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आखिरी ओवर में टूटा सपना: कप्तान दसुन शनाका ने फैंस से मांगी माफी, बताई बाहर होने की वजह

नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में श्रीलंका का सफर बेहद नाटकीय लेकिन निराशाजनक अंदाज में खत्म हुआ। सुपर 8 के अपने आखिरी मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ मिली रोमांचक हार ने टीम को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। मैच इतना करीबी था कि आखिरी दो गेंदों तक श्रीलंका जीत की दहलीज पर खड़ा था लेकिन बाज़ी पाकिस्तान के पक्ष में पलट गई। इस हार के बाद श्रीलंकाई कप्तान दसुन शनाका ने न सिर्फ अपनी निराशा जाहिर की बल्कि देश के फैंस से माफी भी मांगी। पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में शनाका ने स्वीकार किया कि वे मैच को फिनिश कर सकते थे लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद करीबी मुकाबला था और वे जिम्मेदारी लेते हैं कि आखिरी क्षणों में टीम जीत दर्ज नहीं कर सकी। उन्होंने पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दबाव के क्षणों में शानदार गेंदबाजी की जिसने मैच का रुख बदल दिया। पूरे टूर्नामेंट पर नजर डालें तो यह श्रीलंका के लिए कठिन अभियान रहा। टीम ने अपने सात में से चार मैच गंवाए जिनमें सुपर 8 के तीन मुकाबले शामिल थे। अपनी सरजमीं पर खेलने के बावजूद टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। शनाका ने साफ कहा कि चोटों ने टीम का संतुलन बिगाड़ दिया। प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने संयोजन और रणनीति दोनों को प्रभावित किया जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। खास तौर पर वानिंदु हसरंगा और मथीशा पथिराना के टूर्नामेंट से बाहर होने को कप्तान ने बड़ा झटका बताया। शनाका ने कहा कि ये दोनों सिर्फ खास गेंदबाज नहीं बल्कि टीम की रणनीतिक ताकत थे। वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर ऐसे खिलाड़ियों की कमी साफ महसूस होती है। उनके अनुसार अगर टीम पूरी तरह फिट होती तो सेमीफाइनल तक पहुंचना असंभव नहीं था। आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए शनाका ने आत्ममंथन का संकेत दिया। उन्होंने माना कि एक खिलाड़ी होने के नाते दबाव महसूस होता है और कभी कभी प्रतिक्रिया भावनात्मक हो सकती है। उन्होंने फैंस से माफी मांगते हुए कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था और वे भविष्य में इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे। उनका यह भावुक संदेश साफ करता है कि हार ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। हालांकि निराशा के बीच उन्होंने भविष्य की उम्मीद भी दिखाई। युवा बल्लेबाज पवन रथनायके की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और क्रीज का शानदार उपयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने वेलालगे जैसे उभरते खिलाड़ियों को श्रीलंकाई क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य बताया। शनाका ने भरोसा जताया कि चोटिल खिलाड़ी जल्द वापसी करेंगे और टीम नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरेगी। अंत में सिंहली भाषा में फैंस को संबोधित करते हुए शनाका ने दिल से धन्यवाद दिया और कहा कि दर्शकों का समर्थन देखकर उन्हें जीत की उम्मीद थी। उन्होंने स्वीकार किया कि हार से वे बेहद निराश हैं लेकिन एक टीम के रूप में वे मजबूत वापसी का वादा करते हैं। श्रीलंका का यह विश्व कप अभियान भले ही अधूरा रह गया हो लेकिन कप्तान का आत्मस्वीकृति और जिम्मेदारी लेना आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रीलंका का बड़ा फैसला: धनंजय डी सिल्वा बाहर, कामिंदु मेंडिस की एंट्री से बढ़ी चुनौती

नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले श्रीलंका क्रिकेट टीम ने अपने स्क्वॉड में बड़ा और अहम बदलाव किया है। टीम मैनेजमेंट ने कड़ा फैसला लेते हुए आउट ऑफ फॉर्म चल रहे अनुभवी खिलाड़ी धनंजय डी सिल्वा को 15 सदस्यीय टीम से बाहर कर दिया है, जबकि उनकी जगह विस्फोटक बल्लेबाज कामिंदु मेंडिस को शामिल किया गया है। इस फैसले को वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। धनंजय डी सिल्वा हाल के दिनों में पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे थे। रन बनाने में संघर्ष और कमजोर स्ट्राइक रेट को देखते हुए चयनकर्ताओं ने वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर उन्हें मौका न देने का फैसला किया। इसके उलट कामिंदु मेंडिस, जो पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे थे, अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और बहुआयामी क्षमता के चलते एक बार फिर चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं। उनकी वापसी से टीम के बल्लेबाजी संतुलन में मजबूती आने की उम्मीद है। इस बार श्रीलंका ने युवा प्रतिभाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। 23 वर्षीय बल्लेबाज पवन रत्नायके और तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा को वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह दी गई है, जबकि प्रमोद मदुशन को बाहर बैठना पड़ा है। धनंजय के बाहर होने से बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर दुनिथ वेललागे के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान हो गया है। वेललागे के पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट का अच्छा अनुभव है और उन्होंने हाल ही में श्रीलंका-ए टीम की सफल कप्तानी कर अपनी क्षमता साबित की है। सह-मेजबान होने के नाते श्रीलंका को घरेलू परिस्थितियों का भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद है। ग्रुप बी के सभी मुकाबले कोलंबो और पल्लेकेले में खेले जाएंगे। श्रीलंका का सामना इस ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, ओमान और जिम्बाब्वे जैसी टीमों से होगा। टीम 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, इसके बाद 12 फरवरी को ओमान, 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और 19 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैदान में उतरेगी। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए घोषित श्रीलंका की 15 सदस्यीय टीम में कप्तान दासुन शनाका नेतृत्व करेंगे। बल्लेबाजी क्रम में पथुम निसांका, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, चरिथ असलांका और कामिंदु मेंडिस शामिल हैं। ऑलराउंड विभाग में वानिंदु हसरंगा, दुनिथ वेललागे, जेनिथ लियानागे और पवन रत्नायके को जगह दी गई है, जबकि गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी महीश तीक्षाना, दुष्मंता चमीरा, मथीशा पथिराना और ईशान मलिंगा संभालेंगे। संतुलित टीम के साथ श्रीलंका अब घरेलू दर्शकों के सामने खिताब जीतने के इरादे से उतरेगा।