10 मई विशेष: बदलता मौसम, बढ़ती चुनौतियां और सामाजिक-राजनीतिक हलचल का दिन

10 मई 2026 का दिन कई स्तरों पर खास रहा। कहीं मौसम ने लोगों की चिंता बढ़ाई, तो कहीं राजनीति और सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं ने सुर्खियां बटोरीं। यह दिन एक तरफ प्राकृतिक बदलावों की चेतावनी देता दिखा, तो दूसरी ओर सामाजिक-राजनीतिक घटनाओं ने व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल भी खड़े किए। सबसे पहले बात मौसम और स्वास्थ्य की करें तो देश के कई हिस्सों में लगातार बदलते मौसम ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। गर्मी और अचानक बारिश के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। इसी समय पंचक काल और रोग पंचक जैसे ज्योतिषीय संदर्भों ने भी लोगों में सतर्कता बढ़ाई, जहां परंपरागत मान्यताओं के अनुसार यह समय स्वास्थ्य के लिए संवेदनशील माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी खबरों ने भी 10 मई को महत्वपूर्ण बना दिया। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में हुए हमले और सुरक्षा बलों को हुए नुकसान ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। इस घटना ने एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों की गंभीरता को उजागर किया। इसी बीच वैश्विक स्तर पर तकनीक और आस्था के मेल की नई तस्वीर भी सामने आई, जहां AI और रोबोटिक्स को धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जाने की चर्चा तेज हुई। इससे यह सवाल उठने लगा कि क्या आने वाले समय में तकनीक इंसानी परंपराओं का हिस्सा बनकर उन्हें और बदल देगी। भारत की राजनीति में भी 10 मई चर्चा का दिन रहा, जहां यूपी मंत्रिमंडल विस्तार, बयानबाजी और विपक्ष के तंज ने माहौल को गर्म रखा। सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया। कुल मिलाकर 10 मई एक ऐसा दिन साबित हुआ जिसमें मौसम से लेकर राजनीति, सुरक्षा से लेकर तकनीक तक हर क्षेत्र में हलचल देखने को मिली। यह दिन आने वाले समय की चुनौतियों और बदलावों की एक झलक भी देता है, जहां प्रकृति, व्यवस्था और तकनीक तीनों ही एक नए संतुलन की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
MP WEATHER: मध्य प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 35°C पार, रात में भी उतार-चढ़ाव जारी

MP WEATHER: भोपाल । आंधी बारिश और ओले का दौर थमते ही मध्य प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी छा गई है। गुरुवार को कई शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री से ऊपर पहुंच गया जबकि रात का तापमान 17 डिग्री तक ही रहा। कुछ जिलों में ठंड का असर भी देखा गया। मौसम विभाग ने बताया कि 2 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर प्रदेश में भी महसूस हो सकता है। उत्तरी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं देश के पश्चिमी हिस्से में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं लेकिन उनका असर फिलहाल मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ा है। पूर्वोत्तर भारत में समुद्र तल से 12.6 किमी ऊँचाई पर जेट स्ट्रीम हवाओं की रफ्तार लगभग 176 किमी/घंटा है। इसका असर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। इसके चलते पारा कई जगह 30 डिग्री के नीचे है जबकि भोपाल इंदौर उज्जैन और जबलपुर संभाग के जिलों में 30-34 डिग्री के बीच ही तापमान दर्ज किया गया। गुरुवार को खंडवा और खरगोन में तापमान 35.2 डिग्री तक पहुंचा। अन्य शहरों में तापमान इस प्रकार रहा: भोपाल 32°C इंदौर 33.1°C ग्वालियर 32.6°C उज्जैन 33°C और जबलपुर 31.9°C। प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में दिन का पारा 30 डिग्री से ऊपर रहा। रात का तापमान भी अलग-अलग जिलों में उतार-चढ़ाव दिखा। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 8.8°C शहडोल के कल्याणपुर में 9.4°C और पचमढ़ी में 9.8°C रहा। भोपाल में रात का पारा 15°C इंदौर 14.6°C ग्वालियर 14.5°C उज्जैन 14.5°C और जबलपुर 14.6°C दर्ज किया गया। धार में सबसे गर्म रात 17.7°C रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 24-25 फरवरी को प्रदेश के 20 जिलों में तेज आंधी-बारिश और कुछ स्थानों पर ओले गिरने से मौसम बिगड़ा। इससे गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। शुक्रवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है और कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 2 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है जिसका असर प्रदेश में देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है।
चक्रवाती सिस्टम से MP में बदला रहा मौसम, मार्च की शुरुआत में फिर बारिश के आसार

भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम के असर से मौसम लगातार करवट ले रहा है। पिछले दो दिनों में 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई जबकि कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई। इसका सीधा असर गेहूं और चने की फसलों पर पड़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को मौसम साफ रहने की संभावना है लेकिन मार्च की शुरुआत में फिर से बारिश हो सकती है। मंगलवार को छिंदवाड़ा सिवनी बैतूल पांढुर्णा रतलाम उज्जैन बालाघाट मंडला खंडवा सीहोर रायसेन इंदौर अनूपपुर और डिंडौरी में कहीं तेज हवा के साथ बारिश तो कहीं ओले गिरे। इन जिलों में भी बरसे बादल पिछले 24 घंटों के दौरान श्योपुर शिवपुरी ग्वालियर अलीराजपुर बड़वानी धार अशोकनगर टीकमगढ़ छतरपुर पन्ना सतना मैहर रीवा मऊगंज सीधी सिंगरौली दमोह जबलपुर मंडला और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी टीकमगढ़ छतरपुर मैहर सीधी और सिंगरौली में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा। 27 फरवरी से नया सिस्टम सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है। इसका असर प्रदेश में भी दिखाई देगा। अनुमान है कि 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से बारिश हो सकती है। फरवरी में चौथी बार बदला मौसम फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में अस्थिर मौसम बना हुआ है। महीने की शुरुआत में दो बार आंधी-बारिश और ओले गिरे जिससे फसलों को नुकसान हुआ और सरकार को सर्वे कराना पड़ा। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार मौसम बदला और 19 से 21 फरवरी तक असर रहा। अब 23-24 फरवरी को चौथी बार ओले-बारिश का दौर देखने को मिला। तापमान का हाल जिन जिलों में बारिश हुई वहां दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है लेकिन बाकी इलाकों में पारा 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। रात के तापमान में भी ठंड का खास असर नहीं है। सोमवार-मंगलवार की रात प्रदेश के पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 10.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंदसौर में 10.9 डिग्री शाजापुर में 11.5 डिग्री चित्रकूट में 11.7 डिग्री राजगढ़ में 12 डिग्री खजुराहो में 12.2 डिग्री और दतिया में 12.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल

भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं। रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा। शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे। फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे। अगले दो दिन का मौसम का हाल16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।