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UPPCL का बड़ा बदलाव: प्रीपेड मीटर से पोस्टपेड सिस्टम की ओर, जून 2026 से डिजिटल तरीके से मिलेगा बिजली बिल

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड Uttar Pradesh Power Corporation Limited (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव करते हुए प्रीपेड मीटर सिस्टम को पोस्टपेड मॉडल में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को अब बिजली रिचार्ज की टेंशन से राहत मिलेगी और हर महीने खपत के आधार पर बिल जारी किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मई 2026 का बिजली बिल जून 2026 में 1 से 10 तारीख के बीच उपभोक्ताओं तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाया जाएगा। UPPCL ने साफ किया है कि अब बिल एसएमएस और व्हाट्सएप  के जरिए सीधे उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजे जाएंगे, जिससे पेपर बिल की प्रक्रिया धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी। उपभोक्ताओं को बिजली बिल प्राप्त करने के चार प्रमुख तरीके दिए गए हैंपहला तरीका SMS अलर्ट है, जिसमें रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बिल की जानकारी भेजी जाएगी। दूसरा तरीका WhatsApp है, जहां डिस्कॉम के आधिकारिक नंबर पर मैसेज भेजकर बिल प्राप्त किया जा सकता है। तीसरा विकल्प Google Pay और PhonePe जैसे पेमेंट ऐप्स हैं, जहां कस्टमर ID डालकर बिल देखा और भुगतान किया जा सकता है। चौथा तरीका टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 है, जहां कॉल करके बिल की पूरी जानकारी ली जा सकती है। यूपीपीसीएल  के अनुसार, यह बदलाव स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और आसान बिलिंग सुविधा मिल सके। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को समय पर बिल की जानकारी और भुगतान की सुविधा मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी।

BEE स्टार रेटिंग के नए सख्त नियम लागू: 1 जनवरी 2026 से बदला सिस्टम, UPPCL ने बताया 1 से 5 स्टार का पूरा गणित

नई दिल्ली। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) ने 1 जनवरी 2026 से स्टार रेटिंग सिस्टम के नियमों को और सख्त कर दिया है। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो घर के लिए एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदते हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने भी लोगों को जागरूक करते हुए बताया है कि 1 से 5 स्टार रेटिंग का सही मतलब समझना अब बेहद जरूरी हो गया है, ताकि बिजली बिल में अनावश्यक खर्च से बचा जा सके। स्टार रेटिंग का असली मतलब क्या है?BEE स्टार रेटिंग यह बताती है कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कितनी ऊर्जा (बिजली) की खपत करता है। जितनी ज्यादा स्टार रेटिंग होगी, उतनी ही कम बिजली की खपत और बेहतर ऊर्जा दक्षता मानी जाती है। अक्सर लोग सस्ते ऑफर देखकर उपकरण खरीद लेते हैं, लेकिन लंबे समय में ज्यादा बिजली बिल का बोझ उठाना पड़ता है। 1 स्टार रेटिंग: सबसे कम ऊर्जा दक्षताUPPCL के अनुसार 1 स्टार रेटिंग वाले उपकरण सबसे कम बिजली बचत करते हैं। ये शुरुआती कीमत में सस्ते हो सकते हैं, लेकिन इस्तेमाल के दौरान बिजली बिल को काफी बढ़ा देते हैं। ऐसे उपकरण केवल कम उपयोग या सीमित जरूरत के लिए ही बेहतर माने जाते हैं। 2 और 3 स्टार रेटिंग: औसत श्रेणी के उपकरण2 स्टार रेटिंग वाले उपकरण ऊर्जा बचत के मामले में कमजोर माने जाते हैं, जबकि 3 स्टार रेटिंग सामान्य या औसत दक्षता को दर्शाती है। ये उपकरण प्रदर्शन और बिजली खपत के बीच संतुलन रखते हैं, लेकिन लंबी अवधि में ज्यादा बचत नहीं कर पाते। 4 स्टार रेटिंग: बेहतर और किफायती विकल्प4 स्टार रेटिंग वाले उपकरण उच्च ऊर्जा दक्षता की श्रेणी में आते हैं। ये कम बिजली में बेहतर प्रदर्शन देते हैं। शुरुआती कीमत थोड़ी अधिक हो सकती है, लेकिन समय के साथ बिजली बिल में होने वाली बचत इस खर्च को पूरा कर देती है। लगातार इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है। 5 स्टार रेटिंग: सबसे ज्यादा बचत वाला विकल्प5 स्टार रेटिंग को सर्वोच्च ऊर्जा दक्षता माना जाता है। ये उपकरण सबसे कम बिजली की खपत करते हैं और लंबे समय में सबसे ज्यादा बचत कराते हैं। UPPCL के अनुसार, बड़े और लगातार उपयोग होने वाले घरेलू उपकरणों में 5 स्टार रेटिंग लेना सबसे समझदारी भरा फैसला होता है। BEE स्टार रेटिंग सिस्टम उपभोक्ताओं को सही और किफायती उपकरण चुनने में मदद करता है। UPPCL की सलाह है कि खरीदारी करते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि स्टार रेटिंग को जरूर देखें, क्योंकि यही आगे चलकर आपके बिजली बिल को तय करती है। 2026 से लागू हुए नए नियमों के बाद यह और जरूरी हो गया है कि लोग ऊर्जा दक्षता को प्राथमिकता दें और समझदारी से खरीदारी करें।