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अपान वायु मुद्रा से मिलेगा पीरियड्स दर्द में आराम, ऐंठन और थकान होगी कम

नई दिल्ली । महिलाओं के लिए मासिक धर्म का समय अक्सर असहजता से भरा होता है। पेट दर्द, ऐंठन, कमर में भारीपन और थकान जैसी समस्याएं कई बार इतनी बढ़ जाती हैं कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हर बार दवा लेना जरूरी या सही नहीं होता। यही वजह है कि आजकल प्राकृतिक तरीकों जैसे योग और हस्त मुद्राओं की ओर रुझान बढ़ रहा है। क्या है अपान वायु मुद्रा?अपान वायु मुद्रा एक विशेष हस्त मुद्रा है, जिसे योग में शरीर की ऊर्जा संतुलित करने के लिए किया जाता है। यह मुद्रा खासतौर पर पेट के निचले हिस्से में होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करने में मददगार मानी जाती है। कैसे मिलती है पीरियड्स में राहत?पीरियड्स के दौरान जब इस मुद्रा का अभ्यास किया जाता है, तो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। इससे पेट दर्द, ऐंठन और खिंचाव में राहत मिल सकती है। साथ ही यह शरीर को अंदर से शांत करने का काम करती है, जिससे थकान भी कम महसूस होती है। करने का सही तरीकाइस मुद्रा को करना बेहद आसान है-आराम से सुखासन में बैठ जाएंहाथों को घुटनों पर रखें, हथेलियां ऊपर की ओर रहेंतर्जनी उंगली को मोड़कर अंगूठे की जड़ से लगाएंमध्यमा और अनामिका उंगली को मोड़कर अंगूठे से स्पर्श कराएंछोटी उंगली सीधी रखेंआंखें बंद कर शांत मन से कुछ मिनट तक अभ्यास करेंमानसिक तनाव में भी फायदेमंदपीरियड्स के दौरान कई महिलाओं को चिड़चिड़ापन, बेचैनी और तनाव महसूस होता है। यह मुद्रा मन को शांत करने में मदद करती है, जिससे मूड बेहतर हो सकता है और मानसिक संतुलन बना रहता है। पाचन और ऊर्जा पर भी असरअपान वायु मुद्रा पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच और भारीपन में भी राहत दे सकती है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का स्तर संतुलित रहता है और दिनभर एक्टिव महसूस होता है। ध्यान रखने वाली जरूरी बातेंखाना खाने के तुरंत बाद इस मुद्रा का अभ्यास न करेंशुरुआत में कम समय के लिए करें, धीरे-धीरे अवधि बढ़ाएंअगर कोई गंभीर समस्या या दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें