वियतनाम और जापान के लिए सीधी नई उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया

नई दिल्ली। टाटा समूह की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया ने वियतनाम और जापान के लिए अपनी नई उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत कंपनी अपने नेटवर्क विस्तार के तहत वियतनाम के हनोई और टोक्यो के हनेडा के लिए नॉन स्टॉप सर्विस को जोड़ेगी। कंपनी ने बताया कि एयर इंडिया 01 मई से दिल्ली से वियतनाम के हनोई के लिए और 15 जून से मुंबई से टोक्यो के हानेडा के लिए अपनी सीधी उड़ानें शुरू करने वाली है। एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, मरीन ड्राइव के सनसेट से लेकर शिबुया की रौनक भरी रातों तक जापान अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। हम 15 जून से मुंबई और टोक्यो हानेडा के बीच हफ़्ते में 4x नॉन-स्टॉप फ्लाइट की शुरुआत कर रहे हैं, जिससे यात्रियों के लिए जापान के कल्चर, एनर्जी और हमेशा रहने वाले आकर्षण का अनुभव करना आसान हो जाएगा। एयरलाइन ने कहा कि बुकिंग अभी शुरू है।
भारत-वियतनाम के बीच रेशम और वस्त्र क्षेत्र में मजबूत होगा द्विपक्षीय सहयोग

नई दिल्ली। भारतीय रेशम और वस्त्र उद्योग (Indian Silk and Textile Industry) के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, वस्त्र मंत्रालय (Ministry of Textiles) के केंद्रीय रेशम बोर्ड और प्रमुख भारतीय उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने वियतनाम का पांच दिवसीय आधिकारिक दौरा किया। वस्त्र मंत्रालय के अनुसार हनोई स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से आयोजित इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रेशम उत्पादन, हथकरघा और तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। यात्रा के दौरान, केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त सचिव (तकनीकी) डॉ. नरेश बाबू एन. ने वियतनाम के अग्रणी वस्त्र निर्माता और निर्यातकों में शामिल बिटेक्सको नाम लॉन्ग जॉइंट स्टॉक कंपनी के अध्यक्ष को फाइव-इन-वन सिल्क स्टोल (छोटे शॉल) भेंट कर सम्मानित किया और कंपनी को भारत टेक्स 2026 में भाग लेने का न्यौता दिया। उन्होंने वियतनाम टेक्सटाइल एंड अपैरल एसोसिएशन (वीआईटीएएस) को भी भारत टेक्स 2026 के लिए आमंत्रित किया और वियतनाम एसोसिएशन ऑफ क्राफ्ट विलेजेज के साथ हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, उत्पादों के विकास, ग्राम स्तरीय रेशमी वस्त्र उत्पादन, निर्यात और नीतिगत समर्थन पर चर्चा की। वियतनामी एसोसिएशन ने इस पर सहयोग में गहरी रुचि दिखाई। प्रतिनिधिमंडल ने हनोई में भारत के राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा से मुलाकात कर रेशम और वस्त्र क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर गहन चर्चा की। इस दौरान भारत और वियतनाम के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी। भारतीय दल ने हनोई के ऐतिहासिक वान फुक सिल्क क्राफ्ट विलेज का दौरा किया। यहां के बुनाई, डिजाइन और फैशन के एकीकृत मॉडल का अध्ययन किया गया, जिससे भारत में ‘रेशम उत्पादन-पर्यटन’ मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, दल ने स्वचालित रीलिंग इकाइयों और शहतूत के खेतों का भी निरीक्षण किया। वियतनाम में आयोजित दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों—वियतनाम इंटरनेशनल वैल्यू चेन एग्जिबिशन 2026 और वियतनाम ग्लोरियस स्प्रिंग फेयर 2026 में केंद्रीय रेशम बोर्ड के स्टॉल भी लगाया गया। भारतीय रेशम उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाया। इस यात्रा के समापन पर विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और वियतनाम के बीच इस सहयोग से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और आधुनिक सिलाई तकनीकों का आदान-प्रदान होगा, उत्पाद विविधीकरण के नए अवसर मिलेंगे, दोनों देशों के बीच संवहनीय विकास और वैश्विक बाजार संबंधों को मजबूती मिलेगी।