Rajendra Shukla: मॉनिटरिंग में ढिलाई नहीं चलेगी ,रीवा की जल और सीवरेज योजनाओं पर ,उप मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन

Rajendra Shukla: भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है और इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा शहर में चल रही जल प्रदाय योजना और सीवरेज सिस्टम के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कार्यों की प्रगति गुणवत्ता समय सीमा और वित्तीय प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समय में हर हाल में पूरी हों। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का सीधा संबंध आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से है इसलिए कार्यों में देरी या गुणवत्ता में कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से जल प्रदाय व्यवस्था से जुड़े लंबित कार्यों पर ध्यान केंद्रित करते हुए निर्देश दिए कि ओवरहेड वाटर टैंक का निर्माण और जल वितरण नेटवर्क का विस्तार आगामी वर्षा ऋतु से पहले हर स्थिति में पूरा किया जाए। उनका स्पष्ट कहना था कि यदि समय पर यह कार्य पूरे नहीं हुए तो नागरिकों को असुविधा होगी और सरकार की मंशा भी प्रभावित होगी। बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि हर चरण पर प्रगति का आकलन किया जा सके और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि जमीनी स्तर पर उसकी गुणवत्ता और प्रभाव भी नजर आना चाहिए। MP Pension Scheme: हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ मदद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 33 लाख हितग्राहियों को 200 करोड़ से ज्यादा पेंशन ट्रांसफर की उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों के दौरान आमजन को होने वाली असुविधाओं पर भी विशेष चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को इस तरह चरणबद्ध और सुनियोजित तरीके से किया जाए जिससे शहरवासियों की दैनिक जीवनचर्या प्रभावित न हो। साथ ही सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने जोर दिया। सीवरेज सिस्टम की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी स्वच्छता और जन स्वास्थ्य के लिए यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शेष पाइपलाइन बिछाने और हाउस सर्विस कनेक्शन के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी एसटीपी के निर्माण कार्य को भी समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे और आयुक्त संकेत भोंडवे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे जिन्होंने परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं बल्कि उन्हें तय समय में पूरा कर नागरिकों को उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मॉनिटरिंग और जवाबदेही में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। यह समीक्षा बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अब शहरी विकास परियोजनाओं में गति और गुणवत्ता दोनों पर बराबर ध्यान दे रही है और जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अंडरग्राउंड भोपाल मेट्रो का बड़ा कदम दुर्गावती ने बनाई 10 मीटर सुरंग दूसरी मशीन भी तैयार

भोपाल । भोपाल मेट्रो परियोजना अब जमीन के नीचे नए चरण में प्रवेश कर चुकी है जहां अत्याधुनिक तकनीक के साथ सुरंग निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है टनल बोरिंग मशीन दुर्गावती ने 24 मीटर की गहराई में उतरने के बाद 10 मीटर से अधिक सुरंग तैयार कर ली है जिसमें 7 मीटर अस्थायी और 3 दशमलव 3 मीटर स्थायी संरचना शामिल है इस उपलब्धि के साथ ही परियोजना को नई गति मिली है और अब दूसरी टीबीएम को भी जमीन के भीतर उतारने की तैयारी की जा रही है जिससे दोनों दिशाओं से खुदाई का काम एक साथ शुरू हो सकेगा इस परियोजना के तहत कुल 3 दशमलव 39 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण किया जाना है जिसमें दो प्रमुख स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे मेट्रो अधिकारियों के अनुसार अगले दो वर्षों में इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है गहराई में सुरंग निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सतह पर कंपन बेहद कम महसूस होता है जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी बिना बाधा के काम संभव हो पाता है पूरी प्रक्रिया के दौरान उन्नत मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए सुरक्षा और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है प्रदेश में पहली बार दो टनल बोरिंग मशीनों का एक साथ उपयोग किया जा रहा है जो इस परियोजना को तकनीकी दृष्टि से खास बनाता है यह सुरंग ऐशबाग से सिंधी कॉलोनी के बीच बनाई जा रही है जो भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे अहम क्षेत्रों को जोड़ेगी टीबीएम तकनीक को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह संवेदनशील और घनी शहरी आबादी के नीचे भी सटीकता और सुरक्षा के साथ कार्य कर सके भोपाल नगर निगम लोक निर्माण विभाग रेलवे पुलिस प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है शहर में एम्स से करोंद चौराहे तक ऑरेंज लाइन पर काम जारी है जिसमें सुभाषनगर से एम्स तक 6 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर पहले से संचालित हो रहा है अब सुभाषनगर से करोंद के बीच दूसरे चरण में अंडरग्राउंड सेक्शन तैयार किया जा रहा है जहां टीबीएम को रेड सी प्लाजा के पास से आगे बढ़ाया गया है इस अंडरग्राउंड कॉरिडोर में भोपाल और नादरा नाम के दो स्टेशन बनाए जाएंगे जिनकी लंबाई करीब 180 मीटर होगी सुरंग निर्माण पूरा होने के बाद नादरा स्टेशन के आगे 143 मीटर लंबे स्लोप के जरिए मेट्रो फिर से जमीन के ऊपर आएगी इन स्टेशनों को तीन स्तरों में विकसित किया जाएगा जहां ग्राउंड लेवल पर प्रवेश और निकास के साथ टिकट काउंटर और दुकानें होंगी कॉनकोर्स लेवल पर टिकटिंग ऑटोमेटिक गेट और प्रतीक्षालय की सुविधा मिलेगी जबकि प्लेटफॉर्म लेवल पर यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे इस तरह भोपाल मेट्रो परियोजना न केवल शहर के यातायात को नई दिशा दे रही है बल्कि आधुनिक तकनीक और सटीक योजना के साथ भविष्य के शहरी विकास की मजबूत नींव भी रख रही है