‘तुम से तुम तक’ में नासिर खान का जलवा, असल जिंदगी में हैं जॉनी वॉकर के बेटे

नई दिल्ली। टीवी सीरियल Tum Se Tum Tak इन दिनों लगातार चर्चा में है। शो में लीड रोल शरद केलकर और निहारिका चौकसे निभा रहे हैं, लेकिन एक और किरदार अपनी दमदार मौजूदगी से दर्शकों का ध्यान खींच रहा है झेंडे। इस किरदार को निभा रहे हैं अभिनेता नासिर खान, जिनकी एक्टिंग और स्क्रीन प्रेज़ेंस को सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है। झेंडे का किरदार कहानी में आर्य वर्धन का बेहद अहम साथी दिखाया गया है, जो हर मुश्किल घड़ी में उसके साथ खड़ा रहता है। दर्शकों के बीच यह किरदार इतना लोकप्रिय हो गया है कि इसके कई मीम्स भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि नासिर खान का फिल्मी सफर एक बेहद प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ा है। वह भारतीय सिनेमा के मशहूर अभिनेता Johnny Walker के बेटे हैं। जॉनी वॉकर हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा के सबसे लोकप्रिय कॉमेडियन माने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अदाकारी से दर्शकों को दशकों तक हंसाया। नासिर खान की मां भी फिल्मी दुनिया से जुड़ी रही हैं, और पूरा परिवार कला और सिनेमा की पृष्ठभूमि से आता है। इस वजह से नासिर का झुकाव भी बचपन से ही अभिनय की ओर रहा। उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम 90 के दशक में रखा और धीरे-धीरे अपनी एक अलग पहचान बनाई। नासिर खान ने 1994 में फिल्म बेताज बादशाह से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह कई फिल्मों और टीवी शोज का हिस्सा रहे। उन्होंने बॉबी देओल और करिश्मा कपूर की फिल्म आशिक में निगेटिव रोल निभाकर भी अपनी छाप छोड़ी थी। इसके अलावा अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म बागबान में उन्होंने उनके बेटे का किरदार निभाया, जिससे उन्हें एक अलग पहचान मिली। टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी नासिर लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने चांद जलने लगा, साझा सिंदूर, तुम आए हो तो और अवैध जैसे सीरियल्स में काम किया है। वेब सीरीज हीरामंडी में भी उनकी मौजूदगी दर्शकों ने नोटिस की थी। आज नासिर खान एक बार फिर अपने नए किरदार झेंडे के जरिए चर्चा में हैं। शो में उनका रोल सिर्फ सहायक नहीं बल्कि कहानी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है। खासकर मौजूदा ट्रैक में उनका जालंधर का पीछा करना और सच सामने लाने की कोशिश दर्शकों को काफी पसंद आ रही है। कुल मिलाकर, नासिर खान का यह सफर साबित करता है कि मजबूत विरासत होने के बावजूद मेहनत और निरंतरता ही किसी कलाकार को असली पहचान दिलाती है।