मौसम के अलग-अलग रंग….. उत्तर भारत भीषण गर्मी से परेशान, पूर्वोत्तर और दक्षिण में आंधी-बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देशभर में मौसम (Weather) का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में भीषण गर्मी (Severe Heat) लोगों को परेशान कर रही है, वहीं पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण के कई राज्यों में बारिश (Rain), आंधी (Storm ) और बिजली गिरने (Lightning.) की गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अगले तीन दिनों तक तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाजआईएमडी के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी भी उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बना हुआ है, जबकि 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों के मौसम को फिर प्रभावित कर सकता है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन की तेज गर्मी का संकेत माना जा रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर में मौसम कुछ समय के लिए राहतभरा बना हुआ था, लेकिन अब राजधानी में फिर तेज गर्मी लौटने के संकेत हैं। अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग का अनुमानमौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। इसके कारण दिन के तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बिहार में आंधी-तूफान से सात की मौतबिहार में वज्रपात और भीषण आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग जिलों में सात लोगों की जान चली गई। हादसों की जानकारी के अनुसार, वज्रपात की घटनाओं में भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में एक-एक व्यक्ति की जान गई। वहीं आंधी-तूफान और तेज बारिश के दौरान पेड़ गिरने से पटना में दो और वैशाली में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन घटनाओं पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह राशि तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। 9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौरअप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। अब 5 दिन नहीं होगी बारिशमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कममौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी। बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसानइस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।
Weather: गर्मी के मौसम में तेज बारिश.. ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान… कई राज्यों में आज भी अलर्ट

नई दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से देशभर के मौसम (Weather) में बड़ा बदलाव दर्ज किया जा रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत (North India.) में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain), तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं, जबकि किसानों को फसलों के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां 64.5 से 115.5 मिमी तक वर्षा होने का अनुमान है। इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट लागू है और कई स्थानों पर पहले से ही बादल छाए हुए हैं तथा बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और पश्चिमी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगातार सक्रिय है। इन सभी मौसमीय प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें बारिश, तूफान और ओलावृष्टि शामिल हैं। राजस्थान के कई जिलों में खेतों में बिछी सफेद चादर राजस्थान में शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया। जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर सहित कई जिलों में गरज के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ छिटपुट ओलावृष्टि भी हुई। बीकानेर में शुक्रवार को खेतों में ओले बिछे नजर आए थे। मौसम विभाग ने बताया कि एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ 6 अप्रैल की दोपहर से जोधपुर और बीकानेर के कुछ हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा डिवीजनों के कई हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, कुछ जगहों पर भारी बारिश होने और छिटपुट ओलावृष्टि होने की संभावना है। बंगाल में उमस भरी गर्मी जारीजहां एक ओर उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम ठंडा और अस्थिर हो रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है। इस तरह की उमस शरीर को थकाने वाली होती है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। पिछले 24 घंटों में बारिश का असरपिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और कर्नाटक के कुछ इलाकों में अच्छी वर्षा हुई है। जम्मू-कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में 50 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों, केरल और माहे में 20 मिमी तक हल्की से मध्यम वर्षा हुई। अस्थिर रहेगा मौसम, कुछ दिन और जारी रहेगा असरआने वाले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लोगों और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके। मौसम विभाग ने लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। घर की छत पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करें और वाहनों को छत के नीचे पार्क करें ताकि ओलों से नुकसान न हो। बिजली गिरने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करने की भी सलाह दी गई है। तापमान में गिरावट मौसम रहेगा ठंडामौसम के इस बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई देगा। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ठंडा और अस्थिर बना रह सकता है, हालांकि बाद में तापमान में हल्की बढ़ोतरी के संकेत भी हैं। देश में ओडिशा के झारसुगुड़ा में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में 16.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दक्षिण भारत भी अछूता नहीं, केरल में भारी बारिश के आसारउत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। केरल और माहे में भी 64.5 से 115.5 मिमी तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यहां गरज के साथ तेज बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।
GWALIOR RAIN ALERT : ग्वालियर में मौसम ने ली करवट, बारिश से राहत लेकिन किसानों की बढ़ी चिंता; आज बारिश को येलो अर्लट जारी!

