GWALIOR WEATHER TODAY: ग्वालियर में मौसम का यू-टर्न, हलकी बारिश से लोगो को मिली राहत

HIGHLIGHTS: सुबह हल्की बारिश से मौसम सुहावना तापमान में 4 डिग्री से ज्यादा गिरावट हवा में नमी 88% तक पहुंची पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम अगले 24 घंटे में तेज बदलाव की संभावना GWALIOR WEATHER TODAY: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में मंगलवार सुबह हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह की ठंडी फुहारों ने गर्मी से राहत दिलाई, जिससे शहर का वातावरण सुहावना हो गया। हालांकि कुछ देर बाद धूप निकलने से उमस जरूर महसूस हुई, लेकिन दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, जिसने मौसम को संतुलित बनाए रखा। जर्मनी के लीपजिग में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार भीड़ में घुसी, 2 की मौत, 22 घायल; पुलिस जांच में जुटी तापमान में आई गिरावट से राहत मई की शुरुआत में ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जो लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सोमवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रविवार को यह 39 डिग्री तक पहुंच गया था। वहीं मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिससे गर्मी का असर कुछ कम महसूस हुआ। रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ा मोड़: विक्ट्री डे से पहले अस्थायी सीजफायर का ऐलान, सुरक्षा को लेकर सख्त अलर्ट पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ नजर आया मौसम में आए इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मुख्य कारण मानी जा रही है। हवा में नमी बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे वातावरण में ठंडक बनी हुई है। सुबह के समय तापमान 25 डिग्री के आसपास बना रहा, जिससे लोगों को सुबह-शाम राहत महसूस हो रही है। ऋषि कपूर की ‘कर्ज’: फ्लॉप फिल्म, लेकिन सुपरहिट म्यूजिक और मानसिक तनाव की सच्ची कहानी अगले 24 घंटे रहेंगे अहम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले 24 घंटे और भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ पूर्वी मध्य प्रदेश में बने चक्रवाती हवाओं के घेरे के कारण तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में मौसम अचानक बदल सकता है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
GWALIOR MAUSAM UPDATE : मार्च की तपिश के बाद मौसम का यू-टर्न: ग्वालियर में गर्मी के बीच बारिश और आंधी की दस्तक

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में तापमान 36.8°C तक पहुंचा न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक 28–30 मार्च के बीच मौसम बदलेगा तेज हवा, बादल और बारिश की संभावना गेहूं और चना फसल को नुकसान का खतरा GWALIOR MAUSAM UPDATE : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में मार्च के आखिरी दिनों में गर्मी ने अचानक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से अधिक है। दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी से लोगों को तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात सुबह से ही चढ़ रहा तापमान सुबह से ही तेज धूप का असर साफ नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक गर्मी का असर ऐसे ही बरकरार रहेगा, जिससे तापमान और बढ़ोत्तरी हो सकती है। ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम हालांकि, इस गर्मी के बीच राहत की खबर भी है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर 28 से 30 मार्च के बीच देखने को मिलेगा। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं, आसमान में बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार किसानों की बढ़ी चिंता मौसम में इस अचानक बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रबी फसलों, खासकर गेहूं और चने की कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में तेज हवा और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे आर्थिक हानि की आशंका है। श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश सावधानी बरतने की सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कटाई और भंडारण का काम सावधानी से करें। वहीं आम लोगों को भी तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
MP में दो दिन और झुलसाएगी गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश के आसार; भोपाल में घरों पर ग्रीन नेट, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में गर्मी का असर तेजी से बढ़ने लगा है और लोग इससे बचने के लिए तरह तरह के उपाय करने लगे हैं। राजधानी भोपाल में कई घरों को तेज धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट से कवर किया जा रहा है, ताकि घरों के अंदर का तापमान ज्यादा न बढ़े। वहीं इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन तक तेज गर्मी का असर बना रहेगा, जबकि 18 और 19 मार्च को मौसम में बदलाव के साथ कई जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक रविवार को ग्वालियर चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला। इसके चलते आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है। इसी वजह से 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादलों का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार 17 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च को देखने को मिलेगा। रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की गई। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि शाम तक कहीं बारिश नहीं हुई, लेकिन बादल छाए रहने से तापमान में कुछ राहत मिली। वहीं पिछले तीन दिनों से तीव्र गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी पारा कुछ नीचे आया और अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। तेज गर्मी के चलते राजधानी भोपाल को मार्च महीने में ही जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आदेश जारी करते हुए निजी ट्यूबवेल खनन पर रोक लगा दी है। अब केवल सरकारी ट्यूबवेल ही खोदे जा सकेंगे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की नल जल योजनाओं को सुचारू रखने के लिए जरूरी काम किए जाएंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना अनुमति ट्यूबवेल खनन करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी रोक लगा दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मार्च का मौसम बीमारियों के लिहाज से भी संवेदनशील होता है। दिन में तेज गर्मी और सुबह शाम हल्की ठंड रहने से सर्दी जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ जाते हैं। कई लोग दिन की गर्मी से बचने के लिए हल्के कपड़े पहन लेते हैं और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। इसलिए सुबह और देर रात की ठंडी हवा से बचने की सलाह दी गई है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को। मौसम विभाग के अनुसार इस साल अप्रैल और मई में प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।
एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में हीट अटैक जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई इलाकों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मार्च के महीने में पहली बार मावठा गिरने की संभावना बन रही है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर भी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है जिसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को छिंदवाड़ा बालाघाट बैतूल पंढुर्ना मंडला सिवनी अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 17 मार्च को भी कुछ जिलों में बारिश का असर जारी रह सकता है। इस दिन बालाघाट सिवनी मंडला अनूपपुर और डिंडोरी में बादल गरजने के साथ पानी गिरने के असर हैं। वहीं 18 मार्च को मौसम का असर और बढ़ सकता है। इस दौरान ग्वालियर मुरैना भिंड श्योपुर शहडोल के साथ साथ बालाघाट मंडला डिंडोरी सिवनी अनूपपुर पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में बारिश होने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की गईं। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज़्यादा तापमान नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया जहाँ पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा खरगोन में तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शाजापुर सतना सिवनी सागर छिंदवाड़ा खजुराहो खंडवा रतलाम रायसेन मंडला दमोह गुना बैतूल नरसिंहपुर धार उमरिया और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां कुछ जिलों में बारिश और आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है वहीं कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू और गर्म हवाओं का असर, 10 शहरों में पारा 38°C पार

मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही मौसम ने गर्मी के तेवर दिखाए हैं। गुरुवार को नर्मदापुरम, रतलाम और धार में तेज गर्म हवाएं चलीं और शुक्रवार को भी यहां लू का अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहरों में रतलाम 39.5°C, खजुराहो 39°C, धार 38.8°C, दमोह-टीकमगढ़ 38.5°C, खंडवा 38.1°C, मंडला, श्योपुर और खरगोन में पारा 38°C के आसपास रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर 37.8°C, उज्जैन 37.5°C, ग्वालियर 37.2°C, भोपाल 37°C और जबलपुर 36.9°C तापमान के साथ गर्म रहे। मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बदल गई है। हवा में नमी बहुत कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आती गर्म हवाएं प्रदेश में पारे को बढ़ा रही हैं। 15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहने की संभावना है। 15 मार्च को ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश का अनुमान है। वहीं, 16 मार्च को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में मौसम बदलेगा। विशेषज्ञों ने बताया कि मार्च में दिन के समय गर्मी और रात में हल्की ठंड रहने से सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। इसलिए सुबह और रात को ठंडी हवा से बचाव करना जरूरी है। मौसम विभाग ने कहा कि मार्च में पारा बढ़ने का यह सीजनल ट्रेंड है, लेकिन असली लू अप्रैल-मई में चलेगी। अप्रैल और मई में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45°C पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी अधिक गर्मी रहेगी। प्रदेश के मौसम में मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार मार्च में तीनों मौसम – गर्मी, ठंड और बारिश का ट्रेंड रहता है। इंदौर में दिन का पारा 41.1°C तक पहुंच चुका है, जबकि ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8°C तक दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में मार्च में दिन में तेज गर्मी और कभी-कभी बारिश का असर देखा जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दिन में हल्के कपड़े पहनें और शीतल पेय का सेवन संतुलित करें ताकि स्वास्थ्य पर असर न पड़े।
MP WEATHER: मार्च की शुरुआत में ही तपने लगा मध्य प्रदेश, पारा सामान्य से 3 डिग्री ऊपर, रतलाम में सबसे गर्म

