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ट्रंप का दावा: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को बताया ‘गे’, बयान से बढ़ा विवाद

वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक नया विवादित दावा किया है। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर नए सुप्रीम लीडर माने जा रहे मोजतबा खामेनेई ‘गे’ हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि खुफिया एजेंसी CIA ने उन्हें जानकारी दी है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ‘गे’ (समलैंगिक) हैं. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वाकई CIA ने उन्हें यह बताया है, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हां, उन्होंने ऐसा कहा है, लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ वही नहीं, बल्कि और भी बहुत से लोग यह बात कह रहे हैं.’ ईरान में मोजतबा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं ट्रंप ने कहा कि इस जानकारी के बाद मोजतबा के लिए अपने देश में काम करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने इसे मोजतबा के लिए एक “खराब शुरुआत” बताया. बता दें कि ईरान में समलैंगिकता को इस्लाम के खिलाफ माना जाता है और वहां इसके लिए मौत की सजा तक का प्रावधान है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, जब ट्रंप को पहली बार खुफिया ब्रीफिंग में यह बात पता चली थी, तो वह काफी हैरान हुए थे और हंसने लगे थे. ट्रंप का दावा- हम ईरान से जंग जीत चुके हैं इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि सैन्य तौर पर अमेरिका ईरान से युद्ध जीत चुका है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की नौसेना और मिसाइल ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया है. ट्रंप के मुताबिक, ‘हमने उनकी नेवी और एयरफोर्स को तबाह कर दिया है. हमने उनके 154 जहाज डुबो दिए हैं. अब उनके पास सिर्फ 9% मिसाइलें ही बची हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स को भी नष्ट कर दिया है, जिसके बिना मिसाइलें किसी काम की नहीं हैं. ईरान में LGBTQ+ समुदाय पर जुल्म ईरान में समलैंगिकों की स्थिति बेहद खराब है. हेनगाओ ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने मई 2025 की अपनी रिपोर्ट में ईरान को ‘जेंडर अपार्थेड स्टेट’ (लिंग आधारित भेदभाव वाला देश) कहा है. रिपोर्ट के अनुसार, वहां जेंडर और सेक्सुअल ओरिएंटेशन के आधार पर लोगों के साथ बहुत भेदभाव होता है. सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान के मुताबिक, वहां गे लोगों का जबरन इलाज (Conversion therapy) कराने की कोशिश की जाती है. विकीलीक्स के 2008 के एक केबल के अनुसार, 1979 की क्रांति के बाद से ईरान में लगभग 4,000 से 6,000 LGBTQ+ लोगों को फांसी दी जा चुकी है. हालांकि डेटा की कमी के कारण सटीक नंबर बताना मुश्किल है. जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि जनवरी 2022 में दो पुरुषों को समलैंगिकता के आरोप में फांसी दी गई थी. उसी साल उर्मिया की एक अदालत ने दो एक्टिविस्ट्स को ‘धरती पर भ्रष्टाचार’ फैलाने और समलैंगिकता को बढ़ावा देने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी.

ईरान पर अमेरिकी हमले तेज: 7000 से ज्यादा ठिकाने तबाह, 100 जहाज नष्ट होने का ट्रंप का दावा

वाशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर सैन्य और व्यावसायिक ठिकाने शामिल हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उनके मुताबिक, इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी गिरावट का दावा ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों में 90% और ड्रोन हमलों में 95% तक की कमी आई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने मिसाइल और ड्रोन निर्माण से जुड़े कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें हाल ही में तीन प्रमुख संयंत्रों पर हमले शामिल हैं। 100 से ज्यादा नौसैनिक जहाज नष्ट अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, बीते हफ्तों में ईरान के 100 से अधिक नौसैनिक जहाजों को डुबोया या नष्ट किया जा चुका है। उन्होंने खास तौर पर खार्ग द्वीप पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया, हालांकि तेल ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। होर्मुज को लेकर कड़ी चेतावनी ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य पक्ष यहां वाणिज्यिक जहाजों के रास्ते में बाधा डालता है, तो अमेरिका तेल ढांचे पर भी हमला करने का फैसला ले सकता है। उनका कहना था कि यह कार्रवाई कुछ ही मिनटों में की जा सकती है, लेकिन उसके असर लंबे समय तक रहेंगे। समुद्री क्षमता को भी झटका ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने 30 से अधिक माइन बिछाने वाले जहाजों और उनसे जुड़ी सैन्य सुविधाओं को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान की समुद्री क्षेत्र में धमकी देने की क्षमता काफी कमजोर हुई है। दुनिया से सहयोग की अपील अंत में ट्रंप ने अन्य देशों से अपील करते हुए कहा कि जिन देशों की अर्थव्यवस्था होर्मुज जलडमरूमध्य पर ज्यादा निर्भर है, उन्हें इस संकट में अमेरिका का साथ देना चाहिए। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।