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दूध वाली नहीं, रोज पिएं लेमन ग्रास की चाय, शरीर को मिलेंगे जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली । आजकल लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट में हर्बल चीजों को शामिल कर रहे हैं। ऐसे में लेमन ग्रास की चाय तेजी से लोगों की पसंद बनती जा रही है। यह सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। आयुर्वेद में लेमन ग्रास को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। अगर आप रोज सुबह दूध वाली चाय की जगह लेमन ग्रास टी पीते हैं, तो शरीर को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। पाचन तंत्र को बनाती है मजबूतलेमन ग्रास की चाय पेट के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। यह गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक होती है। रोजाना इसका सेवन करने से डाइजेशन बेहतर बना रहता है। शरीर की सूजन और इंफ्लेमेशन करे कमलेमन ग्रास में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। जो लोग जोड़ों के दर्द या शरीर में सूजन की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह चाय काफी लाभकारी मानी जाती है। इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगारमौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लेमन ग्रास की चाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से लड़ने में सहायता करते हैं। तनाव कम कर देती है राहतभागदौड़ भरी जिंदगी और काम का दबाव मानसिक तनाव बढ़ा देता है। लेमन ग्रास की चाय दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकती है। इसे पीने से शरीर रिलैक्स महसूस करता है और नींद भी बेहतर आती है। वजन घटाने में भी हो सकती है मददगारअगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो लेमन ग्रास टी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करती है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज कर सकती है। ऐसे बनाएं लेमन ग्रास की हेल्दी चा1 कप पानी लेंउसमें 4 से 5 ताजी लेमन ग्रास की पत्तियां डालें5 मिनट तक अच्छी तरह उबालेंचाहें तो इसमें थोड़ा शहद और नींबू मिला सकते हैंछानकर गर्मागर्म सेवन करें ध्यान रखेंज्यादा मात्रा में लेमन ग्रास टी पीने से कुछ लोगों को एलर्जी या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। किसी गंभीर बीमारी या प्रेग्नेंसी के दौरान सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

हर दिन की शुरुआत नींबू पानी से करें, पाचन सुधरेगा, वजन कंट्रोल रहेगा और शरीर रहेगा तरोताजा

नई दिल्ली । सुबह की शुरुआत अगर सही आदतों के साथ की जाए तो उसका असर पूरे दिन शरीर और सेहत पर दिखाई देता है। इन्हीं आदतों में से एक है खाली पेट नींबू पानी पीना, जिसे आज के समय में एक आसान और प्राकृतिक हेल्थ ड्रिंक माना जाता है। गर्मी के मौसम में यह शरीर को ताजगी देने के साथ कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचा सकता है। रातभर के बाद शरीर को सबसे पहले पानी की जरूरत होती है और नींबू पानी इस जरूरत को पूरा करने में मदद करता है। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और दिन की शुरुआत को ऊर्जावान बनाने में सहायक माना जाता है। खासकर गर्मियों में यह शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद कर सकता है। पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में भी नींबू पानी को फायदेमंद माना जाता है। इसका सेवन पेट की सफाई में मदद कर सकता है और गैस, अपच या कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकता है। यह पाचन प्रक्रिया को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे भोजन को पचाना आसान हो जाता है। वजन नियंत्रित करने की कोशिश करने वालों के लिए भी नींबू पानी एक अच्छा विकल्प माना जाता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद कर सकता है, जिससे शरीर अधिक कैलोरी बर्न कर सकता है। साथ ही यह भूख को नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है, जिससे अनावश्यक खाने की आदत पर रोक लग सकती है। त्वचा के लिए भी नींबू पानी को फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिसका असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। नियमित सेवन से त्वचा साफ, फ्रेश और ग्लोइंग नजर आ सकती है। इसके अलावा नींबू पानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी मदद कर सकता है। यह शरीर को बदलते मौसम में होने वाली सामान्य बीमारियों से बचाने में सहायक माना जाता है और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है। इसे बनाने का तरीका भी बहुत आसान है। गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर सुबह खाली पेट इसका सेवन किया जा सकता है। चाहें तो स्वाद के लिए थोड़ा शहद भी मिलाया जा सकता है। नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में मदद कर सकता है।

