अमेरिका ने ईरान के इस्फहान पर बंकर बस्टर बम से किया हमला

वाशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर पर 2000 किलो के बंकर बस्टर बम से हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला एक हथियार डिपो पर किया गया। इस हमले के चलते इस्फहान के आसमान में आग और धुएं का विशाल गुबार देखा गया। इस हमले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धमाके के चलते खौफनाक मंजर दिखाई दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर इस वीडियो को पोस्ट किया है। वाल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमले में बड़ी संख्या में विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। जिस जगह को निशाना बनाया गया, वह एक भूमिगत ढांचा था, जिसके लिए बंकर बस्टर बम का इस्तेमाल किया गया। इस्फहान ईरान का एक सैन्य सेंटर है और ईरान के परमाणु ठिकाने भी इस शहर के करीब ही स्थित हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर हमले की वीडियो साझा की है। हालांकि अभी तक इस हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस्फहान की रणनीतिक अहमियत भी है और दावा किया जाता है कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम का बड़ा हिस्सा, जो करीब 540 किलो है, इस्फहान के भूमिगत ठिकानों में ही रखा है।
ईरान पर अमेरिकी हमले तेज: 7000 से ज्यादा ठिकाने तबाह, 100 जहाज नष्ट होने का ट्रंप का दावा

वाशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर सैन्य और व्यावसायिक ठिकाने शामिल हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उनके मुताबिक, इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी गिरावट का दावा ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों में 90% और ड्रोन हमलों में 95% तक की कमी आई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने मिसाइल और ड्रोन निर्माण से जुड़े कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें हाल ही में तीन प्रमुख संयंत्रों पर हमले शामिल हैं। 100 से ज्यादा नौसैनिक जहाज नष्ट अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, बीते हफ्तों में ईरान के 100 से अधिक नौसैनिक जहाजों को डुबोया या नष्ट किया जा चुका है। उन्होंने खास तौर पर खार्ग द्वीप पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया, हालांकि तेल ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। होर्मुज को लेकर कड़ी चेतावनी ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य पक्ष यहां वाणिज्यिक जहाजों के रास्ते में बाधा डालता है, तो अमेरिका तेल ढांचे पर भी हमला करने का फैसला ले सकता है। उनका कहना था कि यह कार्रवाई कुछ ही मिनटों में की जा सकती है, लेकिन उसके असर लंबे समय तक रहेंगे। समुद्री क्षमता को भी झटका ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने 30 से अधिक माइन बिछाने वाले जहाजों और उनसे जुड़ी सैन्य सुविधाओं को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान की समुद्री क्षेत्र में धमकी देने की क्षमता काफी कमजोर हुई है। दुनिया से सहयोग की अपील अंत में ट्रंप ने अन्य देशों से अपील करते हुए कहा कि जिन देशों की अर्थव्यवस्था होर्मुज जलडमरूमध्य पर ज्यादा निर्भर है, उन्हें इस संकट में अमेरिका का साथ देना चाहिए। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।