बंगाल में TMC पर बड़ा एक्शन: ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों से मचा हड़कंप, कई नेता जांच के घेरे में

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा बवाल मचा हुआ है। राज्य में चल रही कार्रवाई के तहत तृणमूल कांग्रेस (Mamata Banerjee) की पार्टी All India Trinamool Congress के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार, हिंसा और अवैध गतिविधियों के गंभीर आरोपों के चलते लगातार गिरफ्तारियां हो रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। हाई-प्रोफाइल नेताओं पर कार्रवाईइस कार्रवाई के तहत पूर्व राज्य मंत्री और TMC नेता Sujit Bose को नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, संदेशखाली विवाद से जुड़े नेता Sheikh Shahjahan भी गंभीर आरोपों के चलते जांच के दायरे में हैं। पंचायत और स्थानीय स्तर पर भी शिकंजासिर्फ बड़े नेताओं तक ही नहीं, बल्कि पंचायत और जिला स्तर पर भी कार्रवाई तेज है। कई पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे आरोप लगाए गए हैं। कई मामलों में गिरफ्तारियां भी हुई हैं, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है। हिंसा और रंगदारी के आरोपकुछ नेताओं पर राजनीतिक विरोधियों पर हमले, धमकी और जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। इन मामलों की जांच राज्य पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की जा रही है। फरार और जांच के घेरे में नेताइस कार्रवाई के बीच कुछ नेता या तो फरार बताए जा रहे हैं या फिर पूछताछ के लिए तलाश में हैं। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और कई जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। जनता का विरोध और तनावराज्य के कई इलाकों में गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं। कुछ जगहों पर स्थानीय लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है, जिससे जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिलहाल यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव और सत्ता-संघर्ष की ओर इशारा कर रहा है, और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या से बंगाल में सनसनी: 10 राउंड फायरिंग, पेशेवर हथियार से हमला, राजनीतिक तनाव बढ़ा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार रात करीब 10:30 बजे भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ (42) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है और राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। कार रोककर किया गया हमला, 10 राउंड फायरिंगजानकारी के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो में वह ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठे थे। जैसे ही वाहन डोलतला से मध्यमग्राम के बीच पहुंचा, पीछे से आई एक कार ने उनकी गाड़ी को रोक दिया।इसके बाद बिना नंबर प्लेट की बाइक पर आए हमलावर ने स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि 6 से 10 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से 4 गोलियां चंद्रनाथ रथ को लगीं।2 गोलियां सीने को पार कर गईं। 1 गोली पेट में लगी,ड्राइवर को भी गोली लगी। घटना के बाद हमलावर बाइक और फर्जी नंबर प्लेट वाली कार छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल में मौत, ड्राइवर गंभीरघायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। वहीं ड्राइवर बुद्धदेब बेरा की हालत गंभीर बताई जा रही है। ग्लॉक पिस्टल से हमला, प्रोफेशनल शूटर की आशंकाफोरेंसिक रिपोर्ट के शुरुआती इनपुट के अनुसार, हमले में आधुनिक ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। इस तरह का हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होता, जिससे यह शक और गहरा हो गया है कि हमला किसी प्रोफेशनल शूटर ने अंजाम दिया है।हमलावर ने हेलमेट पहन रखा था और बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं थी, जिससे उसकी पहचान मुश्किल हो रही है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेजघटना के बाद बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुवेंदु अधिकारी ने इसे प्लान्ड मर्डर बताया और कहा कि पिछले 2–3 दिनों से रेकी की जा रही थी।वहीं TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मामले की CBI जांच की मांग की है। एक घंटे बाद दूसरी फायरिंग, हालात और तनावपूर्णइस घटना के करीब एक घंटे बाद बशीरहाट में एक और भाजपा कार्यकर्ता रोहित रॉय पर भी फायरिंग की गई, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बढ़ता राजनीतिक तनाव4 मई के चुनावी नतीजों के बाद राज्य में अब तक 5 हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें भाजपा और TMC दोनों से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं। इससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मां की भावुक अपीलमृतक चंद्रनाथ रथ की मां ने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन वह चाहती हैं कि कानून के तहत उम्रकैद की सजा दी जाए, न कि फांसी।उन्होंने सरकार से न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।
अमित शाह के रोड शो के बाद दुर्गापुर में भड़की राजनीतिक हिंसा, बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं की झड़प में दो घायल, पूरे इलाके में तनाव

नई दिल्ली :पश्चिम बंगाल अमित शाह के रोड शो के बाद दुर्गापुर में बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच भड़की हिंसक झड़प, राजनीतिक तनाव के बीच दो लोग घायल, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो के बाद राजनीतिक माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई। यह घटना बांकुरा मोड़ इलाके में हुई, जहां दोनों दलों के समर्थकों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। इस झड़प में दोनों पक्षों के एक एक कार्यकर्ता घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच हल्की नोकझोंक हुई थी, लेकिन कुछ ही समय में स्थिति बेकाबू हो गई और हाथापाई शुरू हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की। हालांकि तब तक दोनों पक्षों को चोटें लग चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की आगे की हिंसा को रोका जा सके। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। घायलों को तुरंत दुर्गापुर के सब डिविजनल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद राजनीतिक स्तर पर भी आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक पक्ष ने दूसरे पर हमले का आरोप लगाते हुए कहा कि रोड शो के बाद बढ़ी भीड़ से विपक्षी दल असहज हो गया था, जिसके कारण यह झड़प हुई। वहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच तनाव का माहौल बना रहा। इलाके में फिलहाल स्थिति सामान्य लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि झड़प की शुरुआत किस कारण से हुई और इसमें कौन कौन शामिल थे। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।