MP: सतना में महिला ने एक साथ 3 बच्चों को दिया जन्म, जिला अस्पताल में हुई नॉर्मल डिलीवरी

सतना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिला अस्पताल (Satna District Hospital) में एक बार फिर कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिला. पन्ना जिले के सलेहा इलाके की रहने वाली 34 वर्षीय कंचन सोनी ने एक साथ 3 बच्चों को जन्म (Triplets Birth) दिया है. सबसे चौंकाने वाली और सुखद बात यह है कि ये तीनों जन्म नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery) के जरिए हुए हैं,। सतना जिला अस्पताल में 27 अप्रैल की रात करीब डेढ़ घंटे के अंतराल में तीनों शिशुओं का जन्म हुआ. 10:34 बजे पहले पुत्र का जन्म हुआ. इसके ठीक 11 मिनट बाद 10:45 बजे दूसरे पुत्र ने जन्म लिया. इसके बाद करीब एक घंटे के इंतजार के बाद 11:57 बजे एक पुत्री का जन्म हुआ. तीनों शिशुओं का वजन स्वास्थ्य के लिहाज से काफी बेहतर पाया गया है, जो क्रमशः 2 किलो, 2.300 किलो और 2.650 किलो है। गायनी विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह के अनुसार, मां और तीनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें फिलहाल पीएनसी वार्ड में विशेष ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. हैरानी की बात यह भी है कि कंचन सोनी के पहले से ही चार बच्चे (11, 9, 7 और 5 वर्ष) हैं। जाहिर सी बात है कि यहां परिवार नियोजन कार्यक्रम हम दो हमारे दो की धज्जियां उड़ गई हैं. प्रसूता कंचन अब हम दो हमारे सात नारे के साथ है यानी अब इन तीन नए मेहमानों के आने से परिवार में बच्चों की कुल संख्या सात हो गई है। हालांकि, यह मामला जिला अस्पताल में परिवार नियोजन कार्यक्रमों के लिए एक चुनौती की तरह देखा जा रहा है, लेकिन सुरक्षित प्रसव और बच्चों की किलकारियों ने परिजनों के चेहरे पर खुशी ला दी है। परिजनों को गर्भावस्था के पांचवें महीने में ही सोनोग्राफी के जरिए इस बात का पता चल गया था कि घर में एक साथ तीन नन्हे मेहमान आने वाले हैं. सतना जिला अस्पताल में इससे पहले भी नवंबर 2025 में ट्रिपलेट प्रसव का सफल मामला सामने आ चुका है।
MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

ग्वालियर। ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली। जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है। दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी। 10 साल से अलग रह रही थी पत्नीकरीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है। परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधारपत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया। पति को अप्रैल में हुई जानकारीऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी। ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।
गुजरात के सूरत में मुस्लिम युवक ने की महिला से छेड़छाड़, गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

सूरत। गुजरात की डायमंड सिटी नाम से मशहूर सूरत में कुछ देर पहले छेड़छाड़ की एक घटना को लेकर जमकर हंगामा हुआ. शहर के व्यस्त इलाके में एक मुस्लिम युवक ने महिला से छेड़छाड़ की. पीड़िता की चीख-पुकार सुन मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी युवक को जमकर पीटा. शिकायत के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए फौरन आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस घटना से आक्रोशित भीड़ ने छेड़छाड़ के आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए अल्थान इलाके में थाने के बाहर खूब हंगामा और प्रदर्शन किया. स्थानीय लोगों ने थाने के बाहर नारेबाजी की. इस दौरान, उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई. इसके बाद, पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा. थाने का घेराव करने आए लोगों में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे. लोग अपने हाथों में लाठी और डंडे लिए नजर आए. आरोपी को पीटा जब ये घटना सामने आई तो लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया. इसके बाद 112 नंबर पर कॉल करके पुलिस को बुलाया गया. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक ये खबर दावानल की तरह पूरे इलाके में फैल चुकी थी. इस वजह से बहुत सारे लोग वहां आ गए थे. इसके बाद, भीड़ ने पुलिस वैन से उतारकर आरोपी को पीटा. हालात बिगड़े तो और फोर्स बुलानी पड़ी और तब जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया. हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में भारी संख्या में पुलिस फोर्स इलाके में तैनात की गई है. ACP, सूरत ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. हम लोगों से अपील करते हैं कि कृपया कानून-व्यवस्था अपने हाथ न लें. पुलिस अपना काम कर रही है. हम दोषी को कड़ी सजा देंगे. विधायक ने की शांति की अपील मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक मनु पटेल भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने भी लोगों से शांति बहाल करने की अपील की. उन्होंने कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की. इस घटना के मद्देनजर, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है. क्राइम ब्रांच की टीम ने भी पूरे इलाके को राउंड अप किया. दूसरे थानों से भी पुलिस के जवान यहां पहुचे हैं. सूरत में ऐसा ही एक और घिनौना मामला सूरत की सरौली पुलिस ने इस घटना से पहले 21 वर्षीय मोजबीर को तीन साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में दबोचा था. बिहार निवासी आरोपी सरौली इलाके की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था. बीते गुरुवार दोपहर जब पीड़िता की मां कुछ काम से बाहर गई थी, तब शेख ने उसे अगवा कर लिया और छत पर बने बाथरूम में ले गया. वहां उसने पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न शुरू कर दिया. इससे पहले कि वह कोई और जघन्य अपराध कर पाता, पीड़िता की मां उसे ढूंढते हुए छत पर पहुंच गई. स्थानीय लोग तुरंत इकट्ठा हो गए और शेख की पिटाई कर दी. सरौली पुलिस को सूचना दी गई और शेख के खिलाफ बलात्कार के मामले में बीएनएस (बाल यौन उत्पीड़न अधिनियम) और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.
MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी

ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में जनसुनवाई में आई एक महिला 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने की धमकी (Threatening commit suicide) देने लगी. कलेक्ट्रेट परिसर (Collectorate Complex) के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ने से अचानक अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि महिला कलेक्टर जनसुनवाई में आई थी, 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांग रही थी। ग्वालियर में मंगलवार दोपहर एक महिला के हंगामे से कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे अफरा-तफरी मच गई। करीब 3:30 बजे एक महिला पांच मंजिला (लगभग 60 फीट) ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आई थी और 20 लाख रुपए आर्थिक मदद मांग रही थी। शाम 6 बजे के करीब महिला को टंकी से नीचे उतार लिया गया। महिला भूरी बानो खान का कहना है कि उसके पति और दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसने जिला प्रशासन से 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद की मांग की है। महिला ने चेतावनी दी थी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अपनी जान दे देगी। जानकारी के मुताबिक महिला मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में सहायता की मांग लेकर पहुंची थी। जब उसे तुरंत मदद नहीं मिली, तो उसने यह कदम उठा लिया और पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई। पुलिस ने उसकी बात सुनने और उसकी डिमांड पूरे करने को लेकर उसे झांसा दिया था, महिला को मिलने पहले एक महिला कांस्टेबल उसके पास टंकी पर चढ़कर गई थी और उसे बातों में उलझाया। कुछ देर बाद दूसरी महिला पुलिसकर्मी ऊपर पहुंची थी और उसे समझाने का प्रयास किया था, लेकिन महिला नहीं मानी थी, जिस पर महिला पुलिसकर्मी ने महिला को समय रहते पकड़ लिया। उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल चीन का नीचे फेंक दी थी। महिला बानो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह काफी दिनों से परेशान थी। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह उन्हें पालने में असमर्थ थी। उसके पति की मौत 4 साल पहले हो गई थी। वह ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक चलाने का काम करता था। उसकी मौत की रिपोर्ट करने में बहोड़ापुर थाने गई थी, लेकिन वहां पर मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने उसे पीटा और भगा दिया था। इसके बाद में कई बार एसपी ऑफिस शिकायत करने गई थी, लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद आर्थिक सहायता के लिए कई बार कलेक्ट कार्यालय की जनसंख्या में भी पहुंची, लेकिन वहां भी उसकी कोई मदद की नहीं की गई। महिला का कहना है कि उसे आर्थिक सहायता में प्रशासन से 20 लाख रुपए की मांग की थी। प्रशासन ने उसे कागज पर लिखकर दिया है कि 3 महीने के अंदर वह उसकी मांग पूरी कर देंगे।
MP: नीमच में सनसनीखेज घटना… घर की छत पर बिना कपड़े-खाने के तड़पती मिली महिला

