Weather Update: ग्वालियर में चढ़ा पारा, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी!

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा अगले 24 घंटे में 2-3 डिग्री और बढ़ने की संभावना पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, गर्म हवाएं सक्रिय अप्रैल में शहर में रहती है सबसे अधिक गर्मी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की दी सलाह Weather Update: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश और ओलावृष्टि से मिली राहत अब खत्म हो चुकी है। मौसम ने फिर से गर्म रुख अपना लिया है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो करीब आठ दिनों बाद 36 डिग्री के पार पहुंचा। वहीं सोमवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। महिलाओं को संसद-विधानसभाओं में तत्काल 33% आरक्षण देने की मांग… SC में आज होगी सुनवाई अगले 24 घंटे में और चढ़ेगा पारा मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ेगा, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी का एहसास होगा। दिन के समय गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। Aaj Ka Rashifal: सप्ताह की शुरुआत में किसकी चमकेगी किस्मत, किसे होगा नुकसान पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म, बदला मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और नमी के कारण तापमान में गिरावट आई थी। अब यह प्रभाव समाप्त हो गया है और पश्चिमी हवाएं सक्रिय हो गई हैं, जिससे तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री का TMC पर विकास और खर्च को लेकर हमला.. अप्रैल में ग्वालियर का अलग रहता है गर्मी का ट्रेंड ग्वालियर में अप्रैल का मौसम अन्य शहरों की तुलना में अधिक गर्म रहता है। पिछले 10 वर्षों में यहां तापमान कई बार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड के अनुसार, 28 अप्रैल 1958 को यहां अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सीहोर के आष्टा में सीएम का बड़ा कार्यक्रम छात्राओं से संवाद लाड़ली बहना योजना की राशि ट्रांसफर गर्मी से बचाव के लिए बरतें सावधानी स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। लू से बचाव के लिए बाहर निकलते समय सिर को ढकना भी जरूरी है।
एमपी में फिर बिगड़ा मौसम, 3 सिस्टम एक्टिव, 18 जिलों में बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवाती सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ले ली है। इसके चलते आंधी और बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो गया है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मौसम काफी बिगड़ा रहा। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर सहित कुल 18 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आया। भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश हुई। इसी दौरान शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं। मौसम विभाग के मुताबिक 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। विभाग ने यह भी बताया कि प्रदेश में तेज आंधी चलने की संभावना है। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में यह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। आमतौर पर दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
GWALIOR HEAVY RAIN ALERT : अप्रैल में मौसम का यू-टर्न; Gwalior में बारिश-ओलों का डबल अलर्ट, देखें क्या आज बरसेंगे बदल!

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में बेमौसम बारिश से तापमान में गिरावट अधिकतम तापमान 33.3°C, न्यूनतम 17.7°C दर्ज 4 जिलों में येलो अलर्ट जारी तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी किसानों के लिए फसल नुकसान का खतरा बढ़ा GWALIOR HEAVY RAIN ALERT : ग्वालियर। अप्रैल के पहले सप्ताह में ग्वालियर का मौसम अचानक बदला हुआ नजर आ रहा है। बीते दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं अब मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर लोगों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सर पास कर दो…. MP में 10वीं-12वीं की कॉपियों में किसी ने रखे 500 के नोट, तो किसी ने की ऑनलाइन पैसे भेजने की पेशकश आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी मंगलवार रात करीब 9:30 बजे हुई बारिश के बाद शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह के समय आर्द्रता 94 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे मौसम और भी ठंडा महसूस हुआ। गजकेसरी योग का बड़ा असर अक्षय तृतीया पर मेष से धनु तक धन सफलता और समृद्धि के खुलेंगे द्वार इन जिलों में अलर्ट ग्वालियर के साथ-साथ भिंड , दतिया और मुरैना में अगले 24 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। साथ ही हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी सक्रिय मौसम तंत्र बना कारण मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर बना हुआ है। वहीं उत्तर-पूर्व राजस्थान और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सिस्टम्स के कारण नमी लगातार बढ़ रही है, जिससे बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है। देंखे आपके शहर का तापमान भोपाल – 32°C इंदौर – 31°C ग्वालियर – 33°C दिल्ली – 30°C जयपुर – 31°C
एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय

भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते 4 दिनों करीब 98 घंटे से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब यह सिस्टम आगे बढ़ चुका है और मौसम साफ होने के साथ तेज गर्मी बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई है। हालांकि मार्च के आखिरी सप्ताह में एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में फिर बदलाव हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। शनिवार को भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा और राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में सबसे कम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा और दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव और सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह और उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री तथा मंडला और खजुराहो में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 29.4 डिग्री, जबलपुर 29.5 डिग्री, इंदौर 30.6 डिग्री, ग्वालियर 28.4 डिग्री और उज्जैन 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। केला, पपीता और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। धार और खरगोन समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते अब मुआवजे की मांग उठने लगी है। पिछले चार दिनों में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा और मंडला समेत कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई। वहीं अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला जिलों में ओले गिरे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल और मई महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।
मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना

भोपाल । मार्च ने आते ही तेवर दिखा दिए हैं। महीने के पहले ही दिन प्रदेश में तेज धूप ने तापमान को ऊंचाई पर पहुंचा दिया। निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखा, जहां इंदौर संभाग के खरगोन में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की गई। अगले चार दिन और बढ़ेगा पारा मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च की शुरुआत साफ मौसम और तीखी धूप के साथ हुई, जिससे दिन के तापमान में उछाल आया है। पचमढ़ी को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया। धार, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे शहरों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं शनिवार-रविवार की रात भी अपेक्षाकृत गर्म रही। जबलपुर में रात का तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार, नर्मदापुरम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में रात का पारा 17 डिग्री से ऊपर रहा। रंगपंचमी पर बदल सकता है मौसम भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 4 मार्च को एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बनने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से रंगपंचमी के आसपास या उससे पहले प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि इस सिस्टम के गुजरने के साथ ही दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि मार्च से मई के बीच प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। गर्मी का असर मार्च से ही दिखने लगेगा, जबकि हीट वेव की तीव्रता अप्रैल और मई में ज्यादा रहने की आशंका है।अप्रैल-मई में चरम पर होगी गर्मी मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा तपेंगे। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। फिलहाल मार्च की शुरुआत ने ही संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तीखी रहने वाली है, और आने वाले दिनों में तापमान का ग्राफ और ऊपर जा सकता है।
मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट

भोपाल । मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और दो ट्रफ के असर से एक बार फिर मौसम बदला है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को धूप खिली, लेकिन इसके बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लो प्रेशर और ट्रफ का असर मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। इन प्राकृतिक सिस्टम के प्रभाव से फरवरी में चौथी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा। दिन में धूप, शाम को बदला मौसम सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदल गया। जबलपुर, रीवा और सीधी में बारिश हुई। रात में मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।फरवरी में बार-बार बारिश का असर फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में दो बार बारिश और ओले गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सर्वे भी कराया। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश भीगा, और 19-21 फरवरी को भी मौसम का असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, लेकिन रात में हल्की गर्मी बनी रही। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर रहा।
अगले 4 दिन मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट, दक्षिण-पूर्वी हिस्सा रहेगा ज्यादा प्रभावित

भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक आंधी और बारिश का मौसम जारी रहने वाला है। शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई। शनिवार को बादलों की छाया बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 23 और 24 फरवरी को एक नया सिस्टम प्रभावी होगा, जो खासकर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा असर दिखाएगा। पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई।पिछले तीन दिन से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। बीते 24 घंटों में भोपाल, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, धार, इंदौर, रायसेन, उज्जैन, सागर, छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई। तेज हवाओं और आंधी के चलते रतलाम, शाजापुर और उज्जैन में फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे दानों पर असर और किसानों की परेशानियाँ बढ़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले तीन दिनों में 25 जिलों में फसल नुकसान हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व अमला मैदान में जाकर फसल नुकसान का आंकलन कर रहा है। अगले दो दिनों का मौसम का अंदाजा22 फरवरी: बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रह सकते हैं।23 फरवरी: दक्षिणी जिलों में नया सिस्टम सक्रिय होने से बारिश होने की संभावना। बारिश की संभावना वाले जिले मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज जिलों में बारिश होने का अनुमान है। इनके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने और बारिश की संभावना बनी रहेगी। जबलपुर में भी मौसम ने करवट ली है। शुक्रवार देर रात हल्के बादल छाए और वातावरण में नमी महसूस की गई। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से शहर के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिससे वातावरण सुहावना हो गया और ठंड का असर बढ़ गया। सुबह का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भोपाल-उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश और तेज आंधी, श्योपुर में 1 इंच पानी गिरा, फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। फरवरी के महीने में सक्रिय हुए नए सिस्टम के कारण प्रदेश में तीसरी बार बारिश और ओलों का दौर शुरू हो गया। पिछले 24 घंटों में भोपाल, उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़ और निवाड़ी छतरपुर जिले शामिल हैं। श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिरा। वहीं तेज आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंची। भोपाल, सीहोर और आगर में 37 किलोमीटर, शाजापुर में 35 किलोमीटर, गुना में 31 किलोमीटर, राजगढ़ में 30 किलोमीटर और धार, नीमच, शिवपुरी में 28 किलोमीटर प्रति घंटे की गति दर्ज की गई। इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभावित फसलों का समय पर सर्वे और उचित मुआवजा किसानों की राहत के लिए जरूरी है। मौसम का हाल बताते हुए मौसम विभाग ने कहा कि प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ 10.0°C और पचमढ़ी 10.2°C में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई। प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलों से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारियों को तुरंत सर्वे का निर्देश दे दिया गया है। प्रभावित खेतों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का आंकड़ा तैयार किया जाएगा, ताकि किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जा सके। कृषि मंत्री ने कहा, “जहां-जहां भी ओलावृष्टि और तेज बारिश की वजह से फसलें आड़ी हुई हैं या दाने खराब हुए हैं, वहां समय पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ पूरा किया जाए, ताकि किसानों को राहत राशि में किसी भी तरह की देरी न हो। प्रदेश में मौसम विभाग ने भविष्य के 48 घंटों में भी अनियमित वर्षा और आंधी की संभावना जताई है, जिससे किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। इस बीच प्रशासन और कृषि विभाग सतत निगरानी रखकर किसानों की मदद करने के लिए सक्रिय हैं।
MP में सर्दी का असर बढ़ा, कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे, 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे

भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड ने फिर दस्तक दी है। लगभग 15 दिन बाद रात का तापमान 4 डिग्री से नीचे चला गया है। राज्य के कटनी, शहडोल और उमरिया जिले इस समय सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं। खासकर कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा राज्य के 13 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे गिर गया है। पिछली तीन रातों से ठंड बढ़ रही है। शुक्रवार और शनिवार की रात को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान 11 डिग्री, जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा। न्यूनतम तापमान के आंकड़े इस प्रकार हैं:करौंदी (कटनी): 3.5 डिग्री, कल्याणपुर (शहडोल): 4.9 डिग्री, उमरिया: 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो: 7.4 डिग्री, मंडला: 7.9 डिग्री, नौगांव: 8.8 डिग्री, सतना: 8.9 डिग्री, राजगढ़-शिवपुरी: 9 डिग्री, पचमढ़ी: 9.4 डिग्री, दमोह और मलाजखंड: 9.8 डिग्री मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिन राज्य में तेज सर्दी का असर रहेगा। इसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। फिलहाल ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड सबसे अधिक महसूस की जा रही है। पांच बड़े शहर – भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर – में पारा 13 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। ठंड का यह असर 8 और 9 फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है। रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्का कोहरा देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल बारिश या कोहरे की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप रहेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड और मुरैना में सर्द हवाओं का असर महसूस होगा। देर रात और सुबह के समय ठंड अधिक रहेगी।
एमपी में ठंड का असर तेज, तापमान 10 डिग्री से नीचे, 8 फरवरी से बदलेगा मौसम

भोपाल । वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर कम होने के कारण मध्य प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से दिन में ठिठुरन अधिक हो गई है और रात का तापमान कई शहरों में 10 डिग्री से नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार, एक सप्ताह से प्रदेश में ओले और बारिश का दौर वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से जारी था, जो गुरुवार को थम गया। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार-गुरुवार की रात ग्वालियर समेत आठ शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। वहीं 30 से अधिक जिलों में कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा देखा गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे ठंडा राजगढ़ रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा। इसके अलावा रीवा 7.2, खजुराहो 8.2, दतिया 8.4, दमोह और सतना 9.6 और पचमढ़ी में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल और उज्जैन का तापमान 13 डिग्री, इंदौर 13.2 और जबलपुर 13.5 डिग्री था। ग्वालियर में पारा 9 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों के समय में बदलाव आया, विशेषकर मालवा, सचखंड और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर असर पड़ा। आज सुबह हल्का कोहरा मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में हल्का से मध्यम कोहरा रहा। ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के जिलों में इसका असर देखा गया। अगले दो दिन का मौसम 7 फरवरी हल्का कोहरा, बारिश की संभावना नहीं, लेकिन ठंड का असर जारी। 8 फरवरी कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा, बारिश का अलर्ट नहीं।पश्चिमी हिमालय में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिसका असर फिर से प्रदेश में दिखेगा। 10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना है।