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CM का बयान: एक्सपोर्ट बाधित होने से बढ़ा दबाव, गेहूं खरीद बढ़ाने और जूट सप्लाई सुधारने की अपील

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार ने बड़ा रुख साफ किया है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि प्रदेश में रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए केंद्र सरकार से खरीदी का कोटा बढ़ाने की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक हालातों के चलते निर्यात में कमी और जूट आयात में आ रही दिक्कतों के बावजूद राज्य सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। वैश्विक संकट का असर: एक्सपोर्ट रुका, जूट आयात प्रभावितमुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां इस समय जटिल बनी हुई हैं, जिसके कारण भारत से गेहूं का निर्यात लगभग ठप हो गया है। वहीं पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालातों के चलते जूट की आपूर्ति भी बाधित हुई है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने वैकल्पिक इंतजाम करते हुए पीपी बैग्स की व्यवस्था कर खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया है। रिकॉर्ड पैदावार से बढ़ी चुनौती, कोटा कम पड़ने की आशंकाइस साल प्रदेश में गेहूं का उत्पादन लगभग दोगुना हुआ है, जिससे खरीदी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। केंद्र सरकार ने फिलहाल 78 लाख मीट्रिक टन का कोटा तय किया है, लेकिन मौजूदा उत्पादन को देखते हुए यह लक्ष्य अपर्याप्त साबित हो सकता है। इसी कारण राज्य सरकार लगातार केंद्र से संपर्क कर कोटा बढ़ाने की मांग कर रही है, ताकि हर किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। किसानों के हित में रणनीति: छोटे किसानों को प्राथमिकतासरकार ने किसान संगठनों के साथ चर्चा के बाद खरीदी की प्राथमिकता तय की है। इसके तहत पहले छोटे किसानों, फिर मध्यम और अंत में बड़े किसानों की उपज खरीदी जाएगी। इससे छोटे और जरूरतमंद किसानों को पहले राहत मिलने की उम्मीद है। एमएसपी पर बोनस के साथ खरीदी, 2700 का वादा बरकरारप्रदेश में इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके साथ ₹40 प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर किसानों को कुल ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि संकल्प पत्र में किए गए ₹2700 प्रति क्विंटल के वादे को अगले तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। भंडारण भी बड़ी चुनौती, फिर भी खरीदी जारीसीएम ने यह भी माना कि पिछले साल का गेहूं अभी भी बड़ी मात्रा में गोदामों में रखा हुआ है, जिससे भंडारण की समस्या सामने आ रही है। बावजूद इसके, सरकार खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने देगी और हर किसान की फसल खरीदे जाने का प्रयास जारी रहेगा। किसानों को भरोसा: सरकार हर हाल में साथमुख्यमंत्री Mohan Yadav ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है। केंद्र से कोटा बढ़ाने की मांग भी इसी दिशा में एक अहम प्रयास है, जिससे प्रदेश के किसानों को उनका हक मिल सके।

समर्थन मूल्य पर खरीदी ने बदली तस्वीर किसानों ने जश्न में किया डांडिया स्वागत

इछावर । मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की शुरुआत ने किसानों के चेहरे पर लंबे समय बाद सच्ची मुस्कान ला दी है सीहोर जिले के चंदेरी गांव में इसका अनोखा और उत्साहपूर्ण नजारा देखने को मिला जहां किसानों ने खुशी में डांडिया नृत्य कर जश्न मनाया खेतों की मेहनत का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद ने पूरे गांव का माहौल उत्सव में बदल दिया दरअसल बीते दिनों सीहोर जिले के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था किसानों का कहना था कि उनकी फसल तैयार होने के बावजूद खरीदी में देरी हो रही थी और बाजार में उन्हें गेहूं का सही दाम नहीं मिल पा रहा था मंडियों में गेहूं 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था वहीं दूसरी ओर कर्ज का दबाव और खराब होती फसल ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी इस स्थिति को देखते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जल्द खरीदी शुरू कराने की मांग की थी किसानों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी है अब किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है खरीदी शुरू होते ही चंदेरी गांव समेत आसपास के राम खेड़ी और अन्य गांवों के किसानों ने एकजुट होकर अपनी खुशी का इजहार किया पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से किसानों ने न केवल जश्न मनाया बल्कि सरकार के प्रति आभार भी जताया यह दृश्य न केवल गांव के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गया जहां मेहनत करने वाले अन्नदाता अपनी जीत का जश्न मना रहे थे किसानों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद किया उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे यह पहल केवल आर्थिक राहत ही नहीं बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाली साबित हो रही है लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों के लिए यह फैसला उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है गांवों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल है और किसान भविष्य को लेकर अब पहले से ज्यादा आश्वस्त नजर आ रहे हैं गेहूं खरीदी की यह शुरुआत प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा देगी इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जब किसानों की आवाज सुनी जाती है तो उसका परिणाम खुशहाली और उत्सव के रूप में सामने आता है