नीमच। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच जिले (Neemuch district) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 40 साल की महिला (40 Year Old Woman) को उसके ही घर की छत पर बेहद विचलित कर देने वाली स्थिति में पाया गया। सीमा सोनी नाम की यह महिला पिछले पांच महीनों से चिलचिलाती धूप में बिना कपड़ों के, एक गंदी चादर के सहारे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि वह मुश्किल से बोल पा रही थी। जब अधिकारियों ने उसे पुकारा तो उसके मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- खाना। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमा पहले काफी मिलनसार स्वभाव की थी, लेकिन मानसिक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसने खुद को दुनिया से अलग कर लिया था। कई लोगों को तो यह तक लगा कि वह कहीं बाहर चली गई है। कैसे हुआ खुलासा?विभाग की परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव ने बताया कि उन्हें वीडियो फुटेज और कॉल्स के जरिए इस भयावह स्थिति की सूचना मिली थी। जब टीम इंदिरा नगर भगवानपुरा इलाके में पहुंची, तो सीमा को गंभीर रूप से कुपोषित और डिप्रेशन की स्थिति में पाया गया। उन्हें तुरंत खाना और पानी दिया गया और फिर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर, सीमा के पति अजीत सोनी ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार उनकी देखभाल कर रहा था। पति के अनुसार, सीमा साल 2016 से ही मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं और उनका इलाज अहमदाबाद और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में कराया जा चुका है। उन्होंने छत पर रहने की बात को जायज ठहराते हुए तर्क दिया कि घर में निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण उन्हें वहां रखा गया था। फिलहाल, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमा की जान बचाना है।
झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया

झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बालवासा गांव में एक महिला को कथित संबंधों के आरोप में ग्रामीणों ने क्रूर और अपमानजनक सजा दी। महिला के साथ मारपीट की गई, उसका सिर मुंडवाया गया और उसे अपने ही पति को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाने के लिए मजबूर किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते नजर आए। आरोप के नाम पर क्रूरता जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी और उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का आरोप लगाया गया। इसी को लेकर पति और कुछ ग्रामीण उसे जबरन गांव वापस लाए। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। गांव में घुमाकर किया अपमान ग्रामीणों ने महिला को मजबूर किया कि वह अपने पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घूमे। इस दौरान लोग तमाशबीन बने रहे। इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतिपाल सिंह महोबिया के अनुसार, मुख्य आरोपियों—सूर्या डामोर, दिलीप भूरिया, बाबू भूरिया और शैलेश भूरिया—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़िता सुरक्षित, जांच जारी पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में मौजूद कुरीतियों और भीड़ मानसिकता की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
महिला ने तलाक के बाद पति से मांगा 170 करोड़ का सोना, भड़का SC…. बोला- ऐसे मामलों को तुरंत रोक देना चाहिए

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान झूठे घरेलू हिंसा के मामलों पर चिंता जताई है। इस दौरान SC ने तलाक (Divorce) के बाद अपने पति से 170 करोड़ रुपये का सोना (Gold worth Rs 170 crore) मांगने वाली महिला को फटकार भी लगाई है। उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जिन मामलों में यह साफ-साफ दिख रहा है कि कोई ठोस आरोप नहीं हैं, ऐसे घरेलू हिंसा के मामलों को शुरुआत में ही रोक देना चाहिए। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला उस समय सामने आया जब पति ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के फैसले को SC में चुनौती दी। दोनों पक्षों के बीच समझौता पहले ही हो चुका था, लेकिन पत्नी की मांग पर हाईकोर्ट ने इस केस पर आगे की सुनवाई की इजाजत दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया। 170 करोड़ का सोना!महिला का दावा था कि तलाक के समझौते के बदले उसे 120 करोड़ रुपये के सोने के गहने और 50 करोड़ रुपये के सोने के बिस्किट देने का वादा किया गया था, यानी कुल 170 करोड़ रुपये का सोना। लेकिन सुप्रीम कोर्ट को इस दावे का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। SC ने पाया कि यह बात न तो लिखित समझौते में थी, न ही पहले के किसी कागज में इसका जिक्र था। यह दावा बाद में अचानक घरेलू हिंसा की शिकायत में सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि टैक्स से बचने के लिए इसे लिखित में नहीं डाला गया था और कहा कि यह कानून की अनदेखी दिखाता है। क्या था समझौता?दरअसल इस जोड़े की शादी साल 2000 में हुई थी। बाद में दोनों के बीच दूरियां आ गईं और वे 2022-23 से अलग रहने लगे। पति ने 2023 में तलाक की मांग की। इसके बाद मामला सुलह के लिए भेजा गया और 16 मई 2024 को समझौता हुआ, जिसमें 1.5 करोड़ रुपये का पूरा और अंतिम निपटारा तय हुआ। इस समझौते के बाद तलाक की पहली प्रक्रिया भी पूरी हो गई और दोनों पक्षों ने पैसे और गहनों का लेन-देन भी कर लिया। लेकिन बाद में महिला ने तलाक की दूसरी प्रक्रिया से पीछे हटकर घरेलू हिंसा का केस दर्ज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?हालांकि उच्चतम न्यायालय को घरेलू हिंसा के कोई सबूत नहीं मिले। SC ने अपने फैसले में कहा कि हिंसा को लेकर कोई खास घटना या ठोस विवरण नहीं दिया गया है और बस सामान्य आरोप लगाए गए थे। यह नहीं बताया गया कि पति या उसके परिवार के किस सदस्य ने क्या किया। SC ने यह भी नोट किया कि शादी के इतने लंबे समय तक कभी ऐसे आरोप नहीं लगाए गए थे और शिकायत तब दर्ज की गई जब समझौते का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका था। ऐसे में कोर्ट ने इसे बाद में सोच समझकर उठाया गया कदम बताया। अनुच्छेद 142 का इस्तेमालसुप्रीम कोर्ट ने सख्त शब्दों में कहा कि शादी के विवाद भावनात्मक हो सकते हैं, लेकिन केवल भावनाओं के आधार पर आपराधिक केस नहीं चलाए जा सकते। अगर ऐसा होने दिया गया तो कानून का गलत इस्तेमाल होगा और लोगों को बेवजह परेशान किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दोनों पक्ष अपनी मर्जी से समझौता करते हैं और उस पर अमल भी करते हैं, तो बिना ठोस कारण के बाद में उससे पीछे नहीं हट सकते। आखिर में अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए शादी को खत्म कर दिया और कहा कि यह रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है और अब इसमें कोई उम्मीद नहीं बची है। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि बाकी बची रकम तय समय में दी जाए, जमा पैसे वापस किए जाएं और दोनों के बीच चल रहे सभी केस खत्म माने जाएं।
MP NEWS : शाजापुर में बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर ऐंठे 33 लाख रुपये… महिला गिरफ्तार