वजन घटाने का सुपर ड्रिंक! चिया और सब्जा सीड्स का पानी तेजी से करेगा फैट बर्न

नई दिल्ली। बढ़ता वजन आजकल हर उम्र के लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। ऐसे में लोग तेजी से वजन कम करने के लिए डाइटिंग, जिम और कई तरह के हेल्थ ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं। लेकिन अब एक बेहद आसान और नेचुरल तरीका तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हेल्थ रिपोर्ट्स के मुताबिक कई विशेषज्ञ और हार्वर्ड से जुड़े डॉक्टर सुबह खाली पेट चिया और सब्जा सीड्स का पानी पीने की सलाह देते हैं। माना जाता है कि यह ड्रिंक मेटाबॉलिज्म को तेज करने और वजन घटाने में काफी मदद करता है। चिया सीड्स और सब्जा सीड्स दोनों में फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जब इन्हें पानी में भिगोया जाता है तो ये जेल जैसी बनावट ले लेते हैं, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग की समस्या कम हो सकती है। यही वजह है कि वजन घटाने वाले लोग इसे अपनी मॉर्निंग रूटीन में शामिल कर रहे हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, चिया और सब्जा सीड्स का पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। गर्मियों में यह ड्रिंक शरीर को ठंडक पहुंचाने और एनर्जी बनाए रखने में फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। इसे बनाने का तरीका भी बेहद आसान है। एक गिलास पानी में एक चम्मच चिया सीड्स और एक चम्मच सब्जा सीड्स डालकर 20 से 30 मिनट तक भिगो दें। इसके बाद इसमें नींबू और शहद मिलाकर पिया जा सकता है। कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें पुदीना या फल भी मिलाते हैं।हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। जिन लोगों को एलर्जी, पाचन संबंधी समस्या या कोई गंभीर बीमारी हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे नियमित रूप से लेना चाहिए। सिर्फ इस ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी है।

कार्बोहाइड्रेट पर बड़ा भ्रम: क्या इन्हें छोड़ना वाकई जरूरी है? एक्सपर्ट ने बताया सच

नई दिल्ली । आजकल वजन बढ़ने की समस्या तेजी से बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी एक आम चुनौती बन चुकी है। इसी कारण लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के डाइट प्लान अपनाते हैं, जिनमें सबसे आम तरीका कार्बोहाइड्रेट यानी कार्ब्स को पूरी तरह से छोड़ देना माना जाता है। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि रोटी, चावल, ब्रेड या आलू खाने से वजन बढ़ता है और इन्हें बंद कर देने से तेजी से वजन कम किया जा सकता है। लेकिन विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की राय इस धारणा को पूरी तरह गलत बताती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार कार्बोहाइड्रेट वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि असली समस्या उनके प्रकार और मात्रा में होती है। शरीर को ऊर्जा देने वाले मुख्य स्रोतों में कार्बोहाइड्रेट सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इन्हें पूरी तरह बंद कर देना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक आम मिथक है कि सभी कार्बोहाइड्रेट वजन बढ़ाते हैं। वास्तव में शरीर को ऊर्जा, मस्तिष्क को सक्रिय रखने और दिनभर की गतिविधियों के लिए कार्ब्स की आवश्यकता होती है। अगर इन्हें पूरी तरह बंद कर दिया जाए तो शरीर में कमजोरी, थकान, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। WHO और पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिफाइंड और प्रोसेस्ड कार्ब्स जैसे सफेद चीनी, सफेद मैदा, सफेद चावल, बिस्किट और कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन सीमित किया जाए। ये कार्ब्स तेजी से पचते हैं और शरीर में फैट बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। इसके बजाय कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। कॉम्प्लेक्स कार्ब्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन को धीमा और स्थिर बनाता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है। यही कारण है कि ये कार्ब्स वजन नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साबुत अनाज जैसे गेहूं, जौ, बाजरा, रागी, ब्राउन राइस, दालें और बीन्स को हेल्दी कार्ब्स की श्रेणी में रखा जाता है। इसके अलावा फल जैसे सेब, केला और संतरा, साथ ही सब्जियां, नट्स और बीज भी शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ वजन संतुलन में मदद करते हैं। ये सभी खाद्य पदार्थ शरीर में धीरे-धीरे ऊर्जा छोड़ते हैं और ब्लड शुगर को स्थिर बनाए रखते हैं। विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल कार्बोहाइड्रेट कम करना वजन घटाने का सही तरीका नहीं है। एक संतुलित आहार जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और हेल्दी फैट का सही अनुपात हो, वही सबसे प्रभावी माना जाता है। इसके साथ नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी बेहद जरूरी है। लंबे समय तक पूरी तरह कार्ब-फ्री डाइट अपनाना न सिर्फ मुश्किल है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए बेहतर तरीका यह है कि प्रोसेस्ड कार्ब्स की जगह हेल्दी और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जाए, जिससे वजन नियंत्रण भी हो और शरीर को जरूरी ऊर्जा भी मिलती रहे।

