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MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार वजह बने हैं एक साथ एक्टिव हुए दो मजबूत वेदर सिस्टम। इनके असर से प्रदेश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार करीब 28 जिलों में तेज हवाओं, बारिश और अचानक बदलते मौसम की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर रह सकते हैं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने खासतौर पर शाम और रात के समय सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इस दौरान सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश में मौसम का डबल रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, धार, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि शाम होते-होते यहां भी मौसम बदल रहा है और तेज हवाओं के साथ बादल छाने लगते हैं। बीते कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार मौसम का उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कई जिलों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। खरगोन में पारा 42 डिग्री तक दर्ज किया गया, जबकि खंडवा और नरसिंहपुर में भी तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा। वहीं कुछ जगहों पर तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बदलाव दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। इतना ही नहीं, 10 मई के आसपास एक और नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है, जिससे आंधी-बारिश का दौर और तेज होने के संकेत हैं। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह से अनिश्चित बना हुआ है—कहीं तेज आंधी, कहीं बारिश और कहीं भीषण गर्मी एक साथ देखने को मिल रही है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

श्योपुर में गर्मी का कहर, पारा 40°C के पार, जनजीवन प्रभावित

मध्यप्रदेश श्योपुर । मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में अप्रैल के मध्य में ही भीषण गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से लगातार बढ़ते तापमान के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है और दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। 40 डिग्री तक पहुंचा तापमानमौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास बना हुआ है। लगातार बढ़ते तापमान ने गर्मी को और अधिक असहनीय बना दिया है। पिछले कुछ दिनों के रिकॉर्ड देखें तो 11 अप्रैल को भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा था, जबकि 10 अप्रैल को यह 34 डिग्री था। इसके बाद लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो तेज गर्मी का स्पष्ट संकेत है। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटातेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं और सिर व चेहरे को कपड़े से ढककर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। घरों में बढ़ा कूलर और AC का उपयोगगर्मी बढ़ने के साथ ही अब घरों में कूलर और एयर कंडीशनर का उपयोग भी बढ़ गया है। वहीं बाजारों में ठंडे पेय पदार्थ, जूस और आइसक्रीम की मांग में तेजी देखी जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनीमौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो अप्रैल के अंत तक भीषण गर्मी और अधिक गंभीर रूप ले सकती है। सावधानी बरतने की अपीलप्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय धूप से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश से मिलेगी राहत, वहीं यूपी और राजस्थान में हीटवेव ने बढ़ाई आम लोगों की मुश्किलें

नई दिल्ली:   देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को अलग अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां कई राज्यों में बारिश और आंधी तूफान की चेतावनी जारी की गई है, वहीं दूसरी ओर कई क्षेत्रों में तेज गर्मी और लू ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज कई राज्यों में मौसम अस्थिर रहेगा और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। उत्तर भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। इन इलाकों में गरज चमक के साथ वर्षा होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे धूल भरी स्थिति बन सकती है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी का अनुमान है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक महसूस होगा। उत्तर प्रदेश में आज बारिश की संभावना बेहद कम है और यहां भीषण गर्मी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। राज्य के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई गई है। लखनऊ सहित कई प्रमुख शहरों में तापमान ऊंचा बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है। राजस्थान में भी मौसम शुष्क बना हुआ है और यहां हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना है। जयपुर सहित कई जिलों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत संतुलित बना हुआ है। सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में बादल और ठंडी हवाएं मौसम को सुहावना बनाए रख सकती हैं। बिहार में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। पटना सहित कई जिलों में लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दिन के समय तापमान काफी ऊंचा रहने का अनुमान है, जिससे सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। हरियाणा और पंजाब में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में गर्मी धीरे धीरे अपना असर दिखा रही है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना है। वहीं उत्तराखंड के कई इलाकों में बारिश का अनुमान है, जिससे वहां के मौसम में ठंडक बनी रह सकती है। जम्मू कश्मीर में भी बारिश और तूफान की संभावना जताई गई है। कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

Weather Update: राजस्थान में पारा 40°C पार, मध्य प्रदेश में 39°C; बिहार में बारिश का यलो अलर्ट, पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी की संभावना

नई दिल्ली। 11 मार्च 2026 मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा समेत कई राज्यों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। राजस्थान में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि मध्य प्रदेश में भी पारा 39°C तक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है। राजस्थान में 40°C पार पहुंचा तापमानराजस्थान में गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। राज्य के बाड़मेर में सबसे अधिक 40.6°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने तेज गर्मी के साथ कुछ इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के करीब 19 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है। मध्य प्रदेश में भी बढ़ी गर्मीमध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे सप्ताह से ही तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। ग्वालियर-चंबल संभाग में तापमान सामान्य से 6°C ज्यादा दर्ज किया गया। मंगलवार को धार में सबसे अधिक 39°C तापमान रहा, जबकि राज्य के कई शहरों में तापमान 34°C से अधिक दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि 15 मार्च के बाद गर्मी और तेज हो सकती है। बिहार में बारिश का यलो अलर्टबिहार में मौसम का मिजाज थोड़ा बदला हुआ है। मौसम विभाग ने आज 8 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इनमें गोपालगंज, बेगूसराय और नालंदा समेत कई जिले शामिल हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा तापमान सुपौल में 32.1°C दर्ज किया गया, जबकि राजधानी पटना में तापमान 32°C रहा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावनाउत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम विभाग ने बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार को अधिकतम तापमान 31°C दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में यहां तापमान 35°C तक पहुंच सकता है। क्यों बढ़ रही है इतनी जल्दी गर्मी?मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक असामान्य गर्मी के पीछे कई कारण हैं। फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) कम सक्रिय रहे, जिससे बादल और बारिश कम हुई। इसके कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और सतह तेजी से गर्म हो रही है। इसके अलावा पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इस स्थिति में हवा नीचे की ओर दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं चलती रहती हैं। यही कारण तापमान बढ़ने का मुख्य कारण बन रहा है। कब घोषित होती है हीटवेव?मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानों में तापमान 40°C या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य तापमान से 4 से 6°C ज्यादा दर्ज होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। इस दौरान लोगों को लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। जून में अलनीनो का असर संभवमौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल ला-नीना कमजोर हो रहा है और अगले तीन महीने एनसो न्यूट्रल स्थिति रह सकती है। अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA के अनुसार जून की शुरुआत में अलनीनो सक्रिय हो सकता है। इसी समय भारत में मानसून भी आता है।अलनीनो की स्थिति बनने पर न सिर्फ गर्मी बढ़ती है, बल्कि मानसून भी कमजोर हो सकता है। अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम12 मार्च: हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। 13 मार्च: केरल और आंध्र प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि कुछ तटीय इलाकों में हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। निष्कर्ष:देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए लोगों को गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।