उमरिया में बड़ा रेल हादसा टला: चलती मालगाड़ी के तीन डिब्बों से उठा धुआं, स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन

नई दिल्ली। उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली रेलवे स्टेशन पर रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब शहडोल से कटनी जा रही कोयले से लदी एक मालगाड़ी के तीन डिब्बों से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। ट्रेन सामान्य गति से अपने मार्ग पर आगे बढ़ रही थी, तभी मालगाड़ी के गार्ड ने डिब्बों से उठते धुएं को देखा और तुरंत इसकी सूचना स्टेशन प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया और बिना देर किए मालगाड़ी को बिरसिंहपुर पाली स्टेशन पर रोक दिया गया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाईट्रेन रुकने के बाद जब जांच की गई तो पाया गया कि तीन डिब्बों से लगातार धुआं निकल रहा था, जिससे किसी संभावित आग की आशंका बढ़ गई। स्थिति को गंभीर देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। कुछ ही समय में दमकल टीम मौके पर पहुंची और डिब्बों पर लगातार पानी की बौछार कर आग लगने की आशंका को नियंत्रित किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद धुआं पूरी तरह बंद हो गया, जिससे रेलवे और यात्रियों ने राहत की सांस ली। बड़ा हादसा टला, जांच जारीसमय रहते की गई कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने के बाद मालगाड़ी की विस्तृत जांच और सुरक्षा परीक्षण कराया। इसके बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से कटनी की ओर रवाना कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कोयले के अत्यधिक गर्म होने या रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण धुआं निकलने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आगे की निगरानी और सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान बाघ का हमला, उमरिया में ग्रामीणों की बहादुरी से बची महिला की जान

नई दिल्ली। उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान एक महिला पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। ग्राम मानपुर निवासी निरसिया अपने परिवार और अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान जंगल में मौजूद बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में महिला के दाहिने हाथ और हथेली में गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गईं। ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनीघटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए जोरदार शोर मचाया, जिससे बाघ मौके से पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें शहडोल स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है। वन विभाग की सतर्कता और सलाहइस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जंगल में समूह में जाएं और निर्धारित समय के बाद ही प्रवेश करें। विभाग ने यह भी कहा है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है क्योंकि वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में अचानक हमले का खतरा बना रहता है। फिलहाल प्रशासन पीड़ित परिवार को सहायता राशि उपलब्ध करा चुका है और आगे की निगरानी जारी है।