रोजाना शहद का सेवन क्यों है जरूरी? जानिए इसके जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में लोग प्राकृतिक और सुरक्षित उपायों की तलाश में रहते हैं। इन्हीं में एक बेहद असरदार चीज है Honey, जिसे सदियों से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में उपयोग किया जाता रहा है। हल्की मिठास और पोषक तत्वों से भरपूर शहद न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में भी मदद करता है।  इम्युनिटी बढ़ाने में कारगरशहद में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि रोजाना सीमित मात्रा में शहद का सेवन करने की सलाह दी जाती है।  वजन घटाने में सहायकअगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो शहद आपकी डाइट का हिस्सा बन सकता है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। खास बात यह है कि शहद, रिफाइंड शुगर की तुलना में एक हेल्दी विकल्प है, जिससे मीठा खाने की इच्छा भी संतुलित तरीके से पूरी हो सकती है। शहद-नींबू ड्रिंक: सुबह का हेल्दी स्टार्टवजन घटाने के लिए Honey और Lemon का मिश्रण बेहद लोकप्रिय है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा नींबू मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र बेहतर बनता है। इससे दिनभर हल्कापन और ऊर्जा बनी रहती है।  दालचीनी के साथ डबल फायदाशहद को Cinnamon के साथ मिलाकर सेवन करने से भी मोटापा कम करने में मदद मिलती है। ग्रीन टी में शहद और दालचीनी मिलाकर पीने से ब्लड शुगर संतुलित रहता है और शरीर को नेचुरल एनर्जी मिलती है।  सेवन में रखें सावधानीभले ही शहद प्राकृतिक है, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, खासकर डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।  क्यों बनाएं शहद को डेली रूटीन का हिस्सा?इम्युनिटी बढ़ाता हैपाचन सुधारता हैवजन नियंत्रित करने में मदद करता हैशरीर को नेचुरल एनर्जी देता है

वजन घटाना हो या हार्मोन बैलेंस, सुबह खाली पेट पिएं ये 5 सुपर ड्रिंक्स

नई दिल्ली । महिलाओं के लिए दिन की शुरुआत सही खानपान से करना बेहद जरूरी होता है क्योंकि सुबह का पहला आहार शरीर के मेटाबॉलिज्म और पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है खासतौर पर आयरन की कमी, पीसीओएस और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं के लिए कुछ खास ड्रिंक्स बहुत लाभकारी साबित हो सकती हैं सबसे पहले चिया सीड्स और नींबू पानी की बात करें तो यह ड्रिंक ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर होती है एक गिलास पानी में चिया सीड्स भिगोकर उसमें नींबू मिलाकर पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है और त्वचा में भी प्राकृतिक निखार आता है दूसरा है मेथी दाना पानी जिसे रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट पीना चाहिए यह ड्रिंक इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और पीरियड्स की अनियमितता को सुधारने में काफी प्रभावी मानी जाती हैएलोवेरा जूस भी महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है इसे पानी में मिलाकर पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर की सूजन कम होती है साथ ही यह जोड़ों के दर्द में भी राहत देता है धनिया पानी एक और उपयोगी ड्रिंक है जिसे उबालकर पीया जाता है यह शरीर में पानी रुकने की समस्या को कम करता है और थायराइड के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है इसके अलावा यह यूरिन इंफेक्शन के खतरे को भी कम करता है अंत में दालचीनी और शहद की चाय का सेवन करने से मीठा खाने की इच्छा कम होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है यह ड्रिंक वजन नियंत्रण के लिए बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है इन सभी ड्रिंक्स को नियमित रूप से सुबह खाली पेट लेने से शरीर डिटॉक्स होता है हार्मोन संतुलित रहते हैं और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है हालांकि किसी भी नई चीज को दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना भी जरूरी है इस तरह छोटी सी सुबह की आदत महिलाओं के लिए बड़ी हेल्थ बेनिफिट साबित हो सकती है और उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकती है

