घर के अंदर हुआ खून का खेल, जिस पोते को दादा ने पाला, उसी ने ले ली जान, गांव में मातम और गुस्सा

नई दिल्ली। रिश्तों की नींव पर जब भरोसा दरकता है, तो घटनाएं इंसानियत को झकझोर देती हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला हरियाणा के हांसी क्षेत्र के एक गांव से सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद ने एक घर को मातम में बदल दिया। जिस दादा ने कभी अपने पोते को उंगली पकड़कर चलना सिखाया था, उसी पोते पर अब उनके जीवन को समाप्त करने का आरोप लगा है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि एक ही परिवार के भीतर इतना बड़ा और भयावह कदम कैसे उठाया जा सकता है। घटना देर रात की बताई जा रही है, जब घर के अंदर अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि यह कोई सामान्य पारिवारिक विवाद होगा, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई। घर के अंदर अफरा-तफरी मच गई और जब लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने 80 वर्षीय बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया। कुछ ही समय में पूरे गांव में इस घटना की खबर फैल गई और माहौल गम और गुस्से में बदल गया। जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग की पहचान बरखा राम के रूप में हुई है, जिनकी कथित तौर पर उनके ही पोते अंकित ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी अविवाहित है और लंबे समय से पारिवारिक तनाव का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि घर में अक्सर झगड़े की स्थिति रहती थी और कई बार विवाद हिंसक रूप भी ले लेते थे। यह भी आरोप सामने आए हैं कि आरोपी नशे की हालत में भी दादा से विवाद करता था, जिससे घर का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहता था। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग कुछ समय से अपनी बेटियों के पास रह रहे थे और करीब 15 दिन पहले ही गांव लौटे थे। घटना वाली रात किसी बात को लेकर दादा और पोते के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गई। इसी दौरान हमला हुआ, जिसमें बुजुर्ग को सिर पर गंभीर चोट लगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किस वस्तु से किया गया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए स्थिति बेहद नाजुक मानी गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम जैसा माहौल बन गया। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक पोता अपने ही दादा के साथ इतना क्रूर व्यवहार कैसे कर सकता है। ग्रामीणों के बीच आक्रोश भी देखा जा रहा है और लोग इस घटना को रिश्तों पर एक गहरा धक्का बता रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है, जबकि मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह कभी-कभी भयावह परिणामों में बदल सकता है।
GUNA SIBLINGS DEATH: दीवार ढहने से दो मासूम भाइयों की मौत, खेलते-खेलते मलबे में दबे

HIGHLIGHTS: गुना के बनयाई गांव में दर्दनाक हादसा 13 और 6 साल के सगे भाइयों की मौत छप्पर हटाने के दौरान अचानक गिरी दीवार मलबे में दबने से मौके पर ही मौत मजदूर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ‘ GUNA SIBLINGS DEATH: मध्यप्रदेश। गुना के आरोन क्षेत्र स्थित बनयाई गांव से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जहां घर की दीवार गिरने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। बता दें कि 13 वर्षीय कपिल और 6 वर्षीय अभिराज पास में खेल रहे थे, तभी अचानक दीवार भरभराकर ढह गई और दोनों मासूम मलबे के नीचे दब गए। नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप छप्पर हटाने के दौरान हुआ हादसा घटना के वक्त परिवार के सदस्य दीवार के ऊपर से छान-छप्पर हटा रहे थे। काम के दौरान दीवार कमजोर होकर अचानक गिर गई। बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सीधे मलबे की चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि कोई उन्हें बचा नहीं सका। AI डिक्टेशन का नया दौर: कीबोर्ड होगा खत्म, बोलते ही तैयार होगा स्मार्ट टेक्स्ट अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हादसे के बाद परिजनों ने तुरंत मलबा हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला और इलाज के लिए अशोकनगर जिला अस्पताल ले गए। लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल पोस्टमार्टम के बाद सौंपे गए शव शनिवार सुबह पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। ताइवान के पास अमेरिका-फिलीपींस की बड़ी चाल: NMESIS एंटी-शिप मिसाइल की तैनाती से चीन की बढ़ी बेचैनी मजदूर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ मृतक कपिल और अभिराज एक ही परिवार के सगे भाई थे। उनके माता-पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा

देवास । देवास जिले के नेवरी इलाके में एक साधारण सा खेल अचानक ऐसी त्रासदी में बदल गया जिसने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया खेत के पास बने एक खाली मैदान में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे हंसी ठिठोली और खेल का उत्साह अपने चरम पर था तभी खेलते खेलते गेंद पास के एक पुराने कुएं में जा गिरी किसी ने नहीं सोचा था कि यही एक छोटी सी घटना दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगी करीब पंद्रह वर्षीय देवेंद्र सबसे पहले गेंद निकालने के लिए कुएं में उतरा बताया जा रहा है कि कुएं में पानी का स्तर काफी ज्यादा था और फिसलन भी थी जैसे ही वह नीचे पहुंचा उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा ऊपर खड़े उसके साथियों के बीच अचानक चीख पुकार मच गई इसी बीच अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में सोलह वर्षीय राजवीर बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद पड़ा लेकिन यह बहादुरी दोनों के लिए भारी पड़ गई दोनों एक दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन पानी की गहराई और घबराहट ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए ऊपर खड़े बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह रही कि देवेंद्र का उसी दिन जन्मदिन था जिस दिन उसकी जिंदगी खत्म हो गई वह अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था पिता के निधन के बाद मां ने बेटे के सहारे ही जिंदगी को थाम रखा था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था बेटे का शव देखते ही मां का विलाप हर किसी की आंखें नम कर गया राजवीर भी अपने परिवार का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया दोनों बच्चों की दोस्ती और एक दूसरे के लिए जान जोखिम में डालने की कोशिश अब गांव के हर व्यक्ति के दिल को चुभ रही है पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा गांव में हर व्यक्ति इस हादसे को याद कर सहम उठा है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाती तो शायद ये दो जिंदगियां बच सकती थीं यह हादसा एक कड़वी सीख भी छोड़ गया है कि खुले कुएं और असुरक्षित स्थान बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं एक छोटी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है
Murena Temple Roof Collapse : मुरैना में भूमिया बाबा मंदिर की छत गिरी, ग्रामीणों ने हटाया मलबा

HIGHLIGHTS: भूमिया बाबा मंदिर की हॉल की छत गिर गई। हादसे में कोई जन हानि नहीं। मंदिर लगभग 100 साल पुराना। पटिया टूटने से छत गिरी। ग्रामीण मलबा हटाने और सुरक्षा इंतजाम में जुटे। Murena Temple Roof Collapse : मुरैना। जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र के हुराई पुरा संगोली गांव में स्थित भूमिया बाबा मंदिर की हॉल की छत शुक्रवार शाम अचानक भरभरा कर नीचे गिर गई। हालांकि, गनीमत रही कि इस समय हॉल में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे कोई जन हानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। 5 बार की चैंपियन CSK पर दाग! पंजाब किंग्स से हारते ही बना अनचाहा रिकॉर्ड, West Indies cricket team को भी छोड़ा पीछे पुराना मंदिर और हॉल की स्थिति ग्रामीणों ने बताया कि यह भूमिया बाबा मंदिर लगभग 100 साल पुराना है। पहले यहां केवल एक चबूतरा था, जिस पर बाबा का स्थान था और भक्त पूजा अर्चना करते थे। बाद में ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा करके श्रद्धालुओं की मदद से एक हॉल बनाया, जिसके ऊपर छत के रूप में पटिया चढ़ाई गई। लेकिन पटिया कब टूटी, इसका किसी को अंदाजा नहीं था। तीसरे ODI में न्यूजीलैंड का धमाका! दक्षिण अफ्रीका को 66 रन से हराया, सीरीज पर किया कब्जा हादसा टलने की कहानी माता बसैया थाना प्रभारी एसआई विवेक तोमर के अनुसार, छत गिरने के समय हॉल में कोई नहीं था। पटिया टूटने से ही छत नीचे गिर गई। अगर उस समय कोई व्यक्ति हॉल में होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना ने गांववालों को सचेत किया और सभी मलबा हटाने और सुरक्षा इंतजाम करने में जुट गए। Guna Worker Bribe Case : 200 रूपए की रिश्वत लेते पकड़या कर्मचारी, नौकरी से धोना पड़ा हाथ ! ग्रामीण और प्रशासन की प्रतिक्रिया ग्रामीण अब मंदिर की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विचार कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि किसी तरह की शिकायत नहीं मिली थी और मंदिर का कंस्ट्रक्शन काफी पुराना था। स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग से मलबा हटाने और हॉल को सुरक्षित बनाने का काम शुरू कर दिया है।