एमपी में शादी के दौरान रेबीज वैक्सीनेशन कैंप, बारातियों को बुलाकर लगाया गया इंजेक्शन, उठे सवाल

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादी समारोह के दौरान शामिल हुए बारातियों को बाद में घर-घर बुलाकर रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। यह पूरा मामला भैंसादंड गांव का है, जिसने पूरे इलाके में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, शादी समारोह में मेहमानों को जो मट्ठा (छाछ) परोसा गया था, वह एक ऐसी गाय के दूध से बनाया गया था, जिसमें रेबीज जैसे गंभीर लक्षण पाए गए थे। बाद में जांच में सामने आया कि संबंधित गाय को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था और उसी के बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। मंगलवार को जब गाय की हालत अचानक गंभीर हुई, तब गांव में यह जानकारी फैली कि उसी दूध से बने मट्ठे का उपयोग शादी में किया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया और संभावित संक्रमण के खतरे को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने उप स्वास्थ्य केंद्र भैंसादंड में तत्काल कैंप लगाकर टीकाकरण अभियान शुरू किया। अब तक करीब 200 से 250 लोगों को रेबीज के एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। विभाग की टीम लगातार लोगों की पहचान कर उन्हें बुला रही है और टीकाकरण सुनिश्चित कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम पूरी तरह सावधानी के तौर पर उठाया गया है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण या जोखिम से बचा जा सके। क्योंकि रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित जानवरों के संपर्क या उनके दूध/लार से फैलने की आशंका में भी जोखिम पैदा कर सकती है। गांव में स्वास्थ्य टीम की तैनाती की गई है और सभी बारातियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जिन लोगों ने शादी में भोजन और पेय पदार्थों का सेवन किया था, उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी समारोह में बड़ी संख्या में मेहमान शामिल हुए थे, इसलिए अब सभी को ट्रैक कर टीकाकरण किया जा रहा है। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग पहले तो घबरा गए, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है कि क्या वास्तव में दूध या मट्ठे से किसी प्रकार का संक्रमण फैलने का खतरा था या यह पूरी तरह एहतियाती कदम है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता की आवश्यकता को भी उजागर करती है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात से बचा जा सके।
MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज

कटनी। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni district) में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शादी समारोह के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज (Brutal lathicharge) की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 लोग घायल हुए हैं। मंगलवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई। देरी से पहुंची थी बारात, चौराहे पर हुआ विवादप्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के ग्राम अमदरा निवासी सीताराम बर्मन के परिवार की बारात कटनी के इंदिरा नगर आ रही थी। दूल्हे की गाड़ी रास्ते में खराब होने के कारण बारात करीब दो घंटे देरी से पहुंची। रात करीब 1:30 बजे जब बारात वधु पक्ष के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी, तभी कुठला थाने की पुलिस और 112 वाहन मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी संवाद के बारातियों को धक्का देना शुरू कर दिया। जब बारातियों ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। शुरुआती झड़प के बाद पुलिस वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद भारी बल के साथ वापस लौटी और कथित तौर पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। दुल्हन के भाई और चाचा के हाथ टूटे, दूल्हा-दुल्हन को ले गए थानेपीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस ने घर के अंदर घुसकर मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में दुल्हन के भाई आकाश चौधरी और दूल्हे के चाचा सहित कई लोगों के हाथ फैक्चर हो गए हैं, वहीं कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रात करीब 2:30 बजे दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के भाई को अपने साथ ले गई, जिसके कारण वैवाहिक रस्में बीच में ही रुक गईं। मंगलवार सुबह 4:00 बजे उन्हें छोड़ा गया, जिसके बाद शादी संपन्न हो सकी। बारातियों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियांइस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी लाठियां चलाते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाराती भी आक्रोश में बर्तन फेंकते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। घायलों में संजय, मनोज, आकाश, रमेश, सुमन बाई, राजकुमार, अजय और भगवती चौधरी शामिल हैं। इनमें से 8 लोगों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक्सरे और सीटी स्कैन की सलाह दी है। मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने आवेदन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने न केवल मारपीट की, बल्कि अभद्र गालियों का प्रयोग कर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया। ये वीडियो मध्य प्रदेश के कटनी जिले के हैं। यहां एक शादी समारोह में पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं, बच्चों सहित 14 लोगों के घायल होने की सूचना है। इस संबंध में सी.एस.पी. नेहा पच्चीसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कल इनका आपस में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद डायल 112 को कॉल करके बुलाया गया। वहाँ मौजूद बहुत से लोग नशे की हालत में थे। जब पुलिस उन्हें समझा रही थी, उसी दौरान बारातियों की तरफ से पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया गया। घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने इस कृत्य में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशों के परिपालन में जब पुलिस बारात स्थल पहुँची, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी और गाली-गलौज करते हुए पुलिस के साथ मारपीट कर दी। इस घटना में चार से पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।
Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के एक होटल (Hotel) में सोमवार रात को भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि जिस समय यह घटना हुई उस वक्त शादी समारोह (Wedding Ceremony) चल रहा था। आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राजधानी भोपाल में शादी समारोह में लगी आग इतनी भयानक थी कि लपटें कई मीटर ऊंची उठती रहीं. शादी खजूरी थाना क्षेत्र के भौंरी स्थित एक होटल में हो रही थी. उस दौरान शादी समारोह में लगभग 170-200 लोग मौजूद थे और आग लगते ही लोग इधर-उधर भागने लगे. आग और भगदड़ के बीच शादी समारोह में रखे एक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट (Cylinder Blast) हो गया. इससे और ज्यादा अफरा-तफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे. सूचना मिलने के बाद दमकल (Fire Department) और पुलिस (Bhopal Police) भी पहुंच गई. आग के दौरान होटल में कई लोग भी फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी. इससे दीवार तुड़वाकर रास्ता बनाया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. तीन फायर स्टेशनों से पहुंची गाड़ियांगांधीनगर, बैरागढ़ और फतेहगढ़ फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और देखते ही देखते लपटें करीब 50 फीट तक ऊपर उठने लगीं . हालांकि, आग लगने की स्पष्ट वजह नहीं पता चली है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. करीब आधी रात तक मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और रात में ही आग पूरी तरह बुझा दी गई. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। बता दें कि भोपाल में एक दिन पहले भी आग लगने की घटना हुई थी। भोपाल के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के सामने स्थित मेहता इंडस्ट्री के गोदाम में रविवार दोपहर पौने चार बजे आग लग गई थी। फैक्ट्री के पिछले हिस्से में बने गोदाम में रखे लकड़ी और प्लाईवुड के सामान ने आग पकड़ ली जिससे लपटें उठने लगीं। भोपाल में कल हुई आग की घटना की खबर मिलते ही नगर निगम की 12 दमकलें वहां पहुंच गईं और दो घंटे की मेहनत के बाद आग को बुझा दिया गया। फायर ब्रिगेड ने गोदाम के पीछे की टिन की दीवार काटकर पानी और झाग का छिड़काव किया। इस आग में गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो गया है लेकिन अच्छी बात यह है कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है। आग लगने के समय फैक्ट्री के पास वाली झुग्गी बस्ती के लोग घरों का सामान बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर चले गए। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फैक्ट्री मालिक अरुण जैन ने भी मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की। दमकल और पुलिस कर्मियों की सावधानी से बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि गोदाम में रखा सामान पूरी तरह जल गया।