चावल खाने से नहीं बढ़ता पेट, एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका, बस इन 5 आयुर्वेदिक नियमों का रखें ध्यान

नई दिल्ली। भारतीय भोजन में चावल का बहुत खास स्थान है। देश के अधिकांश घरों में लंच और डिनर में चावल जरूर बनाया जाता है। दाल चावल, राजमा चावल या अलग अलग तरह की करी के साथ चावल खाना लोगों को बेहद पसंद होता है। हालांकि कई लोग यह मानते हैं कि चावल खाने से पेट बाहर निकल आता है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है। इसी डर की वजह से कई लोग अपनी डाइट से चावल को पूरी तरह हटाने का फैसला कर लेते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि चावल खुद मोटापा नहीं बढ़ाता बल्कि इसे गलत तरीके से खाने या गलत किस्म के चावल चुनने से पाचन पर असर पड़ सकता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा हो सकती है। इसलिए चावल खाने से पहले कुछ जरूरी आयुर्वेदिक नियमों को समझना जरूरी है। आयुर्वेद में चावल की उम्र को बहुत महत्व दिया गया है। आमतौर पर लोग बाजार से नया चावल खरीद कर इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार नया चावल भारी माना जाता है और इसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। नया चावल कफ बढ़ा सकता है और पाचन को धीमा कर सकता है। जिन लोगों को अक्सर सुस्ती महसूस होती है या जिनका पाचन कमजोर है उन्हें नया चावल खाने से बचना चाहिए। इसके विपरीत एक साल पुराना चावल हल्का और सुपाच्य माना जाता है। पुराने चावल की तासीर ऐसी हो जाती है कि वह पेट पर ज्यादा बोझ नहीं डालता और शरीर को जल्दी ऊर्जा देता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि संभव हो तो एक साल पुराना चावल ही इस्तेमाल करना चाहिए। चावल बनाने का तरीका भी सेहत पर असर डाल सकता है। आजकल ज्यादातर लोग कुकर में चावल बनाना पसंद करते हैं क्योंकि इससे समय की बचत होती है। लेकिन आयुर्वेद में कुकर में बने चावल को उतना अच्छा नहीं माना गया है। विशेषज्ञों के अनुसार चावल को खुले बर्तन में ज्यादा पानी के साथ पकाना चाहिए और पकने के बाद उसका माड़ यानी अतिरिक्त पानी निकाल देना चाहिए। इससे चावल हल्का और पचने में आसान हो जाता है। इसके अलावा आयुर्वेद में शरीर की प्रकृति के अनुसार भी खानपान को महत्व दिया गया है। हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है और उसी के अनुसार चावल खाने का तरीका भी अलग हो सकता है। जिन लोगों की वात प्रकृति होती है उन्हें अक्सर जोड़ों में दर्द, गैस या त्वचा में रूखापन जैसी समस्याएं रहती हैं। ऐसे लोगों को चावल खाते समय उसमें थोड़ा सा घी मिलाकर खाना चाहिए। इससे पाचन बेहतर होता है और शरीर को संतुलन मिलता है। पित्त प्रकृति वाले लोगों को अक्सर एसिडिटी, सीने में जलन या ज्यादा गर्मी महसूस होती है। ऐसे लोगों के लिए दूध के साथ चावल या चावल की खीर खाना फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह शरीर की गर्मी को संतुलित करने में मदद करता है। वहीं कफ प्रकृति वाले लोगों का वजन जल्दी बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है और उन्हें सर्दी खांसी की समस्या भी हो सकती है। ऐसे लोगों को हमेशा पुराना चावल खाना चाहिए और चावल का माड़ निकाल कर ही सेवन करना चाहिए। इस तरह सही प्रकार का चावल चुनकर और सही तरीके से पकाकर खाने से न केवल पाचन बेहतर रहता है बल्कि वजन बढ़ने का खतरा भी कम हो सकता है। इसलिए चावल को पूरी तरह छोड़ने के बजाय उसे सही नियमों के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

