मासूम गोविंद को कोचिंग से घर लौटते समय यह हमला हुआ। उसी समय उसकी बहन नंदनी ने चीख-पुकार मचाई जिसे सुनकर आसपास के लोग तुरंत पहुंच गए और सांड को भगाकर बच्चे को बचाया। घायल मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसके सिर पर 25 टांके लगाए। साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटें आई हैं। इलाज के बाद मासूम को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
घटना की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सांड मासूम को जोर-जोर से पटक रहा है और जमीन पर घसीट रहा है। यह दृश्य लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों पैदा कर रहा है।
इस घटना ने नगर निगम के आवारा मवेशियों को पकड़ने के दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम समय-समय पर आवारा मवेशियों के नियंत्रण और पकड़ने का दावा करता रहता है लेकिन मुरार क्षेत्र में हुई इस घटना ने यह दिखाया कि वास्तविक स्थिति कितनी खतरनाक है।
स्थानीय लोग और व्यापारी अब नगर निगम से इस समस्या को गंभीरता से लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि आवारा मवेशी सड़क पर घूमते हैं बच्चे और बुजुर्ग खतरे में हैं और कई बार ऐसे मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
पुलिस और नगर निगम की टीमों को इस घटना के बाद सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि केवल जुर्माना या चेतावनी से काम नहीं चलेगा बल्कि आवारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में रखने की व्यवस्था करनी होगी।
यह घटना ग्वालियर में आवारा मवेशियों की समस्या की एक बार फिर तस्वीर सामने लाती है जिसमें आम नागरिकों की जान जोखिम में है। यदि समय रहते बच्चे को बचाया नहीं जाता तो यह घटना और भी भयावह परिणाम दे सकती थी।