेमवर्क का एक अहम उद्देश्य यह भी है कि शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय को कम किया जाए। कई मामलों में ग्राहकों को धोखाधड़ी के बाद अपनी राशि वापस पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। नए नियम लागू होने के बाद बैंकों और वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायत निपटान तेजी से होगा।

आरबीआई ने मसौदा अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है। बैंक, एनबीएफसी और आम नागरिक ईमेल के माध्यम से सुझाव भेज सकते हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। यह कदम देश के डिजिटल भुगतान तंत्र को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News