वजन घटाने में आ रही है रुकावट? स्लो मेटाबॉलिज्म हो सकता है बड़ा विलेन; डाइट, एक्सरसाइज और नींद के जरिए ऐसे बदलें अपने शरीर का गियर

नई दिल्ली :अक्सर लोग वजन बढ़ने या हर समय थकान महसूस होने की शिकायत करते हैं, लेकिन इसके पीछे की मुख्य वजह को नजरअंदाज कर देते हैं। मेडिकल साइंस की भाषा में इसे ‘स्लो मेटाबॉलिज्म’ कहा जाता है। सरल शब्दों में समझें तो मेटाबॉलिज्म हमारे शरीर की वह आंतरिक रासायनिक प्रक्रिया है, जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन और पेय पदार्थों को ऊर्जा (एनर्जी) में बदलने का काम करती है। जब यह प्रक्रिया सुस्त पड़ जाती है, तो शरीर कैलोरी को जलाने के बजाय उसे फैट के रूप में जमा करने लगता है। लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता के अनुसार, मेटाबॉलिज्म का सीधा संबंध हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से है। यदि आपका मेटाबॉलिक रेट धीमा है, तो यह केवल वजन बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह शरीर के हर अंग को प्रभावित करना शुरू कर देता है। मेटाबॉलिज्म धीमा होने के लक्षण काफी स्पष्ट होते हैं, लेकिन लोग इन्हें सामान्य कमजोरी समझकर टाल देते हैं। इसका सबसे बड़ा संकेत है-बिना किसी खास कारण के वजन का बढ़ना या जिम और डाइटिंग के बावजूद वजन कम न होना। जब शरीर भोजन से पर्याप्त ऊर्जा का उत्पादन नहीं कर पाता, तो व्यक्ति हर समय थकान और कमजोरी महसूस करता है। इसके अलावा, स्लो मेटाबॉलिज्म के कारण त्वचा में रूखापन, बालों का अत्यधिक झड़ना और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं जैसे कब्ज की शिकायत रहने लगती है। इतना ही नहीं, यह स्थिति शरीर की आंतरिक गर्मी पैदा करने की क्षमता को भी कम कर देती है, जिससे व्यक्ति को सामान्य तापमान में भी दूसरों के मुकाबले ज्यादा ठंड महसूस होती है। मानसिक स्तर पर यह ‘ब्रेन फॉग’ पैदा करता है, जिससे एकाग्रता में कमी और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस की ओर ले जा सकता है, जो भविष्य में डायबिटीज और थायराइड जैसी बीमारियों का मुख्य कारण बनता है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर मेटाबॉलिक रेट को फिर से कैसे सक्रिय या बूस्ट किया जाए? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए जीवनशैली में चार बड़े बदलाव जरूरी हैं। सबसे पहले अपनी डाइट में सुधार करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी की हल्की सी कमी भी इस प्रक्रिया को धीमा कर देती है। दूसरा महत्वपूर्ण टूल है-स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज। मांसपेशियों के ऊतक Muscle Tissues आराम की स्थिति में भी फैट के मुकाबले अधिक कैलोरी जलाते हैं। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारक है ‘नींद’। अक्सर लोग इसे नजरअंदाज करते हैं, लेकिन अधूरी नींद ब्लड शुगर के स्तर को बिगाड़ती है और भूख को नियंत्रित करने वाले घ्रेलिन और लेप्टिन हार्मोन्स को असंतुलित कर देती है, जिससे मेटाबॉलिज्म पूरी तरह सुस्त पड़ जाता है। हर रात 7-8 घंटे की गहरी नींद शरीर को रिपेयर करने के लिए अनिवार्य है। सही पोषण, नियमित व्यायाम और तनाव मुक्त जीवन के जरिए आप अपने मेटाबॉलिज्म को तेज कर एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

