नेतन्याहू जिंदा है या नहीं, पता करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने भेजा अपना दूत; नए वीडियो में क्या?
नई दिल्ली। मौत की अटकलों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक और वीडियो सामने आया है। इस बार नेतन्याहू ने अपने जीवित होने का सबूत पेश करते हुए दिलचस्प वीडियो शेयर किया। मंगलवार को पोस्ट किए गए इस वीडियो में वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत के साथ नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी दूत को यह सुनिश्चित करने के लिए ही भेजा गया था कि नेतन्याहू जिंदा हैं। इजरायली प्रधानमंत्री ने खुद इसकी जानकारी दी। इस वीडियो में नेतन्याहू और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी साथ साथ नजर आ रहे हैं। सबसे पहले नेतन्याहू मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मैं जिंदा हूं।” और फिर मौत की अटकलों पर तंज कसते हुए कहते हैं, “हम हर हाथ की पांच उंगलियों से हाथ मिलाते हैं।” इससे वह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें यह दावा किया गया था कि नेतन्याहू का AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया जा रहा है और उनके हाथों पर छह उंगलियां दिखाई देने की बात कही गई थी। नए वीडियो पर भी उठे थे सवालइसके बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो साझा कर इस बात को साबित करने की कोशिश की है वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बीते दिनों एक कॉफी हाउस का वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वे अपने जिंदा होने की पुष्टि करने की कोशिश करते दिखे। हालांकि इंटरनेट पर लोगों ने इस वीडियो की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठा दिए। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के चैट बॉट Grok ने इसे डीपफेक वीडियो बता दिया। अमेरिकी दूत से क्या बोले नेतन्याहू?अब नेतन्याहू ने अमेरिकी दूत के साथ वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में वह हकाबी के साथ बातचीत करते हुए देखे जा सकते हैं। इस बीच हकाबी मजाक मजाक में कहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इजरायली नेता का हालचाल जानने के लिए भेजा था। हकाबी ने कहा, “मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, मैं चाहता हूं कि आप यह जानें कि राष्ट्रपति ने मुझे यहाँ आकर यह पक्का करने के लिए कहा था कि आप ठीक हैं।” इस पर नेतन्याहू जवाब देते हैं “हां, माइक। हां मैं ज़िंदा हूं।” वीडियो में नेतन्याहू ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी आहे बासिज प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी की मौत को लेकर भी ईरान पर तंज कसा। नेतन्याहू ने कहा, “आज, मैंने पंच कार्ड से दो नाम मिटा दिए।” बता दें कि मंगलवार को इजरायल ने इन दोनों नेताओं के मारे जाने का दावा किया था। बुधवार को ईरान ने भी इसकी पुष्टि की है और बदला लेने की कसम खाई है।
पेंटागन में अमेरिका-इज़राइल की गुप्त बैठक, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा

Pentagon meeting, नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संभावित युद्ध की आशंका गहराती दिख रही है। इसी बीच पेंटागन में अमेरिका और इज़राइल के उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच एक गुप्त बैठक हुई। बैठक के केंद्र में ईरान और उसके खिलाफ संभावित सैन्य कदम रहे।बैठक में कौन शामिल था रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जनरल डैन केन और इज़राइली चीफ ऑफ स्टाफ आयल ज़मीर ने बीते शुक्रवार को बंद कमरे में चर्चा की। जमीर के वॉशिंगटन से लौटते ही इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठकें कीं। इसमें इज़राइल के रक्षा मंत्री काट्ज़, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारीयों ने संभावित सैन्य तैयारी और किसी भी आपात स्थिति का आकलन किया।संभावित कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव अमेरिकी अधिकारी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इससे पहले सऊदी अरब और यूएई जैसे मुस्लिम देश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हमला न करने के लिए मना चुके थे। हालांकि, अब हमले की संभावना फिर से बढ़ रही है।ईरान की चेतावनी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका युद्ध छेड़ेगा, तो यह केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध शुरू नहीं करेगा और किसी पर हमला करने का इरादा नहीं रखता, लेकिन “ईरानी जनता उन पर करारा जवाब देगी, जो हमला या परेशान करने की कोशिश करेंगे।” इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान के पास अमेरिका के साथ समझौते के लिए समय तेजी से समाप्त हो रहा है।