मास्को। रूस (Russia) ने मेटा (Meta) के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (Messaging Platform Whatsapp) को स्थानीय कानूनों के कथित उल्लंघन के आरोप में ब्लॉक कर दिया है। क्रेमलिन ने गुरुवार को समाचार एजेंसी एएफपी से इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय घरेलू कानूनों के अनुपालन न करने के कारण लिया गया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने प्रतिबंध के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वास्तव में ऐसा निर्णय लिया गया और उसे लागू किया गया है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप ने रूसी कानून के मानदंडों और अक्षरशः पालन करने में अनिच्छा दिखाई, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
इससे पहले व्हाट्सएप ने दावा किया था कि रूसी अधिकारी ऐप तक पहुंच को सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं। कंपनी का यह बयान टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव द्वारा मॉस्को पर अपने प्लेटफॉर्म की पहुंच बाधित करने का आरोप लगाने के तुरंत बाद आया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में व्हाट्सएप ने कहा था कि आज रूसी सरकार ने लोगों को सरकारी निगरानी ऐप की ओर धकेलने के प्रयास में व्हाट्सएप को पूरी तरह से ब्लॉक करने की कोशिश की। 10 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं को निजी और सुरक्षित संचार से अलग करने का प्रयास एक पिछड़ा कदम है और इससे रूस में लोगों की सुरक्षा में कमी आएगी। हम उपयोगकर्ताओं को जोड़े रखने के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे।
रूसी समाचार एजेंसी TASS से बातचीत में पेस्कोव ने संकेत दिया कि यदि इसकी मूल कंपनी मेटा स्थानीय नियमों का पालन करती है तो प्लेटफॉर्म को बहाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह रूसी कानूनों के अनुपालन का मामला है। यदि मेटा अनुपालन करती है, तो वह रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगी और फिर समझौते की संभावना बन सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कंपनी अपने रुख पर कायम रहती है और रूसी कानूनों का पालन करने में अनिच्छा दिखाती है, तो बहाली की संभावना नहीं होगी।
इस बीच सरकारी एजेंसी TASS ने रिपोर्ट दी कि रूस के दूरसंचार नियामक Roskomnadzor ने राष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघन के आरोप में व्हाट्सएप की गति धीमी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रूसी अधिकारियों का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के आयोजन और क्रियान्वयन के लिए किया गया है। साथ ही इसे रूसी नागरिकों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी और जबरन वसूली के प्रमुख माध्यमों में से एक बताया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, सरकार समर्थित विकल्प ‘मैक्स’ नामक ऐप को रूस में बेचे जाने वाले सभी नए स्मार्टफोन और टैबलेट में पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य किया गया है। इस ऐप के जरिए उपयोगकर्ता संदेश भेजने, पैसे ट्रांसफर करने और ऑडियो-वीडियो कॉल करने जैसी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।