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में अचानक बदला मौसम, हल्की बारिश से राहत अधिकतम तापमान गिरकर 36.2°C, न्यूनतम 21.1°C 4 अप्रैल के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी गेहूं की फसल पर नमी और बारिश का असर 7 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना GWALIOR RAIN ALERT : ग्वालियर। राज्य में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार सुबह हल्की बूंदाबांदी और दिनभर बादलों की मौजूदगी ने गर्मी से राहत दी। अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बता दें कि इस बदलाव ने आम लोगों को राहत दी है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है। Piyush Mishra का चौंकाने वाला खुलासा! शराब की लत में मां को कहा भला-बुरा, लड़कियों को किए गंदे फोन बारिश का येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 4 अप्रैल के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। इसके साथ ही 7 अप्रैल तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहने के अनुमान भी जताये जा रहे हैं। IPL 2026 Points Table: पंजाब किंग्स की लंबी छलांग, RR से छिना नंबर-1 का ताज गेहूं की फसल पर असर बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। लगातार नमी और बूंदाबांदी से बालियां भीग रही हैं, जिससे दाने काले पड़ रहे हैं और उनकी चमक फीकी पड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा तो फसल की गुणवत्ता और कीमत दोनों प्रभावित हो सकती हैं। Gold Jewellery: हॉलमार्किंग नियमों को सख्त करने की तैयारी… हर आईटम का होगा यूनिक नंबर! ग्वालियर संभाग के प्रमुख जिलों का तापमान: ग्वालियर: अधिकतम 36.2°C, न्यूनतम 21.1°C शिवपुरी: अधिकतम 34°C, न्यूनतम 20°C दतिया: अधिकतम 35°C, न्यूनतम 21°C मोरैना: अधिकतम 37°C, न्यूनतम 22°C भिंड: अधिकतम 37°C, न्यूनतम 23°C LPG की किल्लत के बीच बढ़ी स्टोव की डिमांड… केरोसिन नहीं मिलने से मजदूर पलायन को मजबूर एक दिन पहले तक गर्मी से बेहाल लोग कुछ दिन पहले तक ग्वालियर में तेज धूप और गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा था। लोग घर से निकलते समय पूरी तरह ढककर निकल रहे थे और पेड़ों की छांव में राहत ढूंढते नजर आए। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने अब लोगों को कुछ राहत दी है।
देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदलादिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा। अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपातहिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। पंजाब-हरियाणा में भी बारिशपंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मौसम का पूर्वानुमानमौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट…

नई दिल्ली । उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम ने एक बार फिर करवट की है। हिमालयी क्षेत्रों में ऊंची चोटियों पर हिमपात और घाटियों व आसपास के मैदानी इलाकों में गरज के साथ बारिश (Rain), तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने से तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे सटे आसपास के मैदानी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय (Western Disturbance Active) हो रहा है, जिसके चलते 18 से 20 मार्च के दौरान इन इलाकों में बारिश और तूफानी हवाओं के साथ कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सोमवार सुबह 8:30 बजे तक आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर के राज्यों और झारखंड में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) हुई। बंगाल के कोलकाता और मालद में कुछ जगहों पर 50-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी में फंसे 235 लोग निकालेजम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के सिंथन टॉप पर रविवार रात भारी बर्फबारी में फंसे 235 लोगों और 38 गाड़ियों को सेना ने सुरक्षित निकाला लिया है। व्हाइट नाइट कोर के जवानों ने लोगों को गर्म खाना, पीने का पानी और रहने की जगह भी दी। वहीं, डांगदुरु में भूस्खलन के बाद से लापता व्यक्ति का सुराग सोमवार को भी नहीं लग पाया है। बचाव कार्य जारी है। उत्तराखंड में ठंड ने फिर दी दस्तकउत्तराखंड के सीमांत जनपदों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। रविवार रात ऊंची चोटियों पर जहां भारी हिमपात हुआ वहीं निचले इलाकों में बादलों के गरजने के साथ हुई झमाझम बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी है। मुनस्यारी के खलिया टॉप, पंचाचूली, हंसलिंग, नाग्निधुरा और छिपलाकेदार की पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। लाहौल से 10 हजार पर्यटक निकालेहिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। मनाली-लेह मार्ग पर 1,500 वाहनों में फंसे 10 हजार सैलानी और स्थानीय लोग रोहतांग टनल होकर सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। रविवार को रातभर कड़ाके की ठंड के बीच लोगों को गाड़ियों में ही रहना पड़ा।
मौसम ने फिर ने बदली करवट, दिल्ली में सुबह-सुबह झमाझम बारिश…. कई राज्यों में छाए बादल

