आज का दिन निवेश, शिक्षा और यात्रा के लिए अनुकूल – 12 मार्च 2026 पंचांग

नई दिल्ली।12 मार्च 2026, बुधवार का दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के साथ शुरू होगा। इस दिन का वार बुधवार है, जो बुध देवता और व्यापार, ज्ञान तथा बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है। योग वैधृति और करण गर हैं, जो विशेष रूप से नए कार्यों की शुरुआत और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्तआज सूर्योदय सुबह 6:25 बजे होगा, जो दिन के आरंभ में सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। सूर्यास्त शाम 6:25 बजे तक रहेगा, जिससे दिनभर की गतिविधियों में संतुलन और नियमितता बनी रहेगी। चंद्र उदय और नक्षत्र प्रभावचंद्रमा सुबह 6:50 बजे उदय होगा। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की विशेषता है कि यह मानसिक स्थिरता, अध्ययन और रणनीतिक कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक, शिक्षा और निवेश संबंधी कार्य सफलता की ओर बढ़ते हैं। अमृतकाल और शुभ समयआज का अमृतकाल सुबह 9:30 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। यह समय स्वास्थ्य, शिक्षा, पूजा-पाठ और धन संबंधी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक का समय भी शुभ है। इस समय नई योजनाओं की शुरुआत और महत्वपूर्ण बैठकें लाभकारी साबित हो सकती हैं। राहु काल और अशुभ समयआज दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक का राहु काल है। इस अवधि में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश या यात्रा को टालना बेहतर रहेगा। साथ ही रात 8:00 बजे से 9:30 बजे तक का समय अशुभ माना गया है, इसलिए व्यक्तिगत और व्यापारिक निर्णय इस समय से परहेज करें। गुलिक कालसुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक का गुलिक काल है। इस समय कुछ सीमित और सावधानीपूर्वक कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन निवेश या बड़े फैसले टालना हितकर रहेगा। विशेष टिप्स और सावधानियांबुधवार का दिन बुद्ध और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। आज शिक्षा, निवेश, यात्रा, नए प्रोजेक्ट्स और पूजा-पाठ में लाभ मिलने की संभावना अधिक है। वहीं राहु काल और अशुभ समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा टालना लाभकारी रहेगा। ध्यान रखें कि स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना भी इस दिन आवश्यक है। आर्थिक और व्यक्तिगत निर्णयआज निवेश, व्यापारिक सौदे या नए आर्थिक कार्य शुरू करना शुभ रहेगा। किसी भी नई योजना में भागीदारी के लिए सुबह के शुभ समय का लाभ उठाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन और नए विषय सीखना लाभकारी रहेगा। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियांइस दिन पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक कार्यों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाएगा। 12 मार्च 2026 का दिन न केवल कार्य और निवेश के लिए शुभ है, बल्कि शिक्षा, यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में सफलता के संकेत भी देता है। शुभ समय का पालन करते हुए महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहु काल और अशुभ समय में सतर्क रहना आवश्यक है। आज का दिन संतुलन, सोच-समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए अनुकूल है।
बुधवार 11 फरवरी शुभ-अशुभ समय पंचांग अनुसार सर्वार्थ सिद्धि अमृत सिद्धि योग और राहुकाल

नई दिल्ली।11 फरवरी बुधवार को पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 9 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगी इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी नक्षत्र अनुराधा सुबह 10 बजकर 53 मिनट तक रहेगा इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा चंद्रमा वृश्चिक राशि में संचार करेंगे सूर्योदय इस दिन 7 बजकर 3 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 8 मिनट पर होगा 11 फरवरी के प्रमुख योग की बात करें तो सुबह 7 बजकर 3 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग दोनों एक साथ रहेंगे यह दुर्लभ संयोग अत्यंत शुभ माना जाता है इस समय नए कार्य शुरू करना पूजा हवन दान और अन्य मंगल कार्य करने से विशेष लाभ होता है अन्य शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 6 मिनट से 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगा अमृत काल 12 फरवरी की सुबह 3 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा अशुभ समय का ध्यान रखना भी आवश्यक है योग व्याघात 12 फरवरी की देर रात 2 बजकर 30 मिनट तक रहेगा वर्ज्य शाम 5 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा और गंड मूल सुबह 10 बजकर 53 मिनट से अगले दिन सुबह तक प्रभावी रहेगा पंचांग अनुसार अशुभ काल से दूर रहना और महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ समय में करना ही उत्तम माना गया है राहुकाल 11 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 36 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इस समय कोई भी शुभ कार्य करना निष्फल होता है और बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है अन्य अशुभ समय में यमगंड सुबह 8 बजकर 26 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक गुलिक काल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 36 मिनट तक और दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा बुधवार का दिन विघ्न विनाशन गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है इस दिन गणपति और बुध ग्रह की विधि विधान से पूजन करने से बाधाओं का नाश होता है और जीवन में सुख शांति और समृद्धि का संचार होता है बुध ग्रह भी शांत होने के कारण कार्यों में सफलता मिलती है इस प्रकार 11 फरवरी का दिन पंचांग अनुसार अत्यंत शुभ योगों वाला और कुछ विशेष समयों में सावधानी रखने वाला दिन है सुबह के सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग से नए कार्य शुरू करने के लिए सर्वोत्तम समय मिलता है राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतकर किसी भी प्रकार की बाधा से बचा जा सकता है गणेश और बुध ग्रह की पूजा विधिपूर्वक करने से दिन भर की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है