भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर 9 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़कर उनके साथ “क्रूर विश्वासघात” किया है।
गेहूं खरीदी और बोनस पर आरोप
कांग्रेस का दावा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को गेहूं खरीदी के लिए 2,700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद केवल 40 रुपये बोनस दिया गया। पड़ोसी राज्य राजस्थान में किसानों को अधिक बोनस मिलने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की।
खरीदी में देरी और बारदाने की कमी पर सवाल
सरकार द्वारा खरीदी की तारीखें तीन बार बढ़ाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल तथा अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू करने के निर्णय पर भी आलोचना की गई। कांग्रेस ने बारदाने (जूट बैग) की कमी पर भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जरूरत 10 करोड़ बारदानों की थी, जबकि समय पर केवल 2.60 करोड़ के लिए आवेदन किया गया।
ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग
1 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से सीहोर, विदिशा समेत 17 जिलों में फसलें बर्बाद हुई हैं। कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:-
– ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा
– गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा किया जाए
– खरीदी में देरी से डिफॉल्टर हुए किसानों का दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए
– गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा किया जाए
– खरीदी में देरी से डिफॉल्टर हुए किसानों का दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए
आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि खरीदी और बारदाने की व्यवस्था तुरंत नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के सामने उपवास की भी योजना है।