MP NEWS : शाजापुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर जिले (Shajapur district) में ब्लैकमेलिंग (Blackmailing.) और अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग को ‘हनीट्रैप’ (‘Honeytrap) के जाल में फंसाकर वीडियो कॉल (Video call .) के जरिए ब्लैकमेलिंग कर उनसे अब तक 33 लाख रुपये ऐंठ लिए गए इसके बाद आरोपी अब 20 लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बघेल ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और पुलिस टीम भेजकर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया अन्य आरोपी फिलहाल फरार है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। शाजापुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुजुर्ग को वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है,यंहा वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी पार्वती और उसके साथियों राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी ने बुजुर्ग को डराना शुरू किया ओर उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसा देंगे ओर उनसे 33 लाख रुपये ले लिए,बुजुर्ग रमेशचंद्र ने बदनामी और जेल जाने के डर से शुरुआत में 5 हजार रुपये दिए। लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया और उन्होंने किस्तों में 5 लाख, 7 लाख आदि कुल 33 लाख रुपये की वसूली कर ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग से कई शपथ पत्रों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपियों ने दबाव कम नहीं किया। जान से मारने की दी धमकी वे अब रमेशचंद्र से 12 अप्रैल 2026 तक 20 लाख रुपए की और मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने और समाज में जलील करने की धमकी दी जा रही थी। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित ने कोतवाली थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। फरियादी रमेशचंद्र ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम साल 2023 में शुरू हुआ था। उनकी मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की महिला से हुई थी। पार्वती ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी महिला ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली। थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।
MP: खरगोन में महिला ने पहले 3 मासूमों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी कूदी…. तीनों बच्चों की मौत

खरगोन। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone District) के सनावद थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां पर एक महिला (Woman) ने अपने तीन मासूम बच्चों ( 3 Innocent Children) को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद भी कुएं में कूद गई। जिसके बाद तीनों बच्चों की तो पानी में डूबने से मौत हो गई, लेकिन महिला बच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर पति का कहना है कि महिला के साथ उसका कोई विवाद नहीं हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला नानी बाई ने अपने दो साल के बेटे अर्जुन और चार वर्षीय पुत्र करण को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी अपने लगभग 15 दिन के शिशु को लेकर कुएं में कूद गई। पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि यह घटना सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में हुई। खुद बाहर निकली, बच्चों की हो गई मौतहालांकि बताया जा रहा है कि नानी बाई तैरना जानती थी। उसने कुएं के भीतर मौजूद रस्सी और सीढ़ी के सहारे किसी तरह बाहर निकलने में सफलता पा ली, लेकिन उसके तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के समय महिला का पति काम पर गया थाघटना की सूचना मिलते ही सनावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के समय महिला का पति कालू मजदूरी के लिए खेतों में गया हुआ था। कालू ने पुलिस को बताया कि वह अपने लगभग 20 साथियों के साथ खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र से मजदूरी के लिए यहां आया हुआ था और सभी मजदूर गेहूं काटने का काम कर रहे थे। मजदूर खेत के पास ही अस्थायी रूप से रह रहे हैं। पति बोला- पत्नी के साथ नहीं हुआ था कोई विवादमहिला के पति ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे वह अन्य मजदूरों के साथ खेत में गेहूं काटने चला गया था। कुछ समय बाद उसे घटना की सूचना मिली। कालू के अनुसार उसका अपनी पत्नी नानी बाई के साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
BJP LEADERS: मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सीधी में महिला पिटाई अशोकनगर में युवक पर हमला कानून व्यवस्था पर सवाल