वजन घटाना हुआ आसान: तमन्ना भाटिया और फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह की टिप्स

नई दिल्ली।बॉलीवुड एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया की फिटनेस का राज उनके ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह ने अब सबके सामने साझा किया है। वजन घटाने की चाहत रखने वाले अक्सर भारी एक्सरसाइज और महंगी डाइट प्लान की ओर रुख करते हैं, लेकिन सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि वजन कम करने के लिए सबसे आसान तरीका रोज़मर्रा की थाली में संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो में बताया कि नई डाइट लेने की बजाय अपनी प्लेट स्ट्रक्चर को सही करना ज्यादा प्रभावी साबित होता है। सिद्धार्थ के अनुसार हर खाने की थाली में तीन मुख्य घटक होने चाहिए। पहला और सबसे अहम हिस्सा है पाम प्रोटीन। इसमें आप चिकन, पनीर, टोफू, दाल या अंडे शामिल कर सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि दिन के हर खाने में प्रोटीन का होना जरूरी है। बिना प्रोटीन के वजन घटाना मुश्किल है क्योंकि यह मसल्स को बनाए रखने और शरीर की चर्बी कम करने में मदद करता है। दूसरा हिस्सा है स्मार्ट कार्ब्स। आम धारणा है कि कार्ब्स खाने से वजन बढ़ता है, लेकिन सिद्धार्थ इसे गलत मानते हैं। यदि कार्ब्स सही मात्रा और सही समय पर शामिल किए जाएं, तो यह वजन घटाने में सहायक हो सकते हैं। इसके लिए आप अपनी प्लेट में एक मुट्ठी रोटी, चावल या शकरकंद जैसी चीजें ले सकते हैं। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और आप दिनभर एक्टिव रहते हैं। तीसरा और महत्वपूर्ण हिस्सा है सब्जियां। हर प्लेट में कम से कम दो मुट्ठी हरी सब्जियों का होना जरूरी है। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और बार-बार खाने की इच्छा को कम करती है। फाइबर का सेवन मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है और वजन घटाने की प्रक्रिया को तेज करता है। सिद्धार्थ सिंह बताते हैं कि कई बिजी प्रोफेशनल्स जो केवल 5 से 7 किलो वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें कार्ब्स पूरी तरह से हटाने की जरूरत नहीं है। असली फर्क संतुलित प्लेट स्ट्रक्चर से आता है। प्रोटीन, स्मार्ट कार्ब्स और हरी सब्जियों का सही अनुपात रखने से वजन घटाना सरल और स्वस्थ दोनों होता है। इसके अलावा सिद्धार्थ ने कहा कि छोटी-छोटी आदतें भी असर डालती हैं। खाने से पहले पानी पीना, धीमी गति से खाना, और रात के समय हल्का खाना शरीर को डिटॉक्स करने और वजन नियंत्रित करने में मदद करता है। इस तरीके को अपनाकर किसी भी व्यक्ति को अतिरिक्त मेहनत किए बिना फिटनेस और वजन में सुधार महसूस हो सकता है। वास्तव में, फिट रहने के लिए जरूरी नहीं कि आप महंगी डाइट प्लान या जिम में घंटों समय बिताएं। सही प्लेट स्ट्रक्चर, संतुलित भोजन और थोड़ी जागरूकता से वजन कम करना हर किसी के लिए संभव है। यदि आप भी वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो आज ही अपनी प्लेट को संतुलित करने की शुरुआत करें और छोटे-छोटे बदलाव को जीवनशैली में शामिल करें।