एयरलाइनवार पायलट आंकड़े
देश की प्रमुख एयरलाइनों में पायलटों की संख्या इस प्रकार है:
इंडिगो: सबसे बड़ी एयरलाइन, 5,200 पायलट, जिनमें 970 महिला पायलट शामिल।
एयर इंडिया: 3,123 पायलट, जिनमें 508 महिला पायलट।
एयर इंडिया एक्सप्रेस: 1,820 पायलट, 234 महिलाएं।
अकासा एयर: 761 पायलट, 76 महिलाएं।
स्पाइसजेट: 375 पायलट, 58 महिलाएं।
एलायंस एयर: 115 पायलट, 25 महिलाएं।
सरकार ने यह भी बताया कि विदेशी पायलटों की तादाद कुछ एयरलाइनों में है। एलायंस एयर में 15, एयर इंडिया एक्सप्रेस में 48 और इंडिगो में 29 विदेशी पायलट कार्यरत हैं।
पायलट-से-विमान अनुपात
विभिन्न एयरलाइनों में पायलट-से-विमान अनुपात अलग है:
स्पाइसजेट: 9.4 पायलट प्रति विमान
अकासा एयर: 9.33
एयर इंडिया: 9.1
एयर इंडिया एक्सप्रेस: 8.8
इंडिगो: 7.6
एलायंस एयर: सबसे कम, 6 पायलट प्रति विमान
इससे एयरलाइनों में फ्लाइट ऑपरेशन के लिए पायलट उपलब्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
महिला पायलटों का बढ़ता योगदान
महिला पायलटों की संख्या भारतीय विमानन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइनों में महिला पायलट अब टीम की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बन चुकी हैं। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
भारतीय विमानन क्षेत्र में विदेशी पायलट
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ एयरलाइनों ने विदेशी पायलटों को काम पर रखा है। यह कदम तकनीकी विशेषज्ञता, अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैश्विक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
नियमों में कड़ाई का प्रस्ताव
इस बीच, डीजीसीए ने भारत से आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइनों के लिए नियमों को कड़ा करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें अनिवार्य डिजिटल पंजीकरण, स्थानीय प्रतिनिधियों के लिए कानूनी जवाबदेही, और औपचारिक यात्री शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना शामिल है। इसका उद्देश्य एयरलाइन संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है।
संसद में दिए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारत की प्रमुख एयरलाइंस में पायलटों की संख्या और उनका वितरण संतुलित है। महिला पायलटों की बढ़ती संख्या और पायलट-से-विमान अनुपात की जानकारी एयरलाइनों के सुरक्षित और सतत संचालन के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं। साथ ही, डीजीसीए के नए नियमों से यात्रियों और पायलट दोनों के लिए सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।