rain नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) और इसके आसपास के शहरों में आज सुबह बारिश (Rain) हुई है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत (Heat Recovery) मिली है। एनसीआर के अलावा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में बादल छाए हुए हैं। इसकी वजह से गर्मी के महीने में बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगा है। तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। आपको बता दें कि इससे पहले आईएमडी (IMD) ने रविवार के लिए दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी ने दिल्ली में सुबह हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने और गरज के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। इससे तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है। बिहार-बंगाल में भी बारिश का अलर्टमौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 18 मार्च तक अलग-अलग जगहों पर बारिश के आसार है। इस दौरान आंधी और तेज हवाओं की भी संभावना है।इस दौरान कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, ”पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब तथा हरियाणा के ऊपर चक्रवाती गतिविधि विकसित हो गई है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश होने की संभावना है। यह इस मौसम की पहली मानसून-पूर्व बारिश मानी जा रही है, जो सामान्य से लगभग 10 दिन पहले आ रही है।” पलावत ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और पिछले कुछ दिन से शहर में अनुभव किए जा रहे अधिक तापमान के संयोजन से यह तूफान आगे बढ़ा है। राजस्थान में भी तेज गर्मी से लोगों को राहतपश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में अगले सप्ताह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने से लोगों के लिए तेज गर्मी से राहत की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान बाड़मेर में 39.0 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 38.8 डिग्री, फलोदी में 38.4 डिग्री, जैसलमेर में 37.6 डिग्री, बीकानेर में 36.3 डिग्री व चुरू में 35.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम केंद्र (जयपुर) के अनुसार राज्य में एक नए पश्चिम विक्षोभ का असर शनिवार को शुरू हो गया। इसके असर से शनिवार शाम कई जगह हल्के बादल छा गए और हवा चली जिससे लोगों को राहत मिली। केंद्र के अनुसार 15 मार्च को जयपुर, भरतपुर, संभाग एवं शेखावाटी क्षेत्र के जिलों के उत्तरी भागों तथा गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों एवं आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं बादल गरजने तथा बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं अचानक 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। केंद्र का कहना है कि एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 18-20 मार्च के दौरान सक्रिय होने तथा कहीं-कहीं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने एवं बारिश होने की संभावना है। राज्य में आगामी एक सप्ताह अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज होने से ‘लू’ से राहत बने रहने की संभावना है।
एमपी में मौसम लेगा करवट, 18 मार्च तक कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत

भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। रविवार को उत्तर और दक्षिणी क्षेत्र के 8 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं। विभाग के अनुसार 18 मार्च तक प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में इस साल मार्च में पहली बार मावठा गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और टर्फ सिस्टम की वजह से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर बना रहेगा। इन जिलों में बारिश की संभावना16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर।17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर।18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा। गर्मी से मिल सकती है राहतशनिवार को प्रदेश में तेज धूप और गर्मी का असर बना रहा। भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में सुबह से ही कड़ी धूप रही। नर्मदापुरम में पिछले दो दिनों से तीव्र लू का असर दर्ज किया गया, जहां दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मार्च के दूसरे सप्ताह में ही प्रदेश में गर्मी तेजी से बढ़ी है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है। नर्मदापुरम सबसे गर्मनर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। शनिवार को यहां लगातार तीसरे दिन तेज गर्म हवाएं चलीं और अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री अधिक है। वहीं, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन की तुलना में जबलपुर ज्यादा गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य जिलों का तापमानमौसम विभाग के अनुसार नर्मदापुरम के बाद खरगोन दूसरा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा मंडला, रतलाम, दमोह, खंडवा, खजुराहो, रायसेन, शाजापुर, गुना, नरसिंहपुर, सतना, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, टीकमगढ़, उमरिया, सागर और धार में भी तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भोपाल का तापमान 37.2 डिग्री, इंदौर 36.6 डिग्री, ग्वालियर 34.1 डिग्री, उज्जैन 36.5 डिग्री और जबलपुर 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
एमपी में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 39 डिग्री पार, 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना

भोपाल । मध्य प्रदेश में इस साल मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि मौसम अप्रैल जैसा महसूस होने लगा है और कई शहरों में तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जिससे गर्मी का असर साफ नजर आया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी शुरू होती है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदल गया है। पिछले दस वर्षों में 15 मार्च के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि इस बार महीने की शुरुआत में ही पारे में उछाल आ गया है। प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के शहर फिलहाल सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहे हैं। इन इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। प्रदेश में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय सिस्टम का प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। हालांकि पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है, लेकिन इसका मध्य प्रदेश के मौसम पर खास असर नहीं पड़ रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आसमान साफ रहने के कारण सूरज की तेज किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे दिन में गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को प्रदेश के पांच बड़े शहरों में से चार इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर—में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि भोपाल में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा छतरपुर के खजुराहो में 36.8 डिग्री, धार में 36.6 डिग्री, दमोह, सागर और श्योपुर में 36.4 डिग्री, रतलाम में 36.2 डिग्री तथा गुना और टीकमगढ़ में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। शाजापुर, मंडला और सतना में भी अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा। वहीं रात के समय भी तापमान 18 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार अप्रैल और मई के दौरान प्रदेश में 15 से 20 दिनों तक लू चल सकती है। इन दो महीनों में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा।
MP WEATHER: MP में मौसम बदला, 22 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

MP WEATHER: भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम फिर करवट लेने वाला है। बुधवार को प्रदेश के 22 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। इसमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिले शामिल हैं। मंगलवार रात रतलाम के अलग-अलग हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से पूरे राज्य में मौसम बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा। बुधवार को बारिश की संभावना वाले जिले इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रहेंगे। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम प्रभावित होगा। बुधवार को ज्यादा जिलों में असर दिखेगा और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। गुरुवार को भी असर मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बारिश का अलर्ट समाप्त हो जाएगा। फरवरी के शुरुआत में प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रहा था, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया गया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश और आंधी देखने को मिलेगी। रात और सुबह ठंड वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी जारी है। रात और सुबह ठंड का असर रहेगा। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा। 18 फरवरी को 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट। कुछ जगहों पर आंधी भी चल सकती है। 19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में सिस्टम का असर दिखेगा। सिस्टम के असर से पहले प्रदेश में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सोमवार-मंगलवार की रात में कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा (8 डिग्री)। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में रात का तापमान भोपाल: 14 डिग्री इंदौर: 16.8 डिग्री ग्वालियर: 13 डिग्री उज्जैन: 16.2 डिग्री जबलपुर: 13.1 डिग्री दिन के समय अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर पहुंचा, जिससे मौसम में गर्माहट का असर भी हुआ। ो