BJP LEADERS: मध्य प्रदेश। में दो अलग अलग घटनाओं ने राज्य में कानून व्यवस्था और महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीधी जिले के बहरी बाजार में स्थानीय भाजपा नेता और यूट्यूबर संतोष पाठक ने एक महिला को दुकान विवाद के कारण बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें पाठक महिला के बाल खींचते हुए उसे जमीन पर गिराकर लाठी से मारते नजर आए। पीड़िता का कहना है कि संतोष पाठक ने पहले उसकी दुकान हटवाई और अपनी जगह पर व्यापार शुरू कर दिया था। विवाद पुराना था लेकिन रविवार को आमने सामने होने पर हिंसा भड़क उठी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आईपीसी की धारा 323 294 और 506 के तहत मामला दर्ज किया है। GWLIOR FRAUD CASE : पता पूछने के बहाने ठगी, जुर्ग महिला से 4.5 लाख गहने हड़पे, CCTV में कैद हुईं दो महिलाएं इसी तरह अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र के बड़ेरा गांव में भाजपा नेता और सरपंच बली सिंह लोधी ने 34 वर्षीय युवक बृजकिशोर यादव को जमीन पर पटककर लात और थप्पड़ मारे। वीडियो में लोधी युवक को लगातार पीटते दिख रहे हैं। युवक का कहना है कि वह चौराहे पर बैठा था तभी सरपंच ने गालियां दी और विरोध करने पर हमला कर दिया। घटना एक ढाबे के पास हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया लेकिन गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठ रहे हैं। INDORE WATER CASE: मौतों के बाद भी लापरवाह सिस्टम: IDA दफ्तर में परोसा जा रहा दो साल पुराना एक्सपायरी पानी दोनों घटनाओं ने मध्य प्रदेश में महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। सीधी की पीड़िता हेमा सिंह स्टॉल चलाती हैं और उनकी आजीविका खतरे में है। संतोष पाठक ने सफाई देते हुए कहा कि महिला ने पहले उन पर चप्पल से हमला किया था लेकिन वायरल वीडियो में हमला असंतुलित लगता है। अशोकनगर में बृजकिशोर यादव ने मेडिकल जांच कराई और चोटों की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी। लोधी की राजनीतिक हैसियत के कारण स्थानीय लोग डर का माहौल बता रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन घटनाओं को जोड़कर लाडली बहना और बेटी बचाओ योजनाओं को खोखला बताया। उन्होंने तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। एनसीआरबी के आंकड़े दिखाते हैं कि एमपी में महिला अपराधों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। समाजसेवी संगठन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि राजनीतिक दबाव न पड़े। विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में छोटे विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं और कानून की पहुंच सीमित होती है। सीधी में बहरी बाजार विवाद महीनों पुराना था। प्रशासन को शिकायतें मिलीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे हिंसा भड़की। अशोकनगर में लोधी की सरपंची के कारण गांव में दबदबा है और युवक की पिटाई से महिलाएं और युवा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दोनों जगहों पर वीडियो वायरल होने से आक्रोश फैला और सोशल मीडिया पर #JusticeForMPVictims ट्रेंड कर रहा है। पुलिस ने दोनों मामलों में चोट अपशब्द और धमकी की धाराओं में FIR दर्ज की है। दोनों पीड़ितों ने मेडिकल जांच कराई लेकिन गिरफ्तारी में देरी के कारण राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो मजबूत सबूत हैं लेकिन जांच में देरी न्याय को कमजोर करती है। कांग्रेस ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया है और पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाएं असुरक्षित हैं। भाजपा ने इसे व्यक्तिगत विवाद बताया। यह मामला राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते हिंसक विवादों पर गंभीर प्रश्न उठाता है।