MP WEATHER: भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महीने के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के कई शहरों में तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया है। रविवार को रंगपंचमी के दिन रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत कई शहरों में दिनभर तेज धूप और गर्मी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अगले 4 से 5 दिन तक मौसम का यही रुख रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 9 मार्च से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर आगे देखने को मिल सकता है। कई शहरों में तापमान 36 डिग्री के पार रविवार को प्रदेश के लगभग सभी शहरों में गर्मी का असर रहा। बड़े शहरों में उज्जैन का तापमान सबसे ज्यादा 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद ग्वालियर में 36.5 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। अन्य शहरों की बात करें तो रतलाम में पारा 39 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम में 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। गुना और सागर में तापमान 37.4 डिग्री और श्योपुर में 37 डिग्री रहा। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मी मौसम विभाग के अनुसार इस साल मार्च में पिछले साल की तुलना में ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई शहरों में सामान्य तापमान से 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी मुख्य वजह हवा की दिशा में बदलाव बताया जा रहा है। फिलहाल हवाएं उत्तर-पूर्व की बजाय पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हैं। साथ ही हवा में नमी कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ा रही हैं। इस बार मार्च में ही तेज गर्मी के संकेत आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी का दौर मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होता है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में भी 15 मार्च के बाद ही तापमान में तेज बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन इस बार ट्रेंड पहले ही बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले पखवाड़े में ही प्रदेश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री तक पहुंच जाए। साथ ही अनुमान जताया जा रहा है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में हीट वेव यानी लू का असर देखने को मिलेगा, जो करीब 15 से 20 दिनों तक चल सकती है।
HOLI WEATHER: होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम

HOLI WEATHER: भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के दिनों में आंधी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में महसूस हो सकता है।IMD भोपाल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी भारत में दो सक्रिय चक्रवातिक प्रणाली और एक ट्रफ सक्रिय हैं। इस वजह से शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे, हालांकि तापमान पर इसका खास असर नहीं पड़ा। गर्मी का असर: तापमान 34°C पार आंधी-बारिश और ओलों के दौर के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी देखने को मिली। शुक्रवार को कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 18 डिग्री से अधिक रहा। पचमढ़ी में 27.6°C, खरगोन में 34.8°C (सबसे गर्म), भोपाल में 32.4°C, इंदौर में 31.2°C, ग्वालियर में 32.7°C, उज्जैन और जबलपुर में 33°C दर्ज किया गया। रात के तापमान में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा (9.6°C), जबकि सागर और नर्मदापुरम में क्रमशः 18.4°C और 18.2°C दर्ज हुआ। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में रात का पारा 16°C और रतलाम-धार में 17°C या उससे अधिक रहा।20 जिलों में प्रभावित मौसम 24-25 फरवरी को सक्रिय चक्रवात और ट्रफ की वजह से 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश रही, कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। इससे गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहेगा और किसी भी जिले में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
MP में फिर बदलेगा मौसम: 18-19 फरवरी को बारिश के आसार, पहले बढ़ेगा तापमान

भोपाल । पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। IMD के भोपाल केंद्र ने 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के उत्तरी हिस्से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के 8 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। इनसे सटे जिलों में बादल छाए रहने की स्थिति बनेगी। फरवरी में तीसरी बार बरसात की संभावनाअगर अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो फरवरी महीने में यह तीसरा मौका होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा। महीने की शुरुआत में ही कई जिलों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी आई थी, जिससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसल सर्वे भी कराया था। नया सिस्टम करेगा असरमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन उसका असर पहाड़ी राज्यों तक सीमित है, जहां बर्फबारी हो रही है। मध्य प्रदेश में केवल हल्के बादल नजर आ रहे हैं। 16 फरवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव एमपी पर भी पड़ेगा। अभी रात में हल्की सर्दीप्रदेश में फिलहाल हल्की ठंड का असर बना हुआ है। रात और सुबह के समय सर्दी महसूस की जा रही है। ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हो रहा है, जबकि दिन का तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है। शनिवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अन्य शहरों में पारा 10 डिग्री से अधिक रहा। पांच प्रमुख शहरों में तापमान इस प्रकार रहा—भोपाल 14.2 डिग्री, इंदौर 13.6 डिग्री, ग्वालियर 12.8 डिग्री, उज्जैन 15.7 डिग्री और जबलपुर 14.6 डिग्री सेल्सियस। वहीं कटनी के करौंदी, सतना के चित्रकूट, शहडोल के कल्याणपुर, छतरपुर के नौगांव और रीवा में तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। अगले दो दिन का पूर्वानुमान16 फरवरी: कुछ जिलों में हल्का कोहरा रह सकता है। बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, हालांकि दिन में बादल छाए रह सकते हैं।17 फरवरी: हल्के कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। इस दिन भी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन आसमान में बादलों की मौजूदगी रहेगी।
MP में 16 फरवरी के बाद करवट बदलेगा मौसम, बादल छाने की संभावना, दिन गर्म-रातें रहेंगी ठंडी

भोपाल। मध्य प्रदेश के मौसम में 16 फरवरी के बाद एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के असर से राज्य में बादल छा सकते हैं। फिलहाल, भोपाल, इंदौर और अन्य शहरों में दिन का तापमान बढ़ा हुआ है, जबकि पचमढ़ी, खजुराहो और कटनी में रातें काफी ठंडी बनी हुई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी के इस महीने में मौसम का यह मिजाज जारी रहेगा। दिन में गर्मी, रातों में ठंडक रहेगी, लेकिन तेज सर्दी और घना कोहरा नहीं रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ का असरसीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ जिलों में हल्के बादल हैं। 16 फरवरी से नया सिस्टम पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्रदेश में बादल छाए रह सकते हैं और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। हल्की सर्दी का दौर जारीमौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल पहाड़ों में बर्फबारी हो रही है। सिस्टम के गुजरने और बर्फ पिघलने के बाद राज्य में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा और हल्की सर्दी का एक और दौर आ सकता है। दिन और रात का तापमान15 फरवरी को दिन का तापमान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर और सिवनी में 30 डिग्री के पार रहा। सबसे अधिक 33.5 डिग्री खंडवा में दर्ज किया गया। रात के तापमान की बात करें तो अधिकांश शहरों में 10 डिग्री से ऊपर ही है। कटनी के करौंदी में 8.9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, खजुराहो में 10.4 डिग्री, राजगढ़ में 10.6 डिग्री, मंदसौर में 10.7 डिग्री, नौगांव-रीवा में 10.8 डिग्री और उमरिया में 10.9 डिग्री दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे कम तापमान 12.5 डिग्री रहा। अगले दो दिनों का पूर्वानुमान15 फरवरी – कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का कोई अलर्ट नहीं। दिन में बादल छा सकते हैं।16 फरवरी – कुछ ही जिलों में हल्का कोहरा रहेगा, बारिश का अलर्ट नहीं। दिन में बादल जरूर छाए रहेंगे।
मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर, 20 जिलों में छाया घना कोहरा..

भोपाल। पिछले चार दिनों से मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात की वजह से ओले और बारिश का सिलसिला चला। मंगलवार को भोपाल, ग्वालियर और आसपास के 15 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट बदली। कुछ जगह हल्की बारिश और ओले गिरे, तो कुछ जगह बस मौसम में बदलाव महसूस हुआ। बुधवार सुबह लगभग 20 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर रहा। हालांकि आज बारिश या ओले का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहा। अगले दो दिन का मौसम5 फरवरी-ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा रहेगा। भोपाल, गुना, अशोक नगर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास और आसपास के जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। 6 फरवरी-अधिकांश जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मुरैना में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया, जिससे दृश्यता लगभग 50 मीटर रह गई। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई; न्यूनतम 9 डिग्री और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फरवरी में पिछले पांच साल में इतना घना कोहरा कम ही देखा गया। एमपी के हिल स्टेशन पचमढ़ी में भी घना कोहरा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट रही। मौसम सुहावना होने के चलते पर्यटक और स्थानीय लोग ठंडक का आनंद ले रहे हैं। भोपाल में हल्का कोहरा देखा गया, लेकिन तेज हवाओं की वजह से ठंडक बनी हुई है। सुबह और शाम को ठंडक अधिक महसूस हो रही है। ग्वालियर में मंगलवार की ओलावृष्टि के बाद बुधवार को घने कोहरे ने शहर को ढक लिया। सुबह 7 बजे तक सड़कें सुनसान रहीं और वाहन चालकों को हाई बीम लाइट जलाकर चलना पड़ा। रीवा में भी विजिबिलिटी 100 मीटर तक गिर गई। मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 5 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर प्रदेश में नजर आएगा। 10 फरवरी तक मावठा गिरने की संभावना है। पिछले दिन मंगलवार को ग्वालियर, मंदसौर, भोपाल, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, दतिया, मैहर, कटनी, मऊगंज, शिवपुरी, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, गुना में मौसम में बदलाव देखा गया। कुछ जगह ओले और आकाशीय बिजली गिरी, तो कुछ जगह बारिश और आंधी रही।