Chambalkichugli.com

SEHORE BIJLI CHORI: सीहोर में बिजली चोरी पकड़ते ही भड़का उपभोक्ता, स्मार्ट मीटर उखाड़कर तोड़ा; विभागीय टीम से बदसलूकी का वीडियो वायरल

 
SEHORE BIJLI CHORI: सीहोर । मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। रूटीन चेकिंग के दौरान जब टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करते पकड़ा तो आरोपी ने आपा खो दिया और साक्ष्य मिटाने के इरादे से मीटर ही उखाड़कर फेंक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग की टीम क्षेत्र में स्मार्ट मीटर की निगरानी और नियमित जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान एक मकान में लगे स्मार्ट मीटर में संदिग्ध गतिविधि पाई गई। तकनीकी जांच में मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली उपयोग करने के संकेत मिले। टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की संबंधित उपभोक्ता भड़क उठा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी ने पहले टीम की कार्रवाई का विरोध किया और फिर दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को जबरन उखाड़कर जमीन पर पटक दिया जिससे वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि यह कदम कथित रूप से चोरी के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उठाया गया। इसके बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें ड्यूटी करने से रोकने की कोशिश की।

घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। वायरल वीडियो में आरोपी को आक्रामक रवैये में देखा जा सकता है जबकि विभागीय कर्मचारी स्थिति संभालने का प्रयास करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।

विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकारी संपत्ति है और उसे नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ बदसलूकी और कार्य में बाधा डालना भी दंडनीय है। विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ बिजली अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी तरह की दबंगई या विरोध के बावजूद कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं स्थानीय पुलिस से भी संपर्क कर मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिजली चोरी रोकने की कार्रवाई के दौरान विभागीय कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News