रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी के नोटिस के बाद संसद गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी आज सदन में जवाब देंगे, जबकि बहस की शुरुआत राहुल गांधी करेंगे।
लोकसभा में ग्रांट्स डिमांड्स पर दो घंटे से चर्चा जारी रही। तमिलनाडु से आईयूएमएल सांसद नवासकनी तमिल भाषा में बोलते नजर आए। सांसदों ने LPG की बढ़ती कीमतों, सप्लाई की कमी और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।
सागरिका घोष (ShTMc सांसद) ने कहा कि LPG महंगा हुआ और सरकार लंबे समय तक इनकार करती रही। उन्होंने पूछा कि सरकार ने LPG का स्टॉक पहले क्यों नहीं बढ़ाया या सप्लाई के दूसरे स्रोत क्यों नहीं तलाशे। उनका कहना था कि आम नागरिक इस संकट का सामना कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में व्यस्त हैं।
सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी सांसद) ने कहा कि आयातित अमोनिया की जगह ग्रीन अमोनिया लाने का वादा किया गया था, लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर इस संकट का समाधान निकाला जाए।
राहुल गांधी ने सदन में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कहते हैं घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन खुद परेशान लग रहे हैं। एप्स्टीन-अदाणी केस और अन्य मुद्दों को लेकर चिंता साफ दिख रही है।”
इस बीच, राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हालिया हमले का मुद्दा उठाया।
स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में चर्चा चल रही है। विपक्ष लगातार सरकार को यह चेतावनी दे रहा है कि देश में LPG संकट गंभीर है, आम जनता को राहत मिलनी चाहिए और सप्लाई चैन मजबूत करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में उठाए गए ये सवाल सरकार के लिए दबाव पैदा करेंगे। LPG और गैस संकट के मुद्दे पर आने वाले दिनों में संसद और मीडिया में बहस तेज